BNT Desk: बिहार के उच्च शिक्षा जगत के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। पटना स्थित Patliputra University ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारतीय रसायन परिषद यानी इंडियन केमिकल काउंसिल ने विश्वविद्यालयों की श्रेणी में Patliputra University को देश में सर्वोच्च स्थान दिया है। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया।
औरंगाबाद में आयोजित अधिवेशन में मिला सम्मान
Patliputra University को यह सम्मान औरंगाबाद में आयोजित भारतीय रसायन परिषद के 45वें वार्षिक अधिवेशन के दौरान दिया गया। कार्यक्रम में परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर रणजीत वर्मा ने मंच से विश्वविद्यालय को देश में सर्वश्रेष्ठ घोषित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर हासिल उपलब्धि को रेखांकित किया गया। यह सम्मान Patliputra University के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे विश्वविद्यालय की पहचान देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत हुई है।
करीब 100 शिक्षण संस्थानों ने लिया हिस्सा
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता और अधिवेशन में करीब 100 विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों ने भाग लिया था। इतने बड़े स्तर पर संस्थानों की भागीदारी के बीच Patliputra University को सर्वोच्च स्थान मिलना बिहार के शिक्षा क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। विश्वविद्यालय को मिले इस सम्मान से राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और मजबूत होने की उम्मीद है। यह उपलब्धि अन्य शिक्षण संस्थानों को भी शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित कर सकती है।
कुलपति ने जताई खुशी
Patliputra University के कुलपति प्रोफेसर उपेंद्र प्रसाद सिंह ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है। कुलपति के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। इससे शिक्षकों, विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय से जुड़े सभी लोगों का उत्साह बढ़ेगा।
बिहार की उच्च शिक्षा को मिली नई पहचान
Patliputra University को देश में सर्वोच्च स्थान मिलने से बिहार के उच्च शिक्षा संस्थानों की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है। यह उपलब्धि राज्य में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों को सामने लाने का अवसर भी है। अब विश्वविद्यालय के सामने अपनी इस उपलब्धि को बरकरार रखने की चुनौती होगी। आने वाले समय में शिक्षा, शोध और शैक्षणिक गुणवत्ता के क्षेत्र में विश्वविद्यालय कितनी प्रगति करता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।