BNT Desk: बिहार के गया जी एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान करीब 110 ग्राम वजन की सुनहरे रंग की संदिग्ध धातु बरामद की गई है। यह धातु बिस्कुट के आकार की बताई जा रही है और इसके सोना होने का संदेह है। मामले में मध्य प्रदेश के रहने वाले एक यात्री को विमान के कोलकाता पहुंचने पर आयकर विभाग के अधिकारियों ने हिरासत में लेकर जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार, बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11:40 बजे गया जी एयरपोर्ट के घरेलू सुरक्षा होल्ड क्षेत्र में यह मामला सामने आया। यात्री इंडिगो की घरेलू उड़ान से कोलकाता जाने वाला था। उड़ान में सवार होने से पहले उसके हैंडबैग की एक्स-रे मशीन से जांच की जा रही थी। इसी दौरान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान को बैग के अंदर सघन धातु जैसी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। इसके बाद बैग को अलग कर उसकी गहन तलाशी ली गई। तलाशी में सुनहरे रंग की बिस्कुटनुमा धातु मिली, जिसका वजन लगभग 110 ग्राम बताया गया है। यात्री से जब इस वस्तु से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वह उन्हें प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित विभागों को सूचना दी।
एक्स-रे जांच में कैसे सामने आया मामला?
एयरपोर्ट पर यात्रियों के सामान की जांच नियमित सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। इसी प्रक्रिया के दौरान CISF की एक्स-रे बैगेज निरीक्षण प्रणाली में यात्री के हैंडबैग के भीतर एक असामान्य और सघन धातु जैसी वस्तु दिखाई दी। स्क्रीनिंग कर रहे कर्मी ने संदिग्ध वस्तु को पहचानने के बाद बैग की भौतिक जांच कराने का निर्णय लिया। गहन तलाशी के दौरान बिस्कुट के आकार की सुनहरी धातु बरामद हुई। प्रारंभिक जानकारी में इसका वजन करीब 110 ग्राम बताया गया है। हालांकि, केवल रंग, आकार और वजन के आधार पर किसी धातु को सोना घोषित नहीं किया जा सकता। इसके लिए संबंधित विभाग की ओर से आवश्यक जांच और पुष्टि की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। यात्री के पास बरामद वस्तु के संबंध में दस्तावेज नहीं होने के कारण मामले को आगे की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया। CISF ने गया और पटना में आयकर विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। इसके साथ ही कोलकाता में संबंधित सुरक्षा अधिकारियों को भी जानकारी दी गई, ताकि विमान के पहुंचने पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कोलकाता पहुंचने पर आयकर विभाग ने लिया हिरासत में
गया एयरपोर्ट पर संदिग्ध धातु मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया। विमान के कोलकाता पहुंचने पर आयकर विभाग के अधिकारियों ने यात्री को वैधानिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया। इसके बाद बरामद वस्तु और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर जांच शुरू की गई। इस कार्रवाई में गया एयरपोर्ट पर तैनात CISF की क्राइम इंटेलिजेंस विंग की भूमिका बताई गई है। संदिग्ध वस्तु मिलने के बाद विभाग ने गया और पटना के आयकर अधिकारियों को सूचना दी थी। कोलकाता में भी पहले से जानकारी साझा की गई, जिससे विमान के पहुंचने पर संबंधित यात्री के संबंध में कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों की ओर से फिलहाल बरामद धातु के वास्तविक स्वरूप, उसकी शुद्धता और उसके स्रोत की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जाना है कि यात्री उस वस्तु को कहां से लेकर आया था और उसके पास उससे जुड़े दस्तावेज क्यों नहीं थे। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से संबंधित तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
मध्य प्रदेश का रहने वाला है यात्री
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिया गया यात्री मध्य प्रदेश का रहने वाला है। वह दिल्ली से गया होते हुए कोलकाता की यात्रा कर रहा था। गया एयरपोर्ट पर उसकी सुरक्षा जांच के दौरान ही संदिग्ध धातु का पता चला। यात्री के यात्रा मार्ग और बरामद वस्तु के संबंध में अधिकारियों की ओर से जानकारी जुटाई जा रही है। जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि वस्तु का स्रोत क्या है, उसका स्वामित्व किसके पास है और क्या उसके परिवहन से संबंधित कोई नियम या कानूनी प्रावधान प्रभावित हुआ है। हालांकि, यात्री के पास दस्तावेज नहीं होने की बात सामने आई है, लेकिन इससे अकेले यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वह तस्करी में शामिल था। मामले में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही निकाला जा सकेगा।
सोना होने की पुष्टि और स्रोत की जांच जारी
इस पूरे मामले में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बरामद 110 ग्राम की धातु वास्तव में सोना है या कोई अन्य धातु। शुरुआती जानकारी में इसे संदिग्ध सोना बताया गया है। इसकी शुद्धता, संभावित कीमत और स्रोत के बारे में अभी अंतिम पुष्टि सामने नहीं आई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगी कि यात्री ने धातु कहां से प्राप्त की थी और क्या उसके पास खरीद, स्वामित्व या परिवहन से जुड़े कोई प्रमाण हैं। यदि जांच में किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। गया जी एयरपोर्ट पर हुई इस बरामदगी में CISF की सुरक्षा जांच और विभिन्न विभागों के बीच समय पर सूचना साझा करने की भूमिका अहम रही। फिलहाल मामले की जांच जारी है और बरामद धातु की आधिकारिक पुष्टि तथा यात्री से संबंधित अन्य जानकारी सामने आने का इंतजार है।