BNT Desk: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में एक निजी कोचिंग संस्थान के छात्रावास में 10 वर्षीय छात्र की संदिग्ध मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। शुक्रवार सुबह छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में उसके बेड पर मिलने के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया।
मृतक के परिजनों ने कोचिंग संस्थान के दो शिक्षकों पर बच्चे की बेरहमी से पिटाई कर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपित शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि छात्र की मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
हॉस्टल के कमरे में बेड पर मिला छात्र का शव
जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र की पहचान वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के भेड़िहारी कर्माहा टोला निवासी प्रिंस कुमार (10 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रिंस हरनाटांड़ स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान के छात्रावास में रहकर पढ़ाई करता था। शुक्रवार सुबह जब छात्र काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला तो लोगों को शक हुआ। इसके बाद कमरे में जाकर देखा गया तो प्रिंस अपने बेड पर मृत अवस्था में पड़ा था। घटना की खबर फैलते ही हॉस्टल और कोचिंग परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही पहुंचे परिजन, मचा हंगामा
घटना की जानकारी मिलते ही छात्र के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कोचिंग संस्थान पहुंच गए। बच्चे की मौत की खबर सुनकर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गुस्साए परिजनों ने कोचिंग प्रबंधन और शिक्षकों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की मौत सामान्य नहीं है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ समय के लिए मौके पर तनाव की स्थिति भी बन गई।
परिजनों ने शिक्षकों पर लगाया हत्या का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि गुरुवार शाम कोचिंग के शिक्षक हेमराज कुमार और दीपक कुमार ने बच्चों के साथ मारपीट की थी। परिजनों का कहना है कि प्रिंस के शरीर, आंख और पीठ पर चोट के निशान दिखाई दिए हैं। उनका आरोप है कि शिक्षकों ने बच्चे की इतनी पिटाई की कि उसकी मौत हो गई। परिवार ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, पुलिस ने अभी इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही रामनगर एसडीपीओ रागिनी कुमारी, बगहा एसडीपीओ निहार भूषण, लौकरिया थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने छात्रावास के कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। फॉरेंसिक टीम भी मौके से मिले सबूतों की जांच कर रही है ताकि मौत के कारणों का सही पता लगाया जा सके।
दोनों आरोपी शिक्षक गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपित शिक्षकों हेमराज कुमार और दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले छात्र के साथ क्या हुआ था और मौत किन परिस्थितियों में हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि छात्र की मौत किस वजह से हुई। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। जांच में हत्या, दुर्घटना, बीमारी या किसी अन्य संभावित कारण सहित सभी पहलुओं को शामिल किया गया है। यदि जांच में किसी की लापरवाही या अपराध सामने आता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद निजी कोचिंग संस्थानों और छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को पढ़ाई के लिए हॉस्टल भेजा जाता है, लेकिन यदि वहां उनकी सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं हो तो यह बेहद चिंताजनक है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि छात्रावासों की नियमित जांच कराई जाए और बच्चों के साथ किसी तरह की हिंसा या दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल जांच जारी
फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही छात्र की मौत की असली वजह सामने आएगी। वहीं, दोनों गिरफ्तार शिक्षकों से पूछताछ जारी है। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और सभी की नजर अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।