BNT Desk: बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बड़ा झटका लगा है। पार्टी की ओर से उम्मीदवार घोषित किए जाने के महज एक दिन बाद ही भूषण कुमार झा ने जन सुराज का टिकट लौटाने का ऐलान कर दिया। अब उन्होंने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। भूषण झा को जन सुराज ने 24 सितंबर को तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपना प्रत्याशी घोषित किया था। इसके साथ ही पार्टी ने बिहार विधान परिषद की सभी आठ शिक्षक और स्नातक सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची पूरी की थी। लेकिन अगले ही दिन मुजफ्फरपुर में हुई पार्टी की बैठक के बाद भूषण झा ने पार्टी के साथ चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया।
एक दिन बाद ही बदला चुनावी फैसला
जन सुराज ने 24 सितंबर को तिरहुत शिक्षक सीट से भूषण झा और तिरहुत स्नातक सीट से डॉ. विमोहन कुमार को उम्मीदवार बनाया था। इस घोषणा के साथ पार्टी ने परिषद की सभी आठ सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए थे। लेकिन प्रत्याशी बनाए जाने के करीब 24 घंटे बाद ही भूषण झा ने जन सुराज से अलग होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। शुक्रवार को मुजफ्फरपुर के एक निजी होटल में पार्टी की बैठक हुई थी, जिसमें प्रशांत किशोर भी मौजूद थे। बैठक के बाद भूषण झा ने अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैठक में जिस तरीके से उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिया गया, उससे वह संतुष्ट नहीं थे।
बैठक में व्यवहार को लेकर जताई आपत्ति
भूषण झा के अनुसार, जब उन्हें बैठक में अपनी बात रखने का अवसर मिला और उन्होंने बोलना शुरू किया तो उनके साथ आए शिक्षक साथियों को उनकी बात रिकॉर्ड करने से रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बात मीडिया तक भी नहीं पहुंचने दी गई। भूषण झा ने यह भी आरोप लगाया कि बैठक में उन पर पार्टी की ओर से तय बात ही रखने का दबाव बनाया गया। उनके मुताबिक, वह शिक्षक समुदाय से जुड़े मुद्दों और अपनी बात को स्वतंत्र रूप से सामने रखना चाहते थे। इन आरोपों के आधार पर ही उन्होंने जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। हालांकि, बैठक में वास्तव में क्या हुआ, इसे लेकर भूषण झा का पक्ष सामने आया है। जन सुराज की ओर से इस घटनाक्रम पर अलग पक्ष सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
शिक्षक साथियों से बातचीत के बाद लिया फैसला
भूषण झा ने कहा कि बैठक में उनके साथ पहुंचे शिक्षक साथी भी पूरे घटनाक्रम को लेकर असहज महसूस कर रहे थे। बैठक समाप्त होने के बाद उन्होंने अपने साथ आए शिक्षकों से बातचीत की और आगे की रणनीति पर उनकी राय ली। इसके बाद उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया। उनका कहना है कि वह तिरहुत क्षेत्र के शिक्षक साथियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव मैदान में उतरेंगे। इस तरह गुरुवार को जन सुराज के प्रत्याशी के रूप में सामने आए भूषण झा ने शुक्रवार को ही पार्टी का टिकट वापस करने और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी।
पहले कांग्रेस और JDU से जुड़े रहे हैं भूषण झा
भूषण झा को तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए जाने की खबर सामने आने के समय उनके राजनीतिक और शिक्षक संगठनों से जुड़े अनुभव को भी चर्चा में रखा गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वह कांग्रेस और JDU से जन सुराज में आए थे। जन सुराज ने उन्हें तिरहुत शिक्षक सीट से मैदान में उतारते हुए शिक्षक समुदाय से जुड़े मुद्दों को चुनावी एजेंडे में प्रमुखता देने की बात कही थी। पार्टी ने इस चुनाव के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और शिक्षक समस्याओं को प्रमुख मुद्दों के तौर पर सामने रखा है। अब भूषण झा के पार्टी से अलग होने के बाद तिरहुत शिक्षक सीट पर जन सुराज को आगे की रणनीति तय करनी होगी।
जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर उतारे थे उम्मीदवार
बिहार विधान परिषद की इस चुनाव प्रक्रिया में चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। जन सुराज ने शुरुआत में 20 सितंबर को पांच सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की थी। इनमें पटना शिक्षक सीट से दिव्या ज्योति, दरभंगा शिक्षक से एसपी राय, सारण शिक्षक से आफाक अहमद, दरभंगा स्नातक से रवींद्र यादव और कोसी स्नातक से रजनीश रंजन को उम्मीदवार बनाया गया था। इसके बाद 24 सितंबर को पार्टी ने बची हुई तीन सीटों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान किया। इनमें पटना स्नातक से डॉ. अनुज सिंह, तिरहुत स्नातक से डॉ. विमोहन कुमार और तिरहुत शिक्षक से भूषण झा शामिल थे। इस घोषणा के साथ पार्टी ने सभी आठ सीटों पर अपने उम्मीदवार तय कर दिए थे। लेकिन अब तिरहुत शिक्षक सीट से भूषण झा के अलग होने के बाद पार्टी को इस सीट पर नए उम्मीदवार को लेकर फैसला करना होगा।
23 अक्टूबर को होना है मतदान
बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम भी घोषित हो चुका है। चुनाव चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में होना है। मतदान 23 अक्टूबर को होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही तिरहुत शिक्षक सीट पर जन सुराज के उम्मीदवार का बदलना चुनावी गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
अब जन सुराज की अगली रणनीति पर नजर
भूषण झा के निर्दलीय चुनाव लड़ने के फैसले के बाद तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में आगे की स्थिति पर नजर रहेगी। एक तरफ जन सुराज को इस सीट पर अपने अगले उम्मीदवार के बारे में फैसला करना होगा, वहीं भूषण झा स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी करेंगे। भूषण झा ने अपने फैसले के पीछे मुजफ्फरपुर की बैठक में हुए कथित व्यवहार और अपनी बात रखने को लेकर असहमति को कारण बताया है। फिलहाल इस घटनाक्रम पर जन सुराज की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए बैठक को लेकर दोनों पक्षों का पूरा पक्ष सामने आने के बाद ही विवाद की स्थिति और स्पष्ट होगी।