BNT Desk: जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ हुई बदसलूकी के मामले में पीड़िता की मां ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद सरकार की ओर से की गई कार्रवाई पर संतोष जताया है। मां ने कहा कि घटना के बाद सरकार ने तेजी से कार्रवाई की और उन्हें बेटी की सुरक्षा तथा पढ़ाई को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से भरोसा मिला है। उन्होंने साथ ही आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। पीड़िता की मां ने मुलाकात के बाद कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, उसका दर्द परिवार अभी भी महसूस कर रहा है। हालांकि, पुलिस कार्रवाई और मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद उन्हें बेटी की सुरक्षा को लेकर कुछ राहत मिली है।
CM से मुलाकात के बाद मां ने क्या कहा?
पीड़िता की मां के मुताबिक, वह 24 सितंबर की शाम पटना पहुंचीं और मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपनी बेटी के साथ हुई घटना, परिवार की चिंता और बेटी के भविष्य से जुड़ी बातें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मां ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और उन्हें भरोसा दिया। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि “आपकी बेटी मेरी बेटी है, आप बिल्कुल निश्चिंत रहिए।” पीड़िता की मां ने कहा कि बेटी की सुरक्षा और उसकी पढ़ाई को लेकर परिवार सबसे ज्यादा चिंतित था। मुख्यमंत्री की ओर से इन दोनों मुद्दों पर आश्वासन मिलने के बाद परिवार को भरोसा मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जो कार्रवाई की गई है, उससे वह संतुष्ट हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी मांग की कि मामले में शामिल आरोपियों को कानून के तहत कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
मां बोलीं- अपराधियों में कानून का डर होना चाहिए
पीड़िता की मां ने घटना को याद करते हुए कहा कि उनकी बेटी ने खुद को बचाने के लिए आरोपित युवकों के सामने मदद की गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह बच्ची घटना के दौरान खुद को बचाने के लिए आरोपितों से रहम की अपील कर रही थी, उसी तरह अपराध करने वालों के मन में भी कानून का डर होना चाहिए। मां ने कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, वह किसी दूसरी लड़की के साथ दोबारा नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार चाहता है कि उनकी बेटी सुरक्षित माहौल में अपनी पढ़ाई जारी रख सके। घटना के बाद बेटी के भविष्य को लेकर परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता यही थी।
घटना के बाद चार दिन तक घर में रहा परिवार
बताया गया है कि 19 सितंबर की शाम जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ बदसलूकी की घटना हुई थी। इसके बाद परिवार करीब चार दिनों तक अपने घर में ही रहा। 23 सितंबर की शाम बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. कुमारी सोनी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने परिवार से बातचीत कर उन्हें हिम्मत दी और मीडिया के सामने अपनी बात रखने के लिए कहा था। इसके बाद परिवार ने पटना आकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान परिवार ने घटना के साथ-साथ बच्ची की सुरक्षा और पढ़ाई को लेकर अपनी चिंताएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
19 सितंबर को क्या हुआ था?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जमुई में 10वीं कक्षा की छात्रा अपने क्लासमेट के साथ स्कूटी से मड़वा पहाड़ की ओर गई थी। वापस लौटते समय कुछ युवकों ने दोनों को सड़क पर रोक लिया आरोप है कि इसके बाद छात्रा के साथ बदसलूकी की गई। घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने वीडियो भी बनाया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ और मामले ने व्यापक ध्यान खींचा। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस की कार्रवाई में कई आरोपितों को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव के खिलाफ पुलिस मुठभेड़ में घायल होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, घटना और आरोपियों की भूमिका से जुड़े सभी तथ्यों का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होना है।
कार्रवाई को लेकर परिवार ने जताया संतोष
पीड़िता की मां ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद कहा कि घटना के बाद पुलिस और सरकार की ओर से कार्रवाई हुई है। उन्होंने दावा किया कि पहले तीन आरोपियों को 24 से 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया गया और मुख्य आरोपी के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई की। मां ने कहा कि वह सरकार की कार्रवाई से खुश हैं, लेकिन उनकी मांग है कि मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई भी तेजी से हो और दोष साबित होने पर आरोपियों को कड़ी सजा मिले। परिवार की प्राथमिकता अब बच्ची की सुरक्षा और उसकी पढ़ाई है। मां ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दोनों मामलों में भरोसा दिया है।
तस्वीर सामने आने के बाद सियासी बयानबाजी
मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवार की मुलाकात और सामने आई तस्वीर को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने POCSO कानून के तहत नाबालिग पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने की आवश्यकता का उल्लेख किया और कहा कि पीड़ित परिवार के साथ तस्वीर सार्वजनिक होने से पहचान उजागर होने का खतरा पैदा हो सकता है। यह राजनीतिक प्रतिक्रिया इस मामले को लेकर चल रही बहस का हिस्सा है। दूसरी ओर, पीड़िता की मां ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्य रूप से बेटी की सुरक्षा, पढ़ाई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर जोर दिया। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। पीड़िता के परिवार की मांग है कि आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई हो और उनकी बेटी को सुरक्षित माहौल में अपनी पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिले।