BNT Desk: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गंडक नदी के किनारे नया फोरलेन कॉरिडोर बनाने की योजना तैयार की गई है। करीब 73.51 किलोमीटर लंबा यह ग्रीनफील्ड रोड ‘नारायणी पथ’ के नाम से जाना जाएगा। इसके निर्माण से छपरा और गोपालगंज के बीच आवागमन आसान होने के साथ आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित सड़क दोनों जिलों के बीच एक नया मार्ग उपलब्ध कराएगी। इससे यात्रियों को आने-जाने के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा और गंडक नदी के आसपास के इलाकों की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर हो सकेगी।
दरिहारा से डुमरिया घाट तक बनेगा फोरलेन
प्रस्तावित नारायणी पथ का निर्माण छपरा के दरिहारा से गोपालगंज के डुमरिया घाट तक किया जाएगा। गंडक नदी के किनारे विकसित होने वाला यह फोरलेन कॉरिडोर करीब 73.51 किलोमीटर लंबा होगा। ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना के तहत नया सड़क मार्ग विकसित किया जाएगा। इससे छपरा और गोपालगंज के बीच यात्रा करने वाले लोगों को एक वैकल्पिक रास्ता मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क से आसपास के गांवों और कस्बों को भी लाभ मिल सकता है।
PPP मॉडल पर होगा निर्माण
नारायणी पथ परियोजना का निर्माण बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) की ओर से कराया जाएगा। इसके लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल अपनाने की योजना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट से परियोजना को मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई है। परियोजना की शुरुआती प्रक्रिया के लिए करीब 2.10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। PPP मॉडल के तहत सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी से परियोजना को आगे बढ़ाने की योजना है। निर्माण की विस्तृत प्रक्रिया और आगे की समयसीमा संबंधित औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद स्पष्ट होगी।
DPR और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी
स्वीकृत राशि से सड़क की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने सहित शुरुआती तकनीकी कार्य किए जाएंगे। इसमें मिट्टी की गुणवत्ता की जांच, सड़क का एलाइनमेंट तय करना और परियोजना से जुड़े अन्य जरूरी अध्ययन शामिल हैं। इसके साथ ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। सड़क निर्माण से पहले परियोजना के लिए आवश्यक भूमि और तकनीकी पहलुओं का आकलन किया जाएगा। पर्यावरणीय मंजूरी और जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने के बाद निर्माण की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद परियोजना के निर्माण कार्य को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
हरिहरनाथ मंदिर और सोनपुर एयरपोर्ट से जुड़ने की योजना
नारायणी पथ के निर्माण से धार्मिक और हवाई पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। प्रस्तावित योजना के तहत इस कॉरिडोर को सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर और नए सोनपुर एयरपोर्ट से जोड़ने की बात कही गई है। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिल सकती है। बेहतर सड़क संपर्क से सोनपुर और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
किसानों और स्थानीय कारोबार को मिलेगा लाभ
नारायणी पथ का लाभ केवल यात्रियों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी हो सकती है। इससे कृषि उत्पादों के परिवहन में लगने वाला समय और परेशानी कम होने की उम्मीद है। वहीं, सड़क निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों के कारण रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने और स्थानीय कारोबार को नए अवसर मिलने की संभावना है।
छपरा-गोपालगंज के लिए नया सड़क विकल्प
करीब 73.51 किलोमीटर लंबा नारायणी पथ छपरा और गोपालगंज के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने की प्रस्तावित परियोजना है। इसके निर्माण से यात्रियों, किसानों, कारोबारियों और पर्यटकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। फिलहाल परियोजना DPR, तकनीकी जांच, जमीन अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी जैसी प्रक्रियाओं से आगे बढ़ेगी। इन औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद निर्माण कार्य और परियोजना की समयसीमा को लेकर अधिक जानकारी सामने आ सकेगी।