पटना: होटलों-रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा की अनदेखी, एक ही फ्रिज में मिले वेज-नॉनवेज; बासी खाना कराया गया नष्ट

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BNT Desk: राजधानी पटना के होटलों और रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित होटल, कैफे और रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों में ऐसी कमियां मिलीं, जो ग्राहकों की सेहत के लिए चिंता का विषय हैं। कहीं एक ही फ्रिज में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ रखे मिले, तो कहीं रसोई की साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के भंडारण की व्यवस्था ठीक नहीं थी।

29 अक्टूबर को की गई इस जांच में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, उनकी एक्सपायरी और भंडारण व्यवस्था के साथ-साथ जरूरी दस्तावेजों की भी पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों से खाद्य सामग्री के नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। वहीं, बासी और अनुपयुक्त खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया।

एक ही फ्रिज में रखे मिले वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थ

खाद्य विभाग की जांच में अनीसाबाद स्थित होटल पाटलिपुत्र कांटिनेंटल में बड़ी लापरवाही सामने आई। यहां शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक ही फ्रिज में रखे मिले। खाद्य सुरक्षा के लिहाज से इसे गंभीर कमी माना गया। इसी तरह कुर्जी स्थित द आर्च रेस्टोरेंट की रसोई में भी शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे हुए पाए गए। अधिकारियों ने रसोई की साफ-सफाई, ड्रेनेज और खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था में भी कमियां दर्ज कीं। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से अलग-अलग रखना और उचित तापमान पर उनका भंडारण करना जरूरी होता है। खासकर शाकाहारी और मांसाहारी सामग्री को अलग रखने से खाद्य पदार्थों के आपसी संपर्क और संभावित क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा कम किया जा सकता है।

 

होटल द रॉयल बिहार में 2774 रुपये का खाना नष्ट

निरीक्षण के दौरान वाल्मी, फुलवारीशरीफ स्थित होटल द रॉयल बिहार में कई खाद्य पदार्थों को अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट कराया गया। इनमें आलू दम, येलो ग्रेवी, दाल मखनी और मैंगो जूस शामिल थे। खाद्य विभाग के अनुसार, नष्ट कराई गई खाद्य सामग्री की कीमत 2,774 रुपये थी। अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की स्थिति और गुणवत्ता को देखते हुए उन्हें इस्तेमाल के योग्य नहीं माना। इस कार्रवाई का उद्देश्य ग्राहकों को खराब या असुरक्षित भोजन परोसे जाने से रोकना था। खाद्य विभाग ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों से खाद्य सामग्री के नमूने भी एकत्र किए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला में भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

 

कैफे 7 गार्डन में लाइसेंस और जरूरी दस्तावेज नहीं मिले

एम्स गोलंबर स्थित कैफे 7 गार्डन, जिसे प्राइड विहार स्नैक्स के नाम से भी जाना जाता है, में भी खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। यहां से चना दाल और हल्दी पाउडर के नमूने लिए गए। जांच के दौरान प्रतिष्ठान में कई जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले। इनमें खाद्य लाइसेंस, पानी की जांच रिपोर्ट, कीट नियंत्रण से जुड़े दस्तावेज और कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र शामिल हैं। खाद्य कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों के लिए जरूरी लाइसेंस और सुरक्षा संबंधी दस्तावेज रखना अनिवार्य होता है। पानी की गुणवत्ता की जांच और कर्मचारियों की स्वास्थ्य संबंधी जांच भी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन दस्तावेजों के उपलब्ध नहीं होने पर विभाग ने कमियां दर्ज कीं।

 

घरौंदा से खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट कराई गई

बोरिंग रोड स्थित मेसर्स घरौंदा में भी जांच के दौरान खाद्य सामग्री को लेकर कार्रवाई की गई। यहां से नमकीन, पानी पूरी पैलेट, नारियल पाउडर और एवरेस्ट सांभर मसाला जब्त कर नष्ट कराया गया। खाद्य विभाग ने प्रतिष्ठान को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का समय दिया है। इस अवधि में जरूरी सुधार करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि खाद्य कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षित भंडारण से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। तय समय में कमियां दूर नहीं होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

 

होटल जी डायमंड और गणपति फूड प्लाजा को भी निर्देश

खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने होटल जी डायमंड और गणपति फूड प्लाजा का भी निरीक्षण किया। इन प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर रखने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया। खाद्य कारोबार में रसोई की स्वच्छता, बर्तनों की सफाई, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है। इन व्यवस्थाओं में लापरवाही से भोजन दूषित हो सकता है और ग्राहकों की सेहत पर असर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने और नियमों के अनुरूप काम करने की हिदायत दी है।

 

ग्राहकों की सेहत से जुड़ा है मामला, जांच रिपोर्ट का इंतजार

पटना में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर होटलों और रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग बाहर खाना खाते समय साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता पर भरोसा करते हैं। ऐसे में एक ही फ्रिज में वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थ रखना, बासी खाना इस्तेमाल करना और जरूरी दस्तावेजों का उपलब्ध नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। खाद्य संरक्षा विभाग की ओर से लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी। जिन प्रतिष्ठानों में कमियां मिली हैं, उन्हें सुधार के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, घरौंदा को 14 दिनों के भीतर कमियां दूर करने का नोटिस दिया गया है। अब देखना होगा कि विभाग की अगली जांच में संबंधित होटल और रेस्टोरेंट खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पाए जाते हैं या नहीं। ग्राहकों की सुरक्षा के लिए ऐसी जांच और नियमित निगरानी जरूरी है।

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