BNT Desk: पटना के खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। बिहार में खेल सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में खेल विभाग और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण (BSSA) ने बड़ी पहल की है। राजधानी के कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर के एथलेटिक्स रनिंग ट्रैक और प्राकृतिक घास वाले मैदान का व्यापक नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद बिहार के एथलीटों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। इससे राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी करने में सहूलियत होगी। आधुनिक खेल सुविधाओं से खिलाड़ियों को अपनी तकनीक और प्रदर्शन सुधारने का बेहतर अवसर मिल सकता है।
400 मीटर के आठ लेन वाले ट्रैक का होगा पुनर्निर्माण
परियोजना के तहत परिसर में मौजूद 400 मीटर लंबे आठ लेन वाले सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का नए सिरे से पुनर्निर्माण किया जाएगा। पुराने ट्रैक की खराब और जर्जर परतों को हटाकर आधुनिक तकनीक से नई सतह तैयार की जाएगी। निर्माण कार्य के दौरान पुराने सिंथेटिक कंक्रीट को हटाया जाएगा और पुराने डामर यानी एस्फाल्ट की मिलिंग की जाएगी। इसके बाद पूरी सतह पर डामर की नई परत बिछाकर आठ लेन वाला सिंथेटिक रनिंग ट्रैक बनाया जाएगा। इस ट्रैक को बिहार में अपनी श्रेणी का पहला सिंथेटिक ट्रैक बताया जा रहा है। निर्माण के दौरान गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखने की योजना है, ताकि खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर और सुरक्षित सतह मिल सके।
बारिश में जलजमाव रोकने के लिए नई ड्रेनेज व्यवस्था
ट्रैक के आधुनिकीकरण के साथ परिसर की जल निकासी व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए नई ड्रेनेज लाइन और कलेक्शन चैंबर बनाए जाएंगे। इससे बारिश का पानी तेजी से बाहर निकल सकेगा और ट्रैक पर जलजमाव की समस्या कम होगी। जल निकासी की बेहतर व्यवस्था खिलाड़ियों के नियमित अभ्यास के लिए महत्वपूर्ण होगी। बारिश के बाद ट्रैक पर पानी जमा रहने से अभ्यास प्रभावित हो सकता है। नई व्यवस्था से ऐसी बाधाओं को कम करने और ट्रैक को उपयोग के अनुकूल बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा खिलाड़ियों की जरूरत के अनुसार ट्रैक पर विश्वस्तरीय खेल उपकरण भी लगाए जाने की योजना है।
प्राकृतिक घास वाले मैदान का भी होगा कायाकल्प
सिंथेटिक ट्रैक के साथ पाटलिपुत्र खेल परिसर के प्राकृतिक घास वाले मैदान का भी व्यापक नवीनीकरण किया जाएगा। मैदान को इस तरह विकसित करने की योजना है कि बारिश के बाद पानी अधिक समय तक जमा न रहे और खिलाड़ियों को अभ्यास में परेशानी न हो। इसके लिए जमीन के नीचे विशेष ड्रेनेज पाइप बिछाए जाएंगे। पाइपों के ऊपर बजरी की जल निकासी परत तैयार की जाएगी। इसके बाद श्रेणीबद्ध रेत आधारित रूटजोन विकसित किया जाएगा। इसी आधुनिक आधार पर नई बरमूडा घास लगाई जाएगी। इस तकनीक से मैदान की सतह बेहतर बनने और अतिरिक्त पानी को जमीन के भीतर से तेजी से बाहर निकालने में मदद मिलेगी। इससे मैदान को लंबे समय तक खेलने और अभ्यास के अनुकूल बनाए रखने में सहूलियत होगी।
मैदान में लगेगा आधुनिक पॉप-अप स्प्रिंकलर सिस्टम
मैदान की देखभाल और घास को बेहतर स्थिति में बनाए रखने के लिए आधुनिक पॉप-अप स्प्रिंकलर सिस्टम भी लगाया जाएगा। यह स्वचालित छिड़काव प्रणाली होगी, जिससे पूरे मैदान में समान तरीके से पानी पहुंचाया जा सकेगा। इस व्यवस्था से घास को जरूरत के अनुसार पानी मिलेगा और सिंचाई की प्रक्रिया आसान होगी। आधुनिक ड्रेनेज और सिंचाई प्रणाली के संयोजन से मैदान की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण माहौल
पाटलिपुत्र खेल परिसर के आधुनिकीकरण का सबसे बड़ा फायदा बिहार के खिलाड़ियों को मिलने की उम्मीद है। बेहतर सिंथेटिक ट्रैक, आधुनिक प्राकृतिक घास का मैदान और खेल उपकरण उपलब्ध होने से खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर माहौल मिलेगा। खासकर एथलेटिक्स और अन्य खेल विधाओं से जुड़े खिलाड़ियों को अपनी तकनीक, गति और प्रदर्शन में सुधार करने का अवसर मिल सकता है। बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से खिलाड़ियों की दूसरे राज्यों पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
बिहार के खेल बुनियादी ढांचे को मिलेगी मजबूती
पाटलिपुत्र खेल परिसर का नवीनीकरण बिहार के खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आधुनिक ट्रैक और मैदान तैयार होने के बाद पटना में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं भी बेहतर हो सकती हैं। इस परियोजना से बिहार के उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और बड़े खेल मंचों पर राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।