BNT Desk: मोक्षनगरी गया जी में शुक्रवार को पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 का विधिवत शुभारंभ हुआ। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को गया पहुंचे, जहां उन्होंने पितृपक्ष मेले को लेकर की गई तैयारियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। गया पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सबसे पहले प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु के चरणचिह्न का दर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री फल्गु नदी स्थित देवघाट पहुंचे और घाट क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। देवघाट के निरीक्षण के बाद उन्होंने पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी भी पहुंचे और श्रद्धालुओं के ठहरने तथा वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
विष्णुपद मंदिर में की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का गया दौरा विष्णुपद मंदिर से शुरू हुआ। मंदिर पहुंचने के बाद उन्होंने गर्भगृह में जाकर भगवान विष्णु के चरणचिह्न का दर्शन किया और पूजा-अर्चना की। पितृपक्ष के दौरान विष्णुपद मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों से गया आने वाले श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के साथ यहां दर्शन-पूजन करते हैं। पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए आगे बढ़े। इस दौरान उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बेलागंज विधायक मनोरमा देवी सहित कई मंत्री, विधायक और पार्टी नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी।
देवघाट पहुंचकर फल्गु नदी की व्यवस्थाएं देखीं
विष्णुपद मंदिर में दर्शन के बाद मुख्यमंत्री फल्गु नदी के देवघाट पहुंचे। पितृपक्ष मेले के दौरान देवघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में घाट पर साफ-सफाई, आवागमन, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने देवघाट क्षेत्र का निरीक्षण कर वहां की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें मेला व्यवस्था से जुड़ी जानकारी दी। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए घाट क्षेत्र में आवाजाही को सुगम बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। देवघाट के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र की अन्य तैयारियों को भी देखा। प्रशासन की ओर से उन्हें श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं और मेला संचालन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी गई।
फीता काटकर मेला महासंगम-2026 का शुभारंभ
देवघाट और मेला क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 का फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया। इसके साथ ही गया जी में पितृपक्ष मेले की गतिविधियां औपचारिक रूप से शुरू हो गईं। पितृपक्ष के दौरान गया में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी के घाटों और विभिन्न पिंडवेदियों पर इस दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र में आवश्यक व्यवस्थाओं को तैयार किया गया है।
गांधी मैदान की टेंट सिटी भी पहुंचे मुख्यमंत्री
मेला महासंगम के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गांधी मैदान पहुंचे। यहां बनाए गए टेंट सिटी का उन्होंने निरीक्षण किया। टेंट सिटी का उद्देश्य मेला अवधि में गया पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने टेंट सिटी में श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से यहां श्रद्धालुओं के आवासन को ध्यान में रखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। गया में पितृपक्ष मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए ठहरने की व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने टेंट सिटी की तैयारियों के संबंध में जानकारी दी।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर प्रशासन का फोकस
पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 को लेकर जिला प्रशासन की ओर से व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। मेला क्षेत्र में पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, आवासन, यातायात और सुरक्षा जैसी सुविधाओं पर ध्यान दिया गया है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालने और प्रमुख धार्मिक स्थलों तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने की होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विष्णुपद मंदिर से लेकर फल्गु नदी के घाटों और विभिन्न पिंडवेदियों तक व्यवस्थाओं को तैयार किया गया है। प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी नजर रखने की तैयारी की गई है।
मुख्यमंत्री के आगमन पर कड़ी सुरक्षा
मुख्यमंत्री के गया आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। विष्णुपद मंदिर, देवघाट, मेला क्षेत्र और गांधी मैदान के साथ मुख्यमंत्री के आवागमन वाले रास्तों पर पुलिस बल की तैनाती की गई। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पुलिस अधिकारी भी लगातार सक्रिय रहे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान आम श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए भीड़ और यातायात प्रबंधन पर भी नजर रखी गई।
कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बेलागंज विधायक मनोरमा देवी समेत कई मंत्री, विधायक और पार्टी नेता मौजूद रहे। गया जी में पितृपक्ष मेला देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। पितरों के तर्पण और पिंडदान के लिए श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और कई दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। ऐसे में मेला अवधि के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए अहम जिम्मेदारी है।
विष्णुपद से देवघाट और टेंट सिटी तक तैयारियों का जायजा
मुख्यमंत्री के शुक्रवार के गया दौरे में पितृपक्ष मेला व्यवस्था के प्रमुख केंद्रों का निरीक्षण शामिल रहा। विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन के बाद उन्होंने देवघाट पहुंचकर फल्गु नदी और घाट की व्यवस्थाओं को देखा। इसके बाद पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 का शुभारंभ किया और गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में श्रद्धालुओं के लिए की गई तैयारियों का निरीक्षण किया। मेले के शुभारंभ के साथ गया जी में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, सुरक्षा, आवासन, यातायात और अन्य सुविधाओं को लगातार सुचारु बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।