BNT Desk: बिहार के सीवान जिले में बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर करने वाले कथित गिरोह का मामला सामने आया है। लकड़ी गांव में पांच वर्षीय बच्चे को चॉकलेट देकर बहलाने और अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इसके बाद उसकी पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी की पहचान महराजगंज थाना क्षेत्र के महुआर निवासी विजयराज के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने उसे संदिग्ध गतिविधि करते देखा, जिसके बाद पकड़कर पूछताछ की गई। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया।
चॉकलेट देकर बच्चे को बहलाने का आरोप
बताया गया कि आरोपी ने पांच वर्षीय बच्चे को चॉकलेट देकर अपने साथ ले जाने की कोशिश की थी। बच्चे के परिजनों और ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी बच्चों को बहलाकर अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहा था। घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया। लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
बच्चों से भीख मंगवाने वाले गिरोह का खुलासा
रिपोर्ट में बताया गया है कि पूछताछ के दौरान बच्चों से भीख मंगवाने वाले कथित गिरोह से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। आरोपी पर बच्चों को बहला-फुसलाकर गिरोह के हवाले करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि गिरोह बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर करता था। इस मामले के सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
तीन राज्यों तक फैले नेटवर्क की बात
रिपोर्ट के अनुसार, पकड़े गए आरोपी ने कथित तौर पर ऐसे नेटवर्क की जानकारी दी, जो बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश और अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय बताया जा रहा है। इसमें सीवान, गोपालगंज, छपरा और आसपास के इलाकों का जिक्र किया गया है। बताया गया है कि गिरोह रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ग्रामीण इलाकों में बच्चों को निशाना बनाता था। हालांकि, नेटवर्क के विस्तार और इसमें शामिल लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस मामले में आरोपी की भूमिका और कथित गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है। बच्चों को बहलाकर ले जाने और उनसे भीख मंगवाने के आरोप गंभीर हैं। ऐसे मामलों में पुलिस जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या आरोपी किसी संगठित गिरोह से जुड़ा था और क्या अन्य बच्चे भी इसके शिकार हुए हैं।