बिहार: अनंत सिंह पर कार्रवाई को नीतीश कुमार की मंजूरी, संजय झा बोले- अनुशासन से चलती है पार्टी

BNT
By
9 Min Read

BNT Desk: बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह पर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की कार्रवाई को लेकर बयानबाजी जारी है। इसी बीच पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा है कि अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई नीतीश कुमार की सहमति के बाद की गई है। उन्होंने पार्टी में अनुशासन को सबसे अहम बताते हुए कहा कि कोई भी पार्टी अनुशासन के आधार पर ही चलती है।

संजय झा के मुताबिक, जेडीयू में बड़े फैसले सभी नेताओं की सहमति से लिए जाते हैं। पार्टी में किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय पर विचार-विमर्श होता है और अंतिम मुहर राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार लगाते हैं। उनके इस बयान को अनंत सिंह के खिलाफ हुई कार्रवाई के पीछे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की भूमिका स्पष्ट करने के तौर पर देखा जा रहा है।

अनंत सिंह पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के बाद कार्रवाई की गई थी। विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह ने जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के विरोध में प्रचार किया था और जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया था। इसके बाद पार्टी ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को निष्कासित कर दिया।

 

‘अनुशासन से चलती है पार्टी’

संजय झा ने अपने बयान में पार्टी के अनुशासन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन को चलाने के लिए नियमों और अनुशासन का पालन करना जरूरी है। किसी भी नेता को पार्टी की नीतियों और फैसलों के खिलाफ जाकर काम करने की छूट नहीं दी जा सकती। पार्टी के भीतर मतभेद होने पर उन्हें उचित मंच पर उठाना चाहिए।

उनके अनुसार, जेडीयू में फैसले किसी एक व्यक्ति की मनमर्जी से नहीं लिए जाते, बल्कि सभी संबंधित नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया जाता है। इसके बाद नीतीश कुमार अंतिम निर्णय लेते हैं। अनंत सिंह पर कार्रवाई के संदर्भ में संजय झा का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस मामले में पार्टी नेतृत्व की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे।

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद विधान परिषद चुनाव के दौरान सामने आया था। पार्टी की ओर से विवाद सुलझाने के प्रयास भी किए गए थे। हालांकि, अनंत सिंह का रुख पार्टी की चुनावी रणनीति के विपरीत बना रहा। इसके बाद जेडीयू ने उनके खिलाफ कार्रवाई की।

 

नीरज कुमार की जीत पर दी बधाई

संजय झा ने नीरज कुमार की जीत पर उन्हें बधाई भी दी। नीरज कुमार जेडीयू के वरिष्ठ नेता हैं और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार थे। चुनाव के दौरान उनके और अनंत सिंह के बीच राजनीतिक विवाद चर्चा में रहा था।

नीरज कुमार की जीत को जेडीयू के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी के भीतर ही मतभेद खुलकर सामने आए थे। अनंत सिंह ने नीरज कुमार का विरोध करते हुए दूसरे उम्मीदवार का समर्थन किया था। ऐसे में नीरज कुमार की जीत के बाद पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर राजनीतिक हलकों की नजर थी।

संजय झा ने जीत पर बधाई देकर पार्टी उम्मीदवार के प्रदर्शन पर संतोष जताया। वहीं, अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उनके बयान से यह संदेश देने की कोशिश भी दिखाई देती है कि पार्टी अपने संगठनात्मक अनुशासन और चुनावी रणनीति के मामले में समझौता नहीं करना चाहती।

 

चुनाव में हार को लेकर कांग्रेस पर हमला

संजय झा ने अपने बयान में कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने हालिया चुनावी नतीजों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी पर सवाल उठाए। संजय झा ने कहा कि राहुल गांधी को यह बताना चाहिए कि यदि चुनाव में वोट चोरी हुई थी, तो वैध मतपत्रों या बैलेट बॉक्स से चुनाव होने के बावजूद कांग्रेस को अपेक्षित सफलता क्यों नहीं मिली।

उन्होंने विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया पर उठाए जाने वाले सवालों पर भी आपत्ति जताई। संजय झा का कहना था कि चुनाव में हार के बाद कांग्रेस और विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं, जबकि उन्हें अपने प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए।

हालांकि, चुनावी नतीजों के आधार पर किसी भी दल के आरोपों या दावों को अपने आप सही या गलत नहीं माना जा सकता। चुनाव में कथित अनियमितताओं के सवालों का फैसला संबंधित तथ्यों, शिकायतों और आधिकारिक जांच के आधार पर ही किया जा सकता है। संजय झा की टिप्पणी को कांग्रेस के खिलाफ जेडीयू के राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है।

‘जनता विपक्ष को जवाब दे रही है’

संजय झा ने विपक्ष पर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं, लेकिन जनता चुनावों में अपने फैसले के जरिए उन्हें जवाब दे रही है।

उन्होंने कांग्रेस की राजनीति और उसके नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी जनता के मुद्दों से ध्यान हटाकर राजनीतिक विवादों को बढ़ावा दे रही है। संजय झा ने कांग्रेस के नेतृत्व और उसके नेताओं की बयानबाजी की भी आलोचना की।

उनके बयान में कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी के अन्य नेताओं को लेकर भी टिप्पणी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति परिवार-केंद्रित है और उसके नेताओं के बयान भी इसी सोच को दर्शाते हैं। ये संजय झा के राजनीतिक आरोप हैं; कांग्रेस की ओर से इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया मिलने पर उसका पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।

 

बांग्लादेश की घटना का जिक्र कर विपक्ष को घेरा

संजय झा ने अपने बयान में बांग्लादेश में हुई घटना का उल्लेख करते हुए कांग्रेस और उसके साथ खड़े लोगों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस से जुड़े कुछ लोग ऐसी घटनाओं को सही ठहराने वाली बातें कर रहे हैं। उन्होंने विपक्षी दलों पर भी तीखी टिप्पणी की।

हालांकि, उपलब्ध बयान में बांग्लादेश की किस विशेष घटना और किन लोगों की टिप्पणियों का जिक्र किया गया, इसका स्पष्ट विवरण नहीं है। इसलिए इस आरोप को किसी खास घटना या व्यक्ति से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा, जब तक उसके बारे में अधिक जानकारी सामने न आए।

 

जेडीयू और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज

संजय झा के इस बयान से बिहार की राजनीति में जेडीयू और कांग्रेस के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। एक ओर जेडीयू अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई को संगठनात्मक अनुशासन से जोड़कर देख रही है, वहीं दूसरी ओर संजय झा ने चुनावी नतीजों और कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाए हैं।

अनंत सिंह का मामला भी पार्टी के भीतर अनुशासन और नेतृत्व के फैसले से जुड़ा हुआ है। संजय झा ने स्पष्ट किया कि पार्टी में बड़े निर्णय सामूहिक सहमति से लिए जाते हैं और अंतिम फैसला नीतीश कुमार की मुहर के बाद होता है। अब इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जेडीयू अपने संगठन में अनुशासन बनाए रखने के लिए आगे क्या कदम उठाती है और कांग्रेस इन आरोपों पर किस तरह प्रतिक्रिया देती है।

Share This Article