BNT Desk: बिहार के राजनीतिक और कारोबारी जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। राज्यसभा के पूर्व सांसद, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संस्थापक सदस्यों में शामिल और SIS ग्रुप के संस्थापक डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा का निधन हो गया है। उन्होंने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही बिहार सहित देश के राजनीतिक, सामाजिक और कारोबारी क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
डॉ. सिन्हा को लोग प्यार और सम्मान से ‘बड़े साहब’ कहकर बुलाते थे। उनका जीवन कई अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रियता और उपलब्धियों से जुड़ा रहा। उन्होंने पत्रकारिता से अपने करियर की शुरुआत की, इसके बाद राजनीति में अपनी पहचान बनाई और फिर कारोबार की दुनिया में एक बड़ी कंपनी खड़ी की। उनकी पहचान केवल एक उद्योगपति के तौर पर नहीं, बल्कि पत्रकार, लेखक और राजनेता के रूप में भी रही।
पत्रकारिता से शुरू हुआ था सफर
डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा के जीवन का शुरुआती सफर पत्रकारिता से जुड़ा रहा। पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी सक्रियता बढ़ाई। समय के साथ उन्होंने राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में भी अपनी पहचान बनाई। उनके जीवन की यात्रा इस बात का उदाहरण रही कि किस तरह अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हुए कोई व्यक्ति अपनी अलग पहचान बना सकता है।
बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में रहे शामिल
डॉ. आरके सिन्हा की पहचान भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में भी रही। उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और बाद में राज्यसभा के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। संसद के उच्च सदन में उनकी मौजूदगी ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में पहचान दिलाई। बिहार से उनका जुड़ाव हमेशा चर्चा में रहा और राज्य के राजनीतिक जगत में उन्हें एक परिचित नाम के रूप में देखा जाता था।
SIS ग्रुप की स्थापना कर कारोबार में बनाई पहचान
राजनीति के साथ-साथ डॉ. सिन्हा ने कारोबार के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने SIS ग्रुप की स्थापना की और अपनी अगुवाई में इसे सुरक्षा सेवाओं के क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल किया। इस समूह ने सुरक्षा सेवाओं के कारोबार में विस्तार किया और देश के कॉरपोरेट जगत में अपनी जगह बनाई।
उनकी कारोबारी यात्रा को अक्सर एक उद्यमी के रूप में उनकी पहचान से जोड़कर देखा जाता रहा है। पत्रकारिता से शुरुआत करने के बाद एक बड़े कारोबारी समूह की स्थापना करना उनके जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल रहा। इसी वजह से उनका नाम राजनीति और उद्योग जगत, दोनों क्षेत्रों में जाना जाता था।
‘बड़े साहब’ के नाम से थी पहचान
डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा को उनके परिचित और समर्थक ‘बड़े साहब’ के नाम से संबोधित करते थे। यह संबोधन उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान का हिस्सा बन गया था। अलग-अलग क्षेत्रों में उनके संपर्क और सक्रियता के कारण बिहार में भी उनका नाम जाना-पहचाना था। उनके निधन की खबर से उनके शुभचिंतकों और उनसे जुड़े लोगों में दुख का माहौल है।
अंतिम दर्शन के लिए पटना लाया जाएगा पार्थिव शरीर
परिवार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. आरके सिन्हा का पार्थिव शरीर दिल्ली से पटना लाया जाएगा। पटना के पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। यहां उनके परिचितों, शुभचिंतकों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के पहुंचने की संभावना है। हालांकि, अंतिम दर्शन और अन्य कार्यक्रमों के विस्तृत समय की जानकारी परिवार की ओर से जारी होने पर ही स्पष्ट होगी।
परिवार ने की शांति और संबल की प्रार्थना
इस दुखद घड़ी में उनके परिवार ने लोगों से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने और परिवार को इस कठिन समय में संबल देने की अपील की है। किसी अपने के जाने का दुख परिवार के लिए बेहद कठिन होता है। ऐसे समय में शुभचिंतकों और परिचितों की संवेदनाएं परिवार को सहारा दे सकती हैं।
बिहार के सार्वजनिक जीवन में याद किए जाएंगे आरके सिन्हा
डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा का जीवन पत्रकारिता, राजनीति, लेखन और कारोबार जैसे अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ा रहा। उन्होंने अपने करियर में कई भूमिकाएं निभाईं और अपनी पहचान बनाई। राज्यसभा के पूर्व सांसद और SIS ग्रुप के संस्थापक के रूप में उनका नाम लंबे समय तक याद किया जाएगा।
उनके निधन से बिहार ने एक ऐसी सार्वजनिक शख्सियत को खो दिया है, जिसका जुड़ाव राज्य की राजनीति और कारोबारी जगत, दोनों से रहा। उनके जाने से उनके परिवार, शुभचिंतकों और उनसे जुड़े लोगों में शोक है। डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा को विनम्र श्रद्धांजलि।