BNT Desk: बिहार के जमुई और समस्तीपुर में नाबालिग लड़कियों से बदसलूकी के मामलों को लेकर उठे सवालों के बीच अब बांका के प्रसिद्ध मंदार पर्वत से भी एक वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में कुछ युवक एक लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद बौंसी थाना पुलिस ने मामले का सत्यापन किया और अज्ञात युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मंदार पर्वत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
मंदार पर्वत बांका जिले का प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थल है। वायरल वीडियो में कुछ युवक एक लड़की को घेरकर उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में एक युवक लड़की का हाथ मरोड़ता दिखाई देता है। उसके हाथ में चप्पल भी नजर आ रही है और मारपीट की कोशिश किए जाने का आरोप है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, वीडियो में एक युवक के हाथ में डंडा भी दिखाई देता है। वीडियो को सोशल मीडिया पर एक ऐसे गाने के साथ प्रसारित किया गया, जिसकी पंक्तियों में पुलिस और सरकारी वर्दी को चुनौती देने वाली भाषा सुनाई देती है। इसी वजह से वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो को लेकर एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है। वीडियो में 3 सितंबर की तारीख दिखाई दे रही है, लेकिन पुलिस को यह वीडियो 22 सितंबर को सोशल मीडिया सेल के जरिए मिला। कुछ रिपोर्टों में वीडियो को करीब 21 दिन पुराना बताया गया है, जबकि टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस घटना की वास्तविक तारीख की पुष्टि कर रही है और प्रारंभिक जांच में वीडियो इससे भी पुराना होने की संभावना की बात सामने आई है। इसलिए घटना की सही तारीख अभी जांच का विषय है।
पुलिस ने मंदार पहुंचकर किया वीडियो का सत्यापन
बौंसी थाना अध्यक्ष पंकज कुमार झा के अनुसार, सोशल मीडिया सेल के माध्यम से व्हाट्सऐप पर वीडियो मिलने के बाद पुलिस ने इसकी जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम मंदार पर्वत पहुंची और वीडियो में दिखाई दे रहे स्थान का सत्यापन किया। जांच में वीडियो का स्थान मंदार पर्वत ही पाया गया। इसके बाद पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान का प्रयास शुरू किया। शुरुआती प्राथमिकी में छह अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि कुछ रिपोर्टों में छह-सात अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज होने की बात कही गई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ वीडियो में दिखाई दे रहे चेहरों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
BNS और IT एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक बौंसी थाने में BNS की धारा 74, 75, 76 और 3(5) के साथ IT Act की धारा 66E और 67A के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है। पुलिस का मुख्य फोकस वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान करने और घटना की परिस्थितियों की पुष्टि करने पर है।
तेजस्वी यादव ने CM सम्राट चौधरी पर बोला हमला
मंदार पर्वत के वीडियो को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि जमुई और समस्तीपुर के बाद अब बांका में भी नाबालिग लड़की के साथ शोषण, अभद्र व्यवहार और मारपीट का वीडियो सामने आया है। तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सवाल किया। अपने बयान में तेजस्वी यादव ने जमुई मामले में बचे आरोपियों और समस्तीपुर मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री पर पुलिस व्यवस्था में हस्तक्षेप और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में कथित भेदभाव के आरोप लगाए। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया गया है।
पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
मंदार पर्वत का वीडियो सामने आने के बाद मामले ने बिहार में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चल रही बहस को फिर तेज कर दिया है। लेकिन वीडियो की तारीख, उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान और घटना की पूरी परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच अभी जारी है। ऐसे मामलों में वायरल वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति की पहचान या अपराध में उसकी भूमिका को अंतिम रूप से तय करना उचित नहीं है। पुलिस द्वारा आरोपियों की पहचान और साक्ष्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनके खिलाफ कौन-कौन से आरोप प्रमाणित होते हैं। फिलहाल बौंसी पुलिस की जांच जारी है और आरोपियों की पहचान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।