BNT Desk: सारण जिले के तरैया थाना क्षेत्र से युवती के साथ कथित छेड़खानी, जबरन खींचने और मारपीट का मामला सामने आया है। महुली गांव की रहने वाली युवती ने तरैया थाने में आवेदन देकर चार लोगों को नामजद किया है। युवती के आवेदन के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों के अनुसार, युवती के साथ उस समय घटना हुई जब वह 21 सितंबर की शाम घर से दूध लेने के लिए निकली थी।
युवती ने पुलिस को दिए आवेदन में घटना को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि रास्ते में उसे रोककर उसके साथ कथित तौर पर छेड़खानी करने और सुनसान जगह की ओर ले जाने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। हालांकि, प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
दूध लेने निकली थी युवती
प्राथमिकी के मुताबिक, 21 सितंबर की शाम करीब सात बजे युवती अपने घर से दूध लेने के लिए निकली थी। इसी दौरान महुली गांव निवासी विकास ठाकुर ने कथित तौर पर उसे एक सुनसान स्थान पर रोक लिया। युवती का आरोप है कि विकास ठाकुर ने उसका हाथ पकड़कर उसे अपनी ओर खींचने का प्रयास किया। उस समय वहां विशाल सहनी और गंगोई गांव निवासी अनूप कुमार सिंह भी मौजूद थे। युवती के अनुसार, तीनों लोगों ने उसके साथ धक्का-मुक्की की और उसे सुनसान स्थान की तरफ ले जाने का प्रयास किया। प्राथमिकी में युवती ने आरोप लगाया है कि वहां उसके साथ छेड़खानी करने की कोशिश की गई।
विरोध करने पर सिर पर वार करने का आरोप
युवती ने बताया कि जब उसने कथित तौर पर छेड़खानी का विरोध किया और शोर मचाना शुरू किया तो स्थिति बिगड़ गई। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान विकास ठाकुर ने हाथ में पहने कड़े से उसके सिर पर वार कर दिया। युवती ने इस घटना में घायल होने का भी आरोप लगाया है। उसके शोर मचाने के बाद तीनों आरोपी वहां से भाग गए। घटना के बाद युवती कथित तौर पर मामले की शिकायत करने के लिए विकास ठाकुर की मां सरोज देवी के पास पहुंची।
शिकायत करने पर भी मारपीट का आरोप
प्राथमिकी में युवती ने आरोप लगाया है कि जब उसने विकास ठाकुर की मां सरोज देवी से घटना की शिकायत की तो वहां भी उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की गई। युवती का कहना है कि शिकायत करने के बाद उसे वहां से भगा दिया गया। पुलिस को दिए आवेदन में उसने विकास ठाकुर पर स्कूल में भी परेशान करने का आरोप लगाया है। युवती के आवेदन के आधार पर तरैया थाना पुलिस ने विकास ठाकुर, उसकी मां सरोज देवी, विशाल सहनी और अनूप कुमार सिंह को नामजद किया है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस के सामने अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने की चुनौती है। पुलिस घटना की परिस्थितियों, युवती के बयान और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान नामजद लोगों की भूमिका भी देखी जा रही है। इसके अलावा घटना के संबंध में उपलब्ध अन्य साक्ष्यों और परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा सकती है। फिलहाल पुलिस की जांच पूरी नहीं हुई है। इसलिए प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से साबित तथ्य नहीं माना जा सकता। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
बिहार में महिलाओं से जुड़े मामलों के बीच सामने आया मामला
तरैया का यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब पिछले कुछ दिनों में बिहार के अलग-अलग जिलों में लड़कियों और महिलाओं से कथित बदसलूकी के मामले चर्चा में रहे हैं। जमुई में 19 सितंबर को एक नाबालिग छात्रा और उसके साथ मौजूद एक लड़के से कथित बदसलूकी और छेड़खानी का मामला सामने आया था। घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र से भी नाबालिग लड़की के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया। इस घटना से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।
बांका के मंदार का वीडियो भी चर्चा में
25 सितंबर को बांका के मंदार पर्वत से भी एक युवती के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। पुलिस वीडियो और घटनास्थल से जुड़ी जानकारी के आधार पर जांच कर रही है। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। इन घटनाओं के बीच सारण के तरैया में दर्ज हुई FIR ने भी स्थानीय स्तर पर युवतियों की सुरक्षा को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। हालांकि अलग-अलग मामलों की परिस्थितियां अलग हैं और प्रत्येक मामले की जांच संबंधित पुलिस द्वारा की जा रही है।
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
तरैया मामले में पुलिस ने चार लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अब जांच के दौरान युवती के आरोपों, घटनास्थल, संबंधित लोगों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल मामले में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ था और नामजद लोगों की भूमिका क्या रही। इस बीच, युवती की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।