BNT Desk: बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में सुपौल जिले की निर्मली थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 270 लीटर नेपाली शराब बरामद की है। पुलिस ने मौके से दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। शराब की ढुलाई में इस्तेमाल की जा रही एक चारपहिया गाड़ी और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर शराब की खेप के स्रोत और इसकी सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई जिले में अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस के निर्देश पर और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित विशेष छापेमारी दल ने कार्रवाई को अंजाम दिया। बरामद शराब नेपाली बताई जा रही है। हालांकि, शराब कहां से लाई गई थी और इसे किस इलाके में पहुंचाया जाना था, इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
विशेष अभियान के तहत निर्मली पुलिस की कार्रवाई
जिले में अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान निर्मली थाना पुलिस को शराब की खेप के संबंध में कार्रवाई करने में सफलता मिली। पुलिस टीम ने छापेमारी कर 270 लीटर नेपाली शराब बरामद की और मौके से दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
इस कार्रवाई में शराब की ढुलाई के लिए इस्तेमाल की जा रही चारपहिया गाड़ी को भी जब्त किया गया है। इसके अलावा एक मोबाइल फोन पुलिस के कब्जे में लिया गया है। जांच के दौरान वाहन और मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी का इस्तेमाल तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में किया जा सकता है।
पुलिस का मानना है कि अवैध शराब की तस्करी के मामलों में केवल शराब बरामद करना ही पर्याप्त नहीं है। यह पता लगाना भी जरूरी है कि खेप कहां से आई, इसे किसके जरिए पहुंचाया जा रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं। इसी उद्देश्य से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
मधुबनी के रौवाही गांव के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पड़ोसी जिले मधुबनी के अंधरामठ थाना क्षेत्र के रौवाही गांव, वार्ड नंबर-6 के निवासी के रूप में हुई है। आरोपियों के नाम मिथुन कुमार, पिता अरुण यादव, और नंदन कुमार उर्फ रामनंदन कुमार, पिता छेदीलाल यादव बताए गए हैं।
दोनों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उनसे शराब की खेप से संबंधित जानकारी जुटा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब की आपूर्ति किस व्यक्ति ने की थी और इसे आगे किसे सौंपा जाना था। पुलिस यह भी पता कर सकती है कि आरोपियों का इससे पहले भी शराब तस्करी के किसी मामले से संबंध रहा है या नहीं। फिलहाल पुलिस की ओर से दोनों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के आधार पर ही उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
कहां से आई थी नेपाली शराब की खेप?
इस मामले में पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल शराब की खेप के स्रोत को लेकर है। बरामद शराब नेपाली बताई गई है, लेकिन इसे किस रास्ते से लाया गया और इसकी आपूर्ति किसने की, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि शराब सुपौल जिले के किस इलाके में पहुंचाई जानी थी। इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में इसकी सप्लाई की योजना थी या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
नेपाल से सटे क्षेत्रों में शराब की आवाजाही और तस्करी से जुड़े मामलों में आपूर्ति के रास्तों, परिवहन के साधनों और संभावित खरीदारों की जानकारी महत्वपूर्ण होती है। हालांकि, इस मामले में किसी विशेष रास्ते या नेटवर्क की पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद शराब की खेप के पीछे कितने लोग शामिल थे।
मोबाइल फोन और चारपहिया वाहन जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक चारपहिया वाहन और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। जांच में इन दोनों की अहम भूमिका हो सकती है। वाहन से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि शराब की ढुलाई किस तरह की जा रही थी। वहीं, मोबाइल फोन में मौजूद कॉल रिकॉर्ड, संपर्कों और अन्य उपलब्ध डिजिटल जानकारी की जांच से कथित तस्करी नेटवर्क के बारे में सुराग मिल सकते हैं।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के साक्ष्य मिलते हैं, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अवैध शराब के कारोबार में कई बार परिवहन करने वाले व्यक्ति, आपूर्तिकर्ता और खरीदार अलग-अलग हो सकते हैं। ऐसे में पुलिस की जांच का उद्देश्य पूरे घटनाक्रम को समझना और मामले से जुड़े लोगों की पहचान करना है। हालांकि, इस प्रकरण में अभी तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी और शराब, वाहन तथा मोबाइल फोन की जब्ती की जानकारी ही सामने आई है।
बिहार मद्य निषेध कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज
इस मामले में निर्मली थाने में बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस जब्त सामग्री और पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर आगे की जांच कर रही है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को एकत्र करेगी। इसके बाद कानूनी प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का निर्धारण उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा। बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लागू है। ऐसे में अवैध शराब की बरामदगी के मामलों में पुलिस तस्करी के स्रोत और सप्लाई से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश करती है। निर्मली में हुई इस कार्रवाई के बाद भी पुलिस का ध्यान कथित नेटवर्क की पहचान पर है।
जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने का दावा
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा। निर्मली थाना पुलिस की इस कार्रवाई को इसी अभियान का हिस्सा बताया गया है। 270 लीटर शराब की बरामदगी के साथ दो आरोपियों की गिरफ्तारी से पुलिस को मामले की जांच आगे बढ़ाने का आधार मिला है। अब जांच के दौरान यह स्पष्ट करना होगा कि शराब कहां से लाई गई थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और क्या इस कारोबार में अन्य लोग भी शामिल थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जब्त वाहन और मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी तथा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।