BNT Desk: बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर मतगणना के बीच पटना में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार सिंह ने मतगणना हॉल में सीसीटीवी कैमरे नहीं दिखने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस संबंध में पटना के प्रमंडलीय आयुक्त को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप करने और निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
डॉ. संजीव कुमार सिंह का कहना है कि मतगणना केंद्र के अन्य हिस्सों में कैमरे लगे दिखाई दे रहे थे, लेकिन जब वह मतगणना हॉल के अंदर गए, तो वहां उन्हें सीसीटीवी कैमरे नजर नहीं आए। उन्होंने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि चुनाव की मतगणना जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। हालांकि, मतगणना हॉल में वास्तव में कैमरे नहीं लगे होने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि और इस मामले में प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल में बनाया गया है मतगणना केंद्र
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल के साइंस भवन में कराई जा रही है। इसी विद्यालय परिसर में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था और मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित की गई थी। इन चुनावों में चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
मतगणना केंद्र पर सुरक्षा, निगरानी और निर्धारित चुनावी प्रक्रियाओं का पालन करना महत्वपूर्ण होता है। ऐसे केंद्रों पर प्रत्याशियों के अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी और अधिकारियों की निगरानी के बीच मतों की गिनती की जाती है। इसी वजह से सीसीटीवी व्यवस्था को लेकर उठे सवाल ने चुनावी पारदर्शिता पर चर्चा शुरू कर दी है।
डॉ. संजीव कुमार सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि मतगणना हॉल में कैमरों की मौजूदगी और उनकी कार्यशीलता स्पष्ट होनी चाहिए। उनके अनुसार, जब मतगणना केंद्र के दूसरे स्थानों पर कैमरे दिखाई दे रहे हैं, तो मतों की गिनती होने वाले हॉल में भी निगरानी की व्यवस्था को लेकर स्थिति साफ की जानी चाहिए।
राजद प्रत्याशी ने पारदर्शिता को लेकर जताई चिंता
राजद प्रत्याशी ने अपनी शिकायत में मतगणना की पारदर्शिता और प्रत्येक मत की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की आशंका से बचने के लिए निगरानी के इंतजाम स्पष्ट और भरोसेमंद होने चाहिए। यदि किसी स्थान पर कैमरे नहीं हैं या वे काम नहीं कर रहे हैं, तो इस बारे में प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
मतगणना के दौरान प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों की नजर प्रत्येक चरण पर रहती है। ऐसे में निगरानी व्यवस्था को लेकर उठने वाले सवालों का समय पर जवाब देना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होता है। इससे न केवल प्रत्याशियों की शिकायतों का समाधान हो सकता है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया के प्रति भरोसा बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
हालांकि, केवल कैमरे दिखाई नहीं देने के आधार पर मतगणना में गड़बड़ी होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इस मामले में यह जानना जरूरी होगा कि संबंधित हॉल में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे या नहीं, कैमरों की स्थिति क्या थी और निर्वाचन आयोग के लागू निर्देशों के तहत वहां किस तरह की निगरानी व्यवस्था निर्धारित की गई थी।
प्रमंडलीय आयुक्त से कीं चार प्रमुख मांगें
डॉ. संजीव कुमार सिंह ने पटना के प्रमंडलीय आयुक्त को लिखे पत्र में चार प्रमुख मांगें रखी हैं। उनका उद्देश्य मतगणना प्रक्रिया की निगरानी को लेकर स्थिति स्पष्ट कराना और शिकायत पर प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
पहली मांग: राजद प्रत्याशी ने मतगणना हॉल में तत्काल सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि निगरानी की व्यवस्था केवल कागजों पर नहीं, बल्कि मौके पर प्रभावी रूप से काम करनी चाहिए।
दूसरी मांग: उन्होंने मतगणना की पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग कराने और उसे सुरक्षित रखने की मांग की है। उनके मुताबिक, रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहने से जरूरत पड़ने पर संबंधित घटनाक्रम की जांच की जा सकती है। इससे शिकायतों की समीक्षा करने और किसी विवाद की स्थिति में उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर तथ्य स्पष्ट करने में सहायता मिल सकती है।
तीसरी मांग: उन्होंने सीसीटीवी निगरानी से जुड़े निर्वाचन आयोग के लागू दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। उनका कहना है कि चुनाव जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और निगरानी संबंधी निर्देशों का पालन होना चाहिए।
चौथी मांग: डॉ. संजीव कुमार सिंह ने अपनी शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में देने की मांग की है। इससे उन्हें यह पता चल सकेगा कि प्रशासन ने मामले को किस तरह लिया और उनकी ओर से उठाए गए सवालों पर क्या कदम उठाए गए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
राजद प्रत्याशी ने अपने पत्र के माध्यम से प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है। अब इस मामले में प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने और शिकायत पर कार्रवाई की जानकारी दिए जाने का इंतजार है। खबर लिखे जाने तक उपलब्ध जानकारी में प्रमंडलीय आयुक्त या संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
इस मामले में आगे की स्थिति जानने के लिए यह स्पष्ट होना जरूरी है कि मतगणना हॉल में सीसीटीवी कैमरों की वास्तविक व्यवस्था क्या थी और क्या संबंधित अधिकारियों ने शिकायत की जांच की है। यदि कैमरे मौजूद थे, तो उनकी स्थिति और रिकॉर्डिंग संबंधी व्यवस्था की जानकारी सामने आ सकती है। वहीं, यदि किसी स्तर पर निगरानी व्यवस्था में कमी पाई जाती है, तो प्रशासन को लागू नियमों के अनुसार उचित कदम उठाने होंगे।
चुनाव में निष्पक्षता केवल मतगणना कराने तक सीमित नहीं होती, बल्कि प्रक्रिया को लेकर उठने वाली शिकायतों का उचित तरीके से समाधान करना भी जरूरी है। प्रत्याशियों की आपत्तियों पर तथ्यात्मक जवाब और आवश्यक जांच से मतगणना की पारदर्शिता को लेकर भरोसा मजबूत किया जा सकता है।
फिलहाल, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों को लेकर विवाद राजद प्रत्याशी की शिकायत के आधार पर सामने आया है। इसे लेकर अंतिम स्थिति तभी स्पष्ट होगी, जब संबंधित अधिकारी मतगणना हॉल की निगरानी व्यवस्था की पुष्टि करेंगे और शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी देंगे।