बिहार: जमुई नाबालिग से अभद्र व्यवहार मामले में नया मोड़, परिजनों की तस्वीर X पर पोस्ट करने को लेकर FIR

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BNT Desk: बिहार के जमुई में 19 सितंबर को नाबालिग बच्ची और उसके साथी के साथ कथित अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शुरू हुए मामले में अब एक और पहलू जुड़ गया है। जमुई पुलिस ने पूरे प्रकरण को लेकर कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए बताया है कि मूल घटना के संबंध में पहले ही विधि-सम्मत कार्रवाई की जा चुकी है। अब पीड़िता के परिजनों से जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट किए जाने को लेकर भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, तस्वीर पोस्ट किए जाने के मामले में सीएमओ कार्यालय के एक कर्मी के खिलाफ कांड दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों के अलग-अलग पहलुओं को जांच के दायरे में रखा गया है और उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

 

19 सितंबर के वीडियो से सामने आया था मामला

जमुई जिले में 19 सितंबर 2026 को एक नाबालिग बालिका और उसके साथी के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। सोशल मीडिया पर वीडियो के प्रसार के बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया और घटना से संबंधित कार्रवाई शुरू की। जमुई पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस घटना के संबंध में विधि-सम्मत कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। पुलिस ने मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने की बात कही है। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस की ओर से जांच के दौरान तथ्यों और साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर सामने आने वाली सामग्री के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पुलिस आधिकारिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

 

25 सितंबर को तस्वीर पोस्ट किए जाने की जानकारी मिली

मूल घटना के बाद 25 सितंबर को पुलिस के सामने मामले से जुड़ा एक और पहलू आया। पुलिस को जानकारी मिली कि पीड़िता के परिजनों से जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट की गई है। इसके बाद पुलिस ने इस पोस्ट को लेकर भी कार्रवाई शुरू की। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, तस्वीर पोस्ट किए जाने के मामले में सीएमओ कार्यालय के एक कर्मी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके साथ ही इस मामले में अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। इस तरह 19 सितंबर को नाबालिग से जुड़े वीडियो के वायरल होने से शुरू हुए प्रकरण में अब सोशल मीडिया पर तस्वीर पोस्ट किए जाने का मामला भी जुड़ गया है। पुलिस दोनों पहलुओं से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

 

सांसद मीसा भारती ने भी दिया आवेदन

इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी सवाल उठाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, लोकसभा सांसद मीसा भारती की ओर से इस मामले में एक आवेदन दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, आवेदन में मांग की गई है कि बिना जांच के किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पुलिस ने बताया कि सांसद की ओर से प्राप्त आवेदन को दर्ज कांड के अनुसंधान का हिस्सा बना दिया गया है। अब जांच के दौरान इस आवेदन में उठाए गए बिंदुओं को भी उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के साथ देखा जाएगा। पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि मामले में निष्पक्ष और नियमानुसार अनुसंधान किया जा रहा है।

 

पुलिस बोली- तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी जांच

जमुई पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में जांच की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के अनुसार, मामले में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष तरीके से अनुसंधान किया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो, तस्वीर या अलग-अलग पक्षों की ओर से किए जा रहे दावों को जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के साथ देखा जाएगा। पुलिस ने जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया है। पुलिस के मुताबिक, सांसद की ओर से दिया गया आवेदन भी दर्ज मामले की जांच का हिस्सा है। अब अनुसंधान के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

सोशल मीडिया पोस्ट भी जांच के दायरे में

इस पूरे प्रकरण में सोशल मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है। पहले घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ और बाद में पीड़िता के परिजनों से संबंधित तस्वीर पोस्ट किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली। पुलिस ने तस्वीर पोस्ट किए जाने के मामले को लेकर अलग से प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में सीएमओ कार्यालय के एक कर्मी के खिलाफ कांड दर्ज किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। नाबालिग से जुड़े मामलों में सोशल मीडिया पर तस्वीर, वीडियो या पहचान से संबंधित सामग्री साझा करना संवेदनशील विषय होता है। इसलिए ऐसे मामलों में वायरल सामग्री के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ निष्कर्ष निकालने के बजाय आधिकारिक जांच और कानूनी प्रक्रिया का इंतजार करना जरूरी होता है।

 

जांच पूरी होने के बाद स्थिति होगी स्पष्ट

फिलहाल जमुई पुलिस की जांच जारी है। एक तरफ 19 सितंबर की घटना से संबंधित मामले में पहले की गई विधि-सम्मत कार्रवाई आगे बढ़ रही है, वहीं 25 सितंबर को सामने आए सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज प्राथमिकी की भी जांच की जा रही है। सांसद मीसा भारती की ओर से दिया गया आवेदन भी पुलिस के अनुसार अनुसंधान का हिस्सा बना दिया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि पूरे मामले की जांच उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्य यह तय करेंगे कि तस्वीर पोस्ट किए जाने के मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और मूल घटना से जुड़े प्रकरण में भी आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है। फिलहाल पुलिस ने सभी पहलुओं को जांच के दायरे में रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

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