BNT Desk: बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर राजद सांसद सुधाकर सिंह ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि हर साल बिहार के सवा लाख से अधिक छात्र स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की मदद से राज्य से बाहर जाकर उच्च शिक्षा हासिल करते हैं, लेकिन अब योजना के तहत राशि समय पर जारी नहीं होने से विद्यार्थियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। सुधाकर सिंह ने कहा कि कई छात्र फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं, जिसकी वजह से उनकी परीक्षाएं प्रभावित हो रही हैं और कुछ मामलों में रिजल्ट भी रोके जाने की बात सामने आ रही है। सुधाकर सिंह ने सरकार से लंबित राशि जल्द जारी करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि अगर स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत विद्यार्थियों की राशि जारी नहीं की जा रही है तो इसकी वजह क्या है।
बेहतर उच्च शिक्षा के विकल्पों की कमी के कारण शुरू हुई थी योजना
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शुरू करने के पीछे एक प्रमुख उद्देश्य यह था कि राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक मदद मिल सके। उनके मुताबिक बिहार में लंबे समय तक उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और बेहतर विश्वविद्यालयों के पर्याप्त विकल्प नहीं रहे, इसलिए बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना महत्वपूर्ण रही है। इसके जरिए विद्यार्थी देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं और अपनी पढ़ाई का खर्च वहन कर पा रहे हैं। हालांकि, सुधाकर सिंह का दावा है कि अब इसी योजना के तहत मिलने वाली राशि के भुगतान में परेशानी आ रही है। उनका कहना है कि इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
पैसे नहीं मिलने से परीक्षा और रिजल्ट पर असर का दावा
सुधाकर सिंह ने कहा कि जिन छात्रों की फीस समय पर जमा नहीं हो पा रही है, उनके सामने परीक्षा में शामिल होने का संकट पैदा हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ विद्यार्थियों की परीक्षा हो जाने के बावजूद संस्थानों की ओर से परिणाम रोके जाने की स्थिति सामने आई है। बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की राशि को लेकर पहले भी विद्यार्थियों के भुगतान में देरी की खबरें सामने आई हैं। मई 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के लिए 1.24 लाख से अधिक आवेदन आए थे और 51,156 स्वीकृत विद्यार्थियों को उस समय राशि मिलने का इंतजार था। रिपोर्ट में तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से भुगतान में देरी की बात कही गई थी। जुलाई 2026 की एक रिपोर्ट में भी कहा गया था कि कई विद्यार्थियों की ऋण किस्तें शिक्षण संस्थानों तक नहीं पहुंचने से उनकी परीक्षा और डिग्री प्रभावित होने की स्थिति बनी थी।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर सरकार ने भी दी थी सफाई
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर अगस्त में सरकार की ओर से ऋण की सीमा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई थी। अगस्त में कुछ रिपोर्टों में योजना के तहत बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम से मिलने वाली राशि को 2 लाख रुपये तक सीमित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद सरकार ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के लिए कुल 4 लाख रुपये तक की शिक्षा ऋण सुविधा जारी रहेगी। 29 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने 19 अगस्त के उस आदेश और उसकी कार्यान्वयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया, जिसके तहत नई व्यवस्था की बात कही गई थी। इसके बाद योजना में पहले की तरह 4 लाख रुपये तक शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था बहाल किए जाने की जानकारी सामने आई।सितंबर में सरकार ने योजना को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक पांच साल के लिए बढ़ाने और 2026-27 के लिए 950 करोड़ रुपये के प्रावधान की भी जानकारी दी थी।
अदानी को जमीन देने का आरोप लगाकर सरकार पर सवाल
सुधाकर सिंह ने अपने बयान में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की राशि में कथित देरी की तुलना उद्योगपति अदानी को जमीन दिए जाने से भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए पैसे जारी नहीं कर रही है, जबकि दूसरी ओर अदानी को कथित तौर पर 600 से 700 करोड़ रुपये की जमीन मुफ्त में देने की बात कही जा रही है। यह आरोप सुधाकर सिंह की ओर से लगाया गया है। उपलब्ध जानकारी में इस बयान के साथ जमीन के कथित सौदे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जो युवा पढ़-लिखकर राज्य और देश को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहते हैं, अगर उनकी पढ़ाई ही आर्थिक कारणों से रुक जाए तो उनके सामने क्या विकल्प बचेगा।
टोल वसूली का मुद्दा भी उठाया
राजद सांसद ने बिहार में सड़कों पर टोल वसूली का मुद्दा उठाते हुए भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य की लगभग सभी प्रमुख सड़कों से टोल वसूल रही है, लेकिन विद्यार्थियों के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की राशि जारी करने में परेशानी बताई जा रही है। सुधाकर सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत लंबित भुगतान जल्द से जल्द जारी किया जाए, ताकि विद्यार्थियों की फीस, परीक्षा और परिणाम से जुड़ी समस्याएं दूर हो सकें। उन्होंने सरकार से यह भी कहा कि अगर किसी वजह से भुगतान रोकने की स्थिति है तो सरकार को छात्रों और उनके परिवारों के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उनके मुताबिक विद्यार्थियों को अनिश्चितता में रखने के बजाय सरकार को भुगतान की स्थिति और आगे की प्रक्रिया के बारे में साफ जानकारी देनी चाहिए।
सरकार से लंबित राशि जल्द जारी करने की मांग
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के भुगतान को लेकर यह मुद्दा ऐसे समय में उठा है, जब सरकार योजना को आगे भी जारी रखने की बात कह चुकी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार योजना के लिए 2026-27 में 950 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई है और योजना को 2030-31 तक बढ़ाया गया है। ऐसे में सुधाकर सिंह ने सरकार से मांग की है कि विद्यार्थियों को मिलने वाली लंबित राशि जल्द जारी की जाए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा हासिल कर रहे छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा किसी भी तरह आर्थिक अड़चन की वजह से प्रभावित नहीं होनी चाहिए।