BNT Desk: बिहार दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित धांधली की जांच अब एक और मामले तक पहुंच गई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पटना के खगौल स्थित बालिगा उच्च माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा के दौरान सामने आई अनियमितता को लेकर अज्ञात के खिलाफ नई प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला परीक्षा शुरू होने से कुछ ही मिनट पहले दो प्रश्न पुस्तिकाओं की सील खुली मिलने से जुड़ा है। बताया गया है कि 27 मई को दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित होनी थी। परीक्षा शुरू होने से महज करीब तीन मिनट पहले, यानी 2:27 बजे, दो अभ्यर्थियों को प्रश्न पुस्तिका दी गई। दोनों ने पुस्तिका की सील पहले से खुली होने की जानकारी वीक्षक को दी। इसके बाद मामले की सूचना केंद्राधीक्षक और संबंधित अधिकारियों को दी गई।
परीक्षा शुरू होने से तीन मिनट पहले सामने आया मामला
27 मई को बालिगा उच्च माध्यमिक विद्यालय में दारोगा भर्ती परीक्षा की दूसरी पाली आयोजित की जा रही थी। परीक्षा शुरू होने का निर्धारित समय दोपहर 2:30 बजे था। परीक्षा से कुछ ही मिनट पहले वीक्षक ने अभ्यर्थी पुरुषोत्तम कुमार और राकेश कुमार को प्रश्न पुस्तिका उपलब्ध कराई। प्रश्न पुस्तिका मिलने के बाद दोनों अभ्यर्थियों ने उसकी सील को लेकर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि बुकलेट की सील पहले से खुली हुई थी। यह बात सामने आने के बाद परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। मामला गंभीर होने के कारण इसे केंद्र स्तर पर ही नजरअंदाज नहीं किया गया। केंद्राधीक्षक को सूचना दी गई और बाद में मजिस्ट्रेट तथा आयोग के प्रतिनिधि की मौजूदगी में आगे की प्रक्रिया पूरी की गई।
दोनों बुकलेट की तीन जगह से टूटी थी सील
EOU की प्राथमिकी के अनुसार, जिन दो प्रश्न पुस्तिकाओं को लेकर आपत्ति जताई गई, उनके नंबर 22514351 और 22514352 बताए गए हैं। जांच में इन दोनों बुकलेट की निर्धारित तीनों जगहों से सील टूटी हुई मिली। यानी मामला केवल किसी एक स्थान पर सील के खराब होने तक सीमित नहीं था। रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों प्रश्न पुस्तिकाओं की सील निर्धारित स्थानों से कटी हुई पाई गई थी। इसी वजह से प्रश्न-पत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। अभ्यर्थियों की आपत्ति के बाद वीक्षक ने केंद्राधीक्षक को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मजिस्ट्रेट और आयोग के प्रतिनिधि की मौजूदगी में दोनों अभ्यर्थियों को अनुपस्थित परीक्षार्थियों के लिए रखे गए प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराए गए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
केंद्राधीक्षक और वीक्षक से EOU ने की पूछताछ
मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग यानी BPSSC से परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड मांगे। इसमें संबंधित अभ्यर्थियों की जानकारी के साथ-साथ केंद्राधीक्षक और वीक्षक से जुड़ी जानकारी तथा परीक्षा केंद्र की वीडियो फुटेज भी शामिल थी। रिकॉर्ड मिलने के बाद EOU ने परीक्षा केंद्र से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ की। केंद्राधीक्षक और वीक्षक से भी मामले के संबंध में जानकारी ली गई। जांच के दौरान दोनों प्रश्न पुस्तिकाओं की सील कटी होने की बात सामने आई। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्न पुस्तिकाओं की सील किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में खुली। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि प्रश्न पुस्तिकाओं को सुरक्षित रखने और परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की निर्धारित प्रक्रिया में कहीं कोई चूक हुई थी या नहीं।
चेन ऑफ कस्टडी टूटने को लेकर दर्ज हुई FIR
EOU ने प्रश्न-पत्र की सुरक्षा व्यवस्था को चेन ऑफ कस्टडी के तौर पर देखा है। परीक्षा से पहले प्रश्न-पत्रों को सुरक्षित रखना और निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा केंद्र तक पहुंचाना परीक्षा की निष्पक्षता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। प्राथमिकी में आशंका जताई गई है कि परीक्षा शुरू होने से पहले किसी स्तर पर प्रश्न-पत्र की सुरक्षा से जुड़े व्यक्ति के सहयोग से सील के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है। हालांकि, यह अभी जांच का विषय है और FIR में दर्ज आशंका को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। EOU आपराधिक षड्यंत्र और संभावित अवैध आर्थिक लाभ से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सील खुलने की घटना महज लापरवाही थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित गतिविधि थी।
गया और पूर्णिया के बाद खगौल मामले में नई FIR
दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामलों की जांच के दौरान EOU पहले गया और पूर्णिया में दर्ज प्राथमिकी को टेकओवर कर जांच कर रही थी। अब खगौल के मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने अपने स्तर से आर्थिक अपराध थाने में नई प्राथमिकी दर्ज की है। इससे परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच का दायरा और बढ़ गया है। एजेंसी अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से सामने आए मामलों की परिस्थितियों और संभावित कड़ियों की जांच कर रही है। खगौल मामले में अभी किसी व्यक्ति को आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया है। प्राथमिकी अज्ञात के खिलाफ दर्ज की गई है। आगे की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
मुख्य लिखित परीक्षा रद होने के बाद भी जांच जारी
बिहार दारोगा भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा को पहले ही रद किया जा चुका है। इसके बावजूद परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच जारी है। EOU की प्रारंभिक जांच में गया, पूर्णिया और खगौल से जुड़े मामलों का उल्लेख सामने आया है। खगौल के बालिगा उच्च माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले दो प्रश्न पुस्तिकाओं की सील खुली मिलना अब जांच का एक अलग मामला बन गया है। EOU दस्तावेजों, परीक्षा केंद्र के रिकॉर्ड, वीडियो फुटेज और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्न-पत्रों की सील कैसे खुली और इसके लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं। फिलहाल जांच एजेंसी की कार्रवाई जारी है। मामले में आगे किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।