BNT Desk: बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में आयोजित 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय संघ यानी कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान दक्षिण अफ्रीका की मंत्री (Minister of Presidency) सुश्री रामोकगोफा ने डॉ. प्रेम कुमार का स्वागत किया। सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के पीठासीन पदाधिकारियों और संसदीय प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य संसदीय लोकतंत्र, सुशासन और मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करना रहा। अलग-अलग देशों से आए संसदीय प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों के अनुभव साझा किए और लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत बनाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
संसदीय लोकतंत्र और सुशासन पर हुआ मंथन
69वें CPA सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के पीठासीन पदाधिकारियों ने संसदीय लोकतंत्र को प्रभावी बनाने और सुशासन को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बदलते वैश्विक परिदृश्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका और जिम्मेदारियों पर भी विचार रखा गया। सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और वैश्विक स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों को लेकर भी चर्चा हुई। संसदीय संस्थाओं की भूमिका केवल कानून बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और शासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर नीतिगत दिशा तय करने में भी संसदों की भूमिका अहम मानी जाती है। इसी संदर्भ में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने भी संसदीय नेतृत्व की भूमिका पर अपने विचार रखे।
जलवायु अनुकूलन और आपदा से निपटने पर डॉ. प्रेम कुमार ने रखे विचार
सम्मेलन के दौरान डॉ. प्रेम कुमार ने विशेष रूप से जलवायु अनुकूलन और आपदाओं के प्रति संसदीय स्तर पर लचीलापन बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने ऐसे समय में संसदीय संस्थाओं की भूमिका पर चर्चा की, जब जलवायु परिवर्तन के कारण अलग-अलग देशों में प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती बढ़ रही है। जलवायु परिवर्तन के कारण बाढ़, सूखा, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का असर कई क्षेत्रों में देखने को मिलता है। ऐसे में आपदा के समय प्रशासनिक तैयारियों के साथ-साथ नीति निर्माण और संस्थागत क्षमता को मजबूत करना भी जरूरी माना जाता है। CPA सम्मेलन में इन विषयों पर विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के बीच विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ।
विभिन्न देशों के संसदीय प्रतिनिधियों से संवाद
केपटाउन में आयोजित सम्मेलन के दौरान डॉ. प्रेम कुमार ने राष्ट्रमंडल देशों के पीठासीन पदाधिकारियों और संसदीय प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। इस दौरान अलग-अलग देशों की संसदीय कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक व्यवस्था और विधायी प्रक्रियाओं को लेकर अनुभव साझा किए गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले ऐसे सम्मेलन विभिन्न देशों की संसदों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर देते हैं। इससे संसदीय संस्थाओं के बीच संबंध मजबूत करने और बेहतर प्रक्रियाओं को अपनाने में मदद मिल सकती है। डॉ. प्रेम कुमार की इस यात्रा को भी बिहार विधानसभा और दूसरे देशों की संसदीय संस्थाओं के बीच संवाद बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
केपटाउन के बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जाएंगे
केपटाउन में सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद बिहार विधानसभा अध्यक्ष की अंतरराष्ट्रीय यात्रा जारी रहेगी। कार्यक्रम के अनुसार वह 20 से 24 सितंबर तक सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में रहेंगे। इसके बाद 24 से 27 सितंबर तक ऑकलैंड, न्यूजीलैंड की आधिकारिक यात्रा प्रस्तावित है। इसके बाद डॉ. प्रेम कुमार 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक मालदीव की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे।इन देशों की यात्रा के दौरान संबंधित देशों की संसदों का भ्रमण प्रस्तावित है। साथ ही वहां की संसदों के पीठासीन पदाधिकारियों के साथ शिष्टाचार मुलाकात और संसदीय विषयों पर संवाद भी किया जाएगा।
भारतीय समुदाय से भी करेंगे संवाद
अंतरराष्ट्रीय दौरे के दौरान डॉ. प्रेम कुमार के भारतीय समुदाय के लोगों से संवाद का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और मालदीव में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ मुलाकात के जरिए उनके अनुभवों और गतिविधियों को समझने का अवसर मिलेगा। विदेशों में रहने वाला भारतीय समुदाय भारत से सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से जुड़ा हुआ है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों और भारतीय समुदाय के बीच संवाद को भी इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
अंतर-संसदीय संबंध मजबूत करना यात्रा का उद्देश्य
बिहार विधानसभा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय यात्रा का प्रमुख उद्देश्य संसदीय लोकतंत्र और विधायी कार्यप्रणाली के क्षेत्र में अलग-अलग देशों के अनुभवों का आदान-प्रदान करना है। इसके साथ ही अंतर-संसदीय संबंधों को मजबूत करना और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में संसदीय संस्थाओं की भूमिका को समझना भी यात्रा के उद्देश्यों में शामिल है। अलग-अलग देशों की संसदों की कार्यप्रणाली को करीब से समझने से विधायी प्रक्रियाओं, संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े अनुभव साझा किए जा सकते हैं।
प्रभारी सचिव संजय कुमार सिंह भी दौरे में साथ
बिहार विधानसभा के प्रभारी सचिव श्री संजय कुमार सिंह भी इस अंतरराष्ट्रीय दौरे में आधिकारिक रूप से डॉ. प्रेम कुमार के साथ हैं। वह अध्यक्ष के सहयोगार्थ पूरी यात्रा में उनके साथ रहेंगे।केपटाउन में CPA सम्मेलन से शुरू हुआ यह दौरा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और मालदीव तक चलेगा। इस दौरान संसदीय संस्थाओं के बीच संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा को प्रमुखता दी जाएगी।