BNT Desk: Patna Women’s College, पटना विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग की ओर से ईसीओ टास्क फोर्स (ETF) के सहयोग से 24 सितंबर 2026 को ‘सीजन ऑफ क्रिएशन’ के तहत नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का मुख्य विषय “जल बचाएं” रखा गया था। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने जल संरक्षण, जल संसाधनों के जिम्मेदाराना उपयोग और बढ़ते जल संकट के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इस आयोजन में विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पर्यावरण से जुड़े गंभीर मुद्दों को रचनात्मक तरीके से सामने रखा। अलग-अलग समूहों ने अपने नाटकों के जरिए जल के महत्व और इसके संरक्षण की आवश्यकता को समझाने का प्रयास किया।
छह समूहों ने लिया प्रतियोगिता में हिस्सा
‘जल बचाएं’ विषय पर आयोजित इस नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में कुल छह समूहों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागी समूहों ने जल संरक्षण को केंद्र में रखते हुए अपनी प्रस्तुतियां दीं। नाटकों के माध्यम से विद्यार्थियों ने जल संकट और जल प्रदूषण से जुड़ी बढ़ती चुनौतियों को सामने रखा। प्रस्तुतियों में इस बात पर जोर दिया गया कि जल केवल दैनिक जीवन की जरूरत नहीं है, बल्कि पर्यावरण और समाज के लिए भी इसका संरक्षण बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक जैसे प्रभावशाली माध्यम का इस्तेमाल करते हुए लोगों को जल के जिम्मेदाराना इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पर्यावरण से जुड़े विषय पर अपनी रचनात्मक क्षमता दिखाने का भी अवसर दिया।

निर्णायक मंडल ने किया प्रस्तुतियों का मूल्यांकन
प्रतियोगिता में प्रस्तुत किए गए सभी नुक्कड़ नाटकों का मूल्यांकन डॉ. मधु रानी सिन्हा, डीन, विज्ञान संकाय और डॉ. मंजुला सुशीला, सहायक प्राध्यापक, हिंदी विभाग द्वारा किया गया। दोनों निर्णायकों ने प्रतिभागी समूहों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। नाटकों के जरिए जल संरक्षण की आवश्यकता और जल संसाधनों के जिम्मेदाराना उपयोग से जुड़े संदेशों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने पर ध्यान दिया गया। प्रतियोगिता के बाद निर्णायक मंडल की ओर से विजेता समूहों की घोषणा की गई।
मेघा झा एवं समूह को पहला पुरस्कार
प्रतियोगिता में कोड 4 – मेघा झा एवं समूह ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया। समूह की प्रस्तुति को प्रतियोगिता में पहला स्थान दिया गया। वहीं कोड 5 – वर्षा सिंह एवं समूह को द्वितीय पुरस्कार मिला। जबकि कोड 3 – जया एवं समूह ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। इस तरह प्रतियोगिता में शामिल छह समूहों में से तीन समूहों को उनकी प्रस्तुतियों के लिए पुरस्कृत किया गया। विजेता समूहों की प्रस्तुतियों में जल संरक्षण के संदेश को रचनात्मक तरीके से सामने रखा गया।

कार्यक्रम के संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी
कार्यक्रम का समन्वय सिस्टर एम. लुवीना ए.सी., सचिव, ईसीओ टास्क फोर्स एवं सहायक प्राध्यापक, जूलॉजी विभाग द्वारा किया गया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में समन्वय की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन रुकैया फातिमा ने किया। वहीं कार्यक्रम के अंत में मुस्कान भारती, सेमेस्टर VII, जूलॉजी विभाग ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के आयोजन से जुड़े विभिन्न चरणों में विद्यार्थियों और विभागीय सदस्यों की भागीदारी रही। नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों को पर्यावरणीय विषयों पर अपनी बात रचनात्मक रूप से रखने का अवसर मिला।
डॉ. सुमीत रंजन के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
पूरे कार्यक्रम का आयोजन डॉ. सुमीत रंजन, उपाध्यक्ष, ईसीओ टास्क फोर्स एवं विभागाध्यक्ष, जूलॉजी विभाग के मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण में किया गया। कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण को लेकर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को सामने रखा। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जल बचाने की आवश्यकता के बारे में जानकारी देना ही नहीं था, बल्कि उन्हें पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और जल संसाधनों के संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना भी था।

रचनात्मक माध्यम से दिया जल संरक्षण का संदेश
नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने जल संरक्षण के संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए एक प्रभावशाली और रचनात्मक माध्यम का इस्तेमाल किया। छह समूहों की प्रस्तुतियों में जल संकट और जल प्रदूषण जैसी चुनौतियों के प्रति जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया गया। आयोजन के जरिए विद्यार्थियों को यह मंच मिला कि वे पर्यावरण से जुड़े विषयों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखते हुए उन्हें सामाजिक जागरूकता से जोड़ सकें। जल संरक्षण जैसे विषय को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रस्तुत करने से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी सामने रखने का अवसर मिला। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने विद्यार्थियों की भागीदारी और प्रस्तुतियों के जरिए जल संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को जल संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया।