BNT Desk: देशभर में E20 यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। कई वाहन मालिकों का कहना है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद उनकी गाड़ियों का माइलेज कम हो गया है। अब केंद्र सरकार ने भी स्वीकार किया है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कुछ वाहनों की फ्यूल एफिशिएंसी यानी माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। हालांकि सरकार का कहना है कि इसके कई ऐसे फायदे हैं जो इस मामूली नुकसान से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
सर्वे में सामने आई माइलेज घटने की शिकायत
हाल ही में हुए एक सर्वे में 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिकों से बात की गई। सर्वे में शामिल 66 प्रतिशत लोगों ने कहा कि 2025 की शुरुआत से उनकी गाड़ियों का माइलेज 10 प्रतिशत से अधिक कम हो गया है। इसी तरह की शिकायतें सोशल मीडिया पर भी लगातार सामने आ रही थीं। इसके बाद सरकार से E20 पेट्रोल के असर को लेकर कई सवाल पूछे गए, जिनका जवाब सरकार ने विस्तार से दिया।
माइलेज पर पड़ सकता है असर
सरकार ने साफ कहा है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कुछ वाहनों की फ्यूल इकॉनमी में 3 से 5 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। यानी पहले के मुकाबले थोड़ी ज्यादा मात्रा में पेट्रोल की खपत हो सकती है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह कमी बहुत ज्यादा नहीं है और इसके बदले कई बड़े फायदे मिलते हैं।
सरकार ने बताए E20 पेट्रोल के फायदे
सरकार के अनुसार E20 पेट्रोल में कई ऐसी खूबियां हैं जो इसे सामान्य पेट्रोल से बेहतर बनाती हैं। इसके प्रमुख फायदे इस प्रकार हैं—
- इंजन में बेहतर कंबशन होता है।
- ऑक्टेन रेटिंग अधिक होती है।
- गाड़ी का एक्सेलरेशन स्मूद रहता है।
- इंजन अपेक्षाकृत साफ रहता है।
- प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन कम होता है।
- आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटती है।
सरकार का कहना है कि इन फायदों को देखते हुए माइलेज में थोड़ी कमी स्वीकार्य है।
नॉर्मल पेट्रोल और E20 का अलग विकल्प क्यों नहीं?
कई वाहन मालिकों की मांग है कि पेट्रोल पंप पर सामान्य पेट्रोल, E10 और E20 तीनों विकल्प उपलब्ध कराए जाएं ताकि लोग अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन चुन सकें। इस पर सरकार ने कहा कि पूरे देश में अलग-अलग तरह के पेट्रोल की सप्लाई व्यवस्था बनाना आसान नहीं है। भारत में एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप, डिपो, पाइपलाइन और टर्मिनल हैं। इन सभी जगहों पर अलग-अलग ईंधन की व्यवस्था करना बेहद मुश्किल और महंगा होगा। इसलिए फिलहाल अलग विकल्प देना व्यावहारिक नहीं माना गया है।
क्या E20 से गाड़ी खराब होती है?
E20 पेट्रोल को लेकर एक बड़ी चिंता यह भी रही है कि इससे इंजन या वाहन के अन्य पुर्जों को नुकसान हो सकता है। सरकार ने इन दावों को खारिज किया है। सरकार के मुताबिक अभी तक ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि E20 पेट्रोल से वाहन खराब होते हैं। सरकार ने बताया कि E20 ईंधन को लागू करने से पहले ऑटोमोबाइल कंपनियों, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), SIAM और तेल कंपनियों के साथ मिलकर व्यापक परीक्षण किए गए थे। अगर सुरक्षा से जुड़ी कोई समस्या होती तो वाहन निर्माता कंपनियां E20 के लिए अपनी गाड़ियों को मंजूरी नहीं देतीं और न ही वारंटी जारी रखतीं।
E20 पेट्रोल सस्ता क्यों नहीं है?
कई लोगों का सवाल है कि जब पेट्रोल में एथेनॉल मिलाया जा रहा है तो इसकी कीमत कम क्यों नहीं होती। सरकार का कहना है कि एथेनॉल तैयार करने की लागत भी काफी अधिक होती है। किसानों से उचित मूल्य पर एथेनॉल खरीदा जाता है ताकि उन्हें बेहतर आय मिल सके। ऐसे में कई बार E20 तैयार करने की लागत सामान्य पेट्रोल से भी ज्यादा हो सकती है। सरकार के अनुसार E20 योजना का उद्देश्य पेट्रोल को सस्ता करना नहीं बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना है।
सरकार ने गिनाए देश को होने वाले फायदे
सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से देश को कई बड़े लाभ मिल रहे हैं।
- कच्चे तेल के आयात में कमी आई है।
- विदेशी मुद्रा की बचत हो रही है।
- प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन कम हो रहा है।
- किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।
- देश ऊर्जा के मामले में अधिक आत्मनिर्भर बन रहा है।
वाहन मालिकों के लिए सरकार की सलाह
सरकार ने कहा कि E20 पेट्रोल की नीति कोई जल्दबाजी में लागू नहीं की गई। इस पर वर्षों तक अध्ययन और परीक्षण किए गए। इसकी गुणवत्ता की निगरानी ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के नियमों के तहत की जाती है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले अपुष्ट दावों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।
निष्कर्ष
E20 पेट्रोल को लेकर लोगों की सबसे बड़ी चिंता माइलेज रही है। सरकार ने पहली बार स्वीकार किया है कि इससे कुछ गाड़ियों में 3 से 5 प्रतिशत तक माइलेज कम हो सकता है। हालांकि सरकार का दावा है कि बेहतर इंजन प्रदर्शन, कम प्रदूषण, ऊर्जा सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने जैसे फायदे इस कमी से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में आने वाले समय में E20 पेट्रोल देश की ईंधन नीति का अहम हिस्सा बना रहेगा।