BNT Desk: पत्रकारिता के क्षेत्र में फर्जी पहचान-पत्र और प्रेस आईडी के नाम पर कथित वसूली का मामला चर्चा में है। ग्लोबल भारत की एक वीडियो रिपोर्ट में कुछ वेबसाइटों और व्यक्तियों की गतिविधियों पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पत्रकारिता से जुड़े पहचान-पत्र, ऑनलाइन प्रोफाइल, सदस्यता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के नाम पर अलग-अलग कीमतें बताई जा रही हैं।
वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, कुछ वेबसाइटों पर ऐसी सुविधाओं की कीमत 599 रुपये से शुरू होकर 25 हजार रुपये तक बताई गई है। रिपोर्ट में प्रेस आईडी कार्ड, ऑनलाइन प्रोफाइल और सदस्यता जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से बातचीत और संबंधित गतिविधियों के दृश्य भी दिखाए गए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।
प्रेस आईडी कार्ड से कोई स्वतः पत्रकार नहीं बन जाता
पत्रकारिता का काम केवल पहचान-पत्र हासिल करने तक सीमित नहीं है। समाचारों की विश्वसनीयता, तथ्यों की जांच, निष्पक्षता, भाषा की समझ और पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों का पालन इस पेशे के महत्वपूर्ण आधार हैं। किसी संस्था का कार्ड या सदस्यता अपने आप में किसी व्यक्ति की पत्रकारिता संबंधी योग्यता और विश्वसनीयता का प्रमाण नहीं हो सकती।
रिपोर्ट में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रेस आईडी लेकर घूम रहे कुछ लोगों की गतिविधियों पर भी सवाल उठाए गए हैं। एक बड़े मीडिया हाउस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि कुछ लोग विवादित सूचनाओं का प्रसार कर रहे थे और लोगों को भावनात्मक रूप से प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और तथ्यों की पुष्टि आवश्यक है।
वीडियो रिपोर्ट में कुछ सोशल मीडिया पेजों और न्यूज वेबसाइटों के आंदोलनों से ठीक एक-दो दिन पहले बनाए जाने का दावा भी किया गया है। ऐसे मामलों में संबंधित प्लेटफॉर्म की पृष्ठभूमि, उसके संचालकों, प्रकाशित खबरों और गतिविधियों की जांच की जरूरत है।
पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए जांच जरूरी
इस पूरे मुद्दे को गंभीर बताते हुए वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल और राष्ट्रीय कमिटी के सदस्यों ने मीडिया संस्थानों, पत्रकार संगठनों और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।
संस्था का कहना है कि पत्रकारिता के नाम पर फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने या लोगों को गुमराह करने वाली गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए। इसके लिए सदस्यता देने वाली संस्थाओं की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। साथ ही, पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की पृष्ठभूमि, प्रशिक्षण और पेशेवर समझ को भी महत्व दिया जाना चाहिए।
WJAI के अनुसार, पत्रकारिता जनहित से जुड़ा पेशा है। इसमें जिम्मेदारी, विश्वसनीयता, आवश्यक शैक्षणिक आधार, प्रशिक्षण और नैतिक मूल्यों की समझ जरूरी है। केवल प्रेस आईडी जारी करने के बजाय पत्रकारों के कौशल विकास और पेशेवर मानकों पर ध्यान देना भी आवश्यक है।
WJAI की सदस्यता प्रक्रिया में पुलिस वेरिफिकेशन का दावा
WJAI की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, संगठन का उद्देश्य स्वच्छ छवि वाले और पत्रकारिता के प्रति गंभीर लोगों को अपने साथ जोड़ना है। संस्था का दावा है कि सदस्यता देने से पहले आवेदकों की पृष्ठभूमि और उनके द्वारा दिए गए विवरणों की जांच की जाती है।
संगठन के मुताबिक, पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही सदस्यता प्रदान की जाती है। जरूरी जांच प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित विवरणों से संतुष्ट होने के बाद पात्र आवेदकों को संगठन से जोड़ा जाता है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत सदस्यों को प्रेस आईडी कार्ड जारी किया जाता है।
संस्था ने यह भी बताया है कि सदस्यता के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तय की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संगठन से जुड़ने वाले लोगों के पास आवश्यक शैक्षणिक आधार और पत्रकारिता को समझने की क्षमता हो। हालांकि, सदस्यता और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के वास्तविक स्वरूप को लेकर संगठन के नियमों और दस्तावेजों की सार्वजनिक उपलब्धता भी पारदर्शिता के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
Web Journalists Standard Authority की भूमिका
इस संदर्भ में Web Journalists Standard Authority (WJSA) का भी उल्लेख किया गया है। संस्था की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, WJSA को SRB के रूप में कार्यरत बताया गया है और इसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से संबद्ध बताया जाता है। यह WJAI के अंतर्गत काम करने और सदस्य पोर्टल की निगरानी करने का दावा करती है।
ऐसी संस्थागत व्यवस्थाओं की भूमिका, अधिकार क्षेत्र और सरकारी संबद्धता को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक होना जरूरी है। किसी संगठन या प्राधिकरण के मंत्रालय से संबद्ध होने के दावे की पुष्टि उसके आधिकारिक दस्तावेजों और संबंधित सरकारी रिकॉर्ड से की जानी चाहिए, ताकि पत्रकारों और आम लोगों के बीच किसी तरह का भ्रम न रहे।
कार्यशालाओं और प्रशिक्षण से पत्रकारों को दक्ष बनाने की कोशिश
WJAI का कहना है कि वह केवल सदस्यता देने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि पत्रकारों के कौशल विकास पर भी काम करता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर पत्रकारिता से जुड़ी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों में नए और उभरते पत्रकारों को समाचार लेखन, रिपोर्टिंग, डिजिटल पत्रकारिता, तथ्य-जांच और पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों की जानकारी देने पर जोर रहता है।
आज के डिजिटल दौर में खबरें तेजी से सोशल मीडिया और न्यूज वेबसाइटों के जरिए लोगों तक पहुंचती हैं। ऐसे में किसी भी सूचना को प्रकाशित करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी हो गया है। गलत जानकारी, अधूरी खबर या बिना पुष्टि के लगाए गए आरोप किसी व्यक्ति और संस्था की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए पत्रकारों के लिए तथ्य-जांच और जिम्मेदार रिपोर्टिंग का प्रशिक्षण महत्वपूर्ण माना जाता है।
संस्था के अनुसार, कार्यशालाओं के माध्यम से नए पत्रकारों को पेशेवर कार्यप्रणाली समझाने और उनके लेखन तथा रिपोर्टिंग कौशल को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाता है। इसका उद्देश्य उन्हें पत्रकारिता के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना है, ताकि वे अपने काम में अधिक सावधानी और जिम्मेदारी बरत सकें।
पत्रकारिता पाठ्यक्रमों के लिए मार्गदर्शन और रियायत का प्रयास
WJAI नए पत्रकारों को पत्रकारिता के विभिन्न पाठ्यक्रमों के संबंध में भी मार्गदर्शन देने की बात कहता है। संस्था के मुताबिक, जो सदस्य पत्रकारिता का कोर्स करना चाहते हैं, उन्हें उपलब्ध पाठ्यक्रमों और प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी दी जाती है।
इसके साथ ही, संस्था का प्रयास है कि नियमों और उपलब्ध व्यवस्थाओं के अनुसार इच्छुक सदस्यों को प्रशिक्षण में रियायत मिल सके। इससे उन लोगों को भी सीखने का अवसर मिल सकता है, जो आर्थिक कारणों या सही जानकारी के अभाव में पत्रकारिता का औपचारिक प्रशिक्षण नहीं ले पाते।
पहचान से आगे बढ़कर पेशेवर जिम्मेदारी पर जोर
फर्जी प्रेस आईडी और पत्रकारिता के नाम पर कथित वसूली के आरोपों ने एक बार फिर इस पेशे में पहचान और जिम्मेदारी के अंतर को सामने ला दिया है। पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि पहचान-पत्र जारी करने वाली संस्थाओं की प्रक्रिया स्पष्ट हो और सदस्यता के लिए तय मानकों का पालन किया जाए।
WJAI ने अपनी सदस्यता जांच, पुलिस वेरिफिकेशन, शैक्षणिक योग्यता और प्रशिक्षण संबंधी व्यवस्था को इसी दिशा में उठाया गया कदम बताया है। अब इस तरह की पहलों की प्रभावशीलता पारदर्शिता, स्पष्ट नियमों और उनके वास्तविक अनुपालन से तय होगी। पत्रकारिता की साख तभी मजबूत होगी, जब पहचान-पत्र के साथ-साथ पत्रकारों के काम, उनकी जानकारी, निष्पक्षता और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी महत्व दिया जाएगा।