BNT Desk: बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। रायपुरा केमिकल फैक्ट्री के समीप तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट गहरे तालाब में जा गिरी। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घंटों तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद ग्रामीणों की मदद से तालाब से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया। वहीं, वाहन में एक अन्य व्यक्ति के सवार होने की आशंका के मद्देनजर उसकी तलाश जारी है। देर रात करीब साढ़े 12 बजे क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को तालाब से बाहर निकाला गया। गाड़ी के चारों शीशे टूटे हुए मिले। पुलिस ने वाहन की तलाशी लेकर कुछ सामान और कागजात बरामद किए हैं। फिलहाल मृतक की पहचान, वाहन के मालिक और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
पानी में जलती गाड़ी की लाइट देखकर ग्रामीणों ने मचाया शोर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुक्रवार की देर रात स्कॉर्पियो रायपुरा केमिकल फैक्ट्री के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और गाड़ी सीधे गहरे तालाब में जा गिरी। वादे हसनपुर गांव निवासी कैलाश सिंह ने बताया कि वह रात में अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर तालाब के पानी के भीतर जलती हुई गाड़ी की लाइट पर पड़ी। पहले उन्हें स्थिति का अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन जब उन्होंने पानी में वाहन देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया। कैलाश सिंह की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने पुलिस और प्रशासन को हादसे की सूचना दी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने बचाव अभियान में मदद शुरू कर दी। तालाब गहरा होने और स्कॉर्पियो पूरी तरह पानी में डूब जाने के कारण उसमें फंसे लोगों तक पहुंचना काफी मुश्किल था।
ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर चलाया बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों ने बचाव कार्य में मोर्चा संभाल लिया। धोबी गांव निवासी योगेश पंडित और राजेश साह ने अपनी जान की परवाह किए बिना गहरे तालाब में कई बार डुबकी लगाई। उनका प्रयास था कि वाहन में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके। हालांकि, पानी में पूरी तरह डूबी स्कॉर्पियो तक पहुंचना और उसके भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल साबित हुआ। काफी मशक्कत के बाद एक व्यक्ति का शव पानी से बाहर निकाला गया। शव की तत्काल पहचान नहीं हो सकी। ग्रामीणों के सहयोग से क्रेन मंगवाई गई। रात करीब 12:30 बजे क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को तालाब से बाहर निकाला गया। गाड़ी के चारों शीशे टूटे हुए पाए गए। इसके बाद पुलिस ने वाहन की तलाशी ली और उसमें मौजूद सामान तथा कागजात को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया।
स्कॉर्पियो पर नहीं थी नंबर प्लेट, कागजात पूर्णिया से जुड़े
पुलिस की तलाशी के दौरान दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो से पूजा-पाठ की सामग्री, मिठाई और कुछ अहम कागजात मिले। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बरामद कागजात पूर्णिया से संबंधित बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन दस्तावेजों के आधार पर वाहन के मालिक या मृतक की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हैरानी की बात यह है कि स्कॉर्पियो पर नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी। इससे वाहन की पहचान करने और उसके मालिक तक पहुंचने में पुलिस को परेशानी हो रही है। पुलिस कागजात और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वाहन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। गाड़ी में पूजा-पाठ की सामग्री और मिठाई मिलने के बाद स्थानीय लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि वाहन में सवार लोग पूजा-अर्चना करके लौट रहे होंगे। हालांकि, यह केवल स्थानीय स्तर पर जताई जा रही आशंका है। पुलिस की ओर से इस बात की पुष्टि नहीं की गई है कि वाहन में सवार लोग किसी पूजा से लौट रहे थे या उनका सफर कहां से शुरू हुआ था।
वाहन में दो लोगों के सवार होने की आशंका
ग्रामीणों का दावा है कि स्कॉर्पियो में दो लोग सवार थे। एक व्यक्ति का शव मिलने के बाद दूसरे व्यक्ति के भी तालाब में डूबे होने की आशंका जताई जा रही है। इसी संभावना को देखते हुए दूसरे व्यक्ति की तलाश के लिए विशेष बचाव दल की मदद लेने की तैयारी की गई। बताया गया कि बांका में एसडीआरएफ की स्थानीय व्यवस्था नहीं होने के कारण रात में बचाव अभियान चलाने में दिक्कतें आईं। प्रशासन ने शनिवार सुबह विशेष बचाव दल की मदद से दोबारा तलाशी अभियान चलाने की बात कही। फिलहाल दूसरे व्यक्ति की मौजूदगी और उसके तालाब में डूबने की आशंका की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन ग्रामीणों की जानकारी के आधार पर तलाश की तैयारी कर रहे हैं। बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वाहन में वास्तव में कितने लोग सवार थे।
अधिकारी मौके पर पहुंचे, पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीओ राजकुमार, बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा, सर्किल इंस्पेक्टर राजेश कुमार, नवादा थानाध्यक्ष सुजीत कुमार और एसआई पवन कुमार, शुभम कुमार तथा विनोद कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों के सहयोग से चल रहे बचाव कार्य की निगरानी की। देर रात तक तालाब के किनारे लोगों की भारी भीड़ जुटी रही। हादसे के बाद पूरे इलाके में बेचैनी का माहौल बना रहा और लोग दूसरे संभावित सवार की तलाश को लेकर जानकारी जुटाते रहे।
एसडीओ राजकुमार ने बताया कि तालाब में गिरी स्कॉर्पियो से एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। ग्रामीणों ने वाहन में दूसरे व्यक्ति के भी होने की आशंका जताई है। उसकी तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम बुलाई जा रही है। वाहन से मिले कागजात के आधार पर मृतक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वाहन की पहचान, दुर्घटना के कारणों और दूसरे व्यक्ति की मौजूदगी को लेकर जांच जारी है।
हादसे के कारणों और वाहन की पहचान की जांच जारी
इस दर्दनाक हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो किसकी थी और उसमें कितने लोग सवार थे। वाहन से मिले कागजात पूर्णिया से संबंधित बताए जा रहे हैं, लेकिन इससे अभी तक वाहन की पूरी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि स्कॉर्पियो कहां से आ रही थी और किस दिशा में जा रही थी। शुरुआती जानकारी में तेज रफ्तार के कारण चालक के नियंत्रण खोने की बात सामने आई है, लेकिन दुर्घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मृतक की पहचान, दूसरे संभावित सवार की तलाश और वाहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद हादसे की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।