BNT Desk: बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए जरूरी खबर है। राज्य में 1 नवंबर से नए बिजली कनेक्शन के लिए सर्विस कनेक्शन शुल्क की नई दरें लागू होने जा रही हैं। अब उपभोक्ताओं को कनेक्शन लेने से पहले अपने द्वारा मांगे गए बिजली लोड के हिसाब से निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।
नई व्यवस्था का असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शन लेने वालों पर भी पड़ेगा। बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले लोगों को अब पहले से तय दरों के अनुसार भुगतान करना होगा। इससे आवेदन के समय ही उपभोक्ताओं को यह जानकारी मिल सकेगी कि उनके कनेक्शन के लिए कितना सर्विस शुल्क देना होगा। नई दरें उन क्षेत्रों में लागू होंगी, जहां पहले से बिजली की सुविधा उपलब्ध है। शुल्क जमा होने के बाद बिजली कंपनी तकनीकी जरूरतों के अनुसार मीटर तक लाइन और सर्विस तार उपलब्ध कराएगी।
जुलाई में बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने दी थी मंजूरी
बिजली कनेक्शन के सर्विस शुल्क में बदलाव को बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने जुलाई में मंजूरी दी थी। यह मंजूरी बिजली कंपनियों की ओर से दाखिल याचिका के आधार पर दी गई थी। इसके बाद 29 जुलाई को बिजली वितरण कंपनियों ने सभी संबंधित जिलों को नई दरों की जानकारी भेज दी थी। अब 1 नवंबर से नई दरों को लागू किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन के लिए सर्विस कनेक्शन शुल्क निर्धारित किया गया है। बिजली कंपनियों ने नई दरों को लागू करने के लिए अपने सभी अंचलों, प्रमंडलों और उपप्रमंडलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य नए बिजली कनेक्शन के लिए शुल्क को पहले से निर्धारित करना है, ताकि उपभोक्ताओं को आवेदन के दौरान शुल्क की जानकारी मिल सके और भुगतान की प्रक्रिया स्पष्ट रहे।
आवेदन के समय ही पता चलेगा कितना देना होगा शुल्क
नई दरों के लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करते समय ही अपने स्वीकृत या मांगे गए लोड के अनुसार सर्विस शुल्क की जानकारी मिल जाएगी। इससे कनेक्शन लेने की प्रक्रिया में शुल्क को लेकर स्पष्टता रहेगी। बिजली कंपनियां आवेदन पर निर्धारित शुल्क के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगी। हालांकि, नई दरें उन इलाकों के लिए बताई गई हैं, जहां पहले से बिजली की सुविधा उपलब्ध है। कनेक्शन देने के दौरान तकनीकी जरूरतों के अनुसार मीटर तक लाइन और सर्विस तार उपलब्ध कराने की व्यवस्था बिजली कंपनी करेगी।
सिंगल फेज कनेक्शन के लिए नई दरें
एलटी सिंगल फेज श्रेणी में 7 किलोवाट तक के कनेक्शन शामिल किए गए हैं। इस श्रेणी में घरेलू सहित अन्य पात्र उपभोक्ताओं के लिए लोड के आधार पर सर्विस कनेक्शन शुल्क निर्धारित किया गया है।
नई दरों के अनुसार:
- 3 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए: 900 रुपये
- 3 किलोवाट से अधिक लोड पर: 2,700 रुपये
- अतिरिक्त लोड: निर्धारित सीमा से अधिक प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट के लिए 1,000 रुपये
इस श्रेणी में नया कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को अपने मांगे गए लोड के अनुसार शुल्क जमा करना होगा। आवेदन से पहले लोड की जरूरत का आकलन करना उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी होगा, क्योंकि शुल्क उसी के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
थ्री फेज कनेक्शन पर कितना लगेगा शुल्क?
एलटी थ्री फेज कनेक्शन के लिए बिजली कंपनियों ने अलग-अलग लोड के अनुसार सर्विस शुल्क निर्धारित किया है। इसमें 5 से 19 किलोवाट और 20 से 44 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं।
5 से 19 किलोवाट तक के कनेक्शन
इस श्रेणी में नई दरें इस प्रकार हैं:
- 5 किलोवाट तक: 4,500 रुपये
- 5 किलोवाट से अधिक: 4,500 रुपये के साथ प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट पर 1,500 रुपये
इस श्रेणी में कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को निर्धारित शुरुआती शुल्क के साथ अतिरिक्त लोड के हिसाब से भुगतान करना होगा।
20 से 44 किलोवाट तक के कनेक्शन
इस श्रेणी के लिए सर्विस कनेक्शन शुल्क इस प्रकार निर्धारित किया गया है:
- 20 किलोवाट तक: 21,000 रुपये
- 20 किलोवाट से अधिक: 21,000 रुपये के साथ प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट पर 2,000 रुपये
इस तरह अधिक लोड वाले थ्री फेज कनेक्शन के लिए शुल्क भी लोड के अनुसार बढ़ेगा। व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को आवेदन करते समय अपने कनेक्शन की जरूरत के अनुसार निर्धारित दरों का भुगतान करना होगा।
बिजली वितरण कंपनियों ने जारी किए निर्देश
नई दरों को लागू करने के लिए दोनों बिजली वितरण कंपनियों ने अपने सभी अंचलों, प्रमंडलों और उपप्रमंडलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत 1 नवंबर से नए बिजली कनेक्शन के आवेदन पर निर्धारित सर्विस शुल्क के अनुसार प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बिजली कंपनियों की ओर से जिलों को नई दरों की जानकारी पहले ही भेजी जा चुकी है। अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुराने शुल्क के बजाय निर्धारित नई दरों के अनुसार भुगतान करना होगा।
घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर
नई दरों का असर उन सभी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जो 1 नवंबर या उसके बाद नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन करेंगे। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सिंगल फेज कनेक्शन की दरें महत्वपूर्ण होंगी, जबकि अधिक लोड की जरूरत वाले व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को थ्री फेज श्रेणी के शुल्क के अनुसार भुगतान करना होगा। नई व्यवस्था में लोड के आधार पर शुल्क पहले से निर्धारित होने के कारण उपभोक्ताओं को आवेदन के समय खर्च का अनुमान लगाने में सुविधा होगी। बिजली कनेक्शन लेने से पहले उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार लोड तय करना होगा और उसी के आधार पर सर्विस शुल्क जमा करना होगा।