बिहार में 112 सेवा को मिलेगी मजबूती, गयाजी में बनेगा समानांतर आपातकालीन केंद्र; अक्टूबर से शुरू हो सकती है सेवा

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BNT Desk: बिहार में आपातकालीन सेवा वाहन 112 को और मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत गयाजी में 112 सेवा के लिए एक समानांतर आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली केंद्र तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस केंद्र से अक्टूबर 2026 से आपातकालीन कॉल रिसीव करने की शुरुआत हो सकती है। केंद्र के शुरू होने के बाद गयाजी में 112 सेवा से जुड़े हर चौथे कॉल को रिसीव करने की व्यवस्था होगी। इससे पटना स्थित मुख्य केंद्र पर कॉल प्रबंधन की निर्भरता भी कम होगी।

 

पुराने SSP कार्यालय भवन में तैयार हो रहा नया केंद्र

गयाजी में 112 सेवा के समानांतर केंद्र के लिए पुराने SSP कार्यालय भवन का चयन किया गया है। जानकारी के अनुसार, इस भवन को नए आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है। भवन को केंद्र के अनुरूप तैयार करने का काम पुलिस भवन निर्माण निगम लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण और जरूरी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद अक्टूबर में गयाजी से 112 सेवा के कॉल रिसीव करने की शुरुआत की जा सकती है। नया केंद्र शुरू होने के बाद गयाजी और आसपास के क्षेत्रों में आपातकालीन कॉल प्रबंधन की व्यवस्था को अतिरिक्त क्षमता मिलेगी।

 

एक साथ 20 कर्मी संभाल सकेंगे कॉल

गयाजी में तैयार किए जा रहे केंद्र में एक साथ 20 कर्मियों के बैठने और आपातकालीन कॉल रिसीव करने की व्यवस्था होगी। यहां तैनात कर्मचारी लोगों की ओर से आने वाली आपातकालीन सूचनाओं को दर्ज करेंगे और स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे। कॉल के दौरान मिलने वाली जानकारी के आधार पर संबंधित क्षेत्र में वाहन 112 भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे किसी घटना की सूचना मिलने और मौके पर आपातकालीन सहायता पहुंचाने के बीच समन्वय बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

 

हर चौथा 112 कॉल गयाजी में रिसीव होगा

अधिकारियों के अनुसार, गयाजी केंद्र शुरू होने के बाद 112 सेवा से जुड़े कॉल का एक हिस्सा इस केंद्र पर रिसीव किया जाएगा। योजना के तहत हर चौथा कॉल गयाजी में रिसीव करने की व्यवस्था होगी। इससे बिहार में 112 सेवा के कॉल प्रबंधन के लिए एक अतिरिक्त केंद्र उपलब्ध हो जाएगा। फिलहाल आपातकालीन कॉल रिसीव करने में पटना केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। गयाजी में समानांतर केंद्र बनने से कॉल को दो केंद्रों के बीच बांटने की व्यवस्था मजबूत होगी।

 

पटना केंद्र में फिलहाल 90 कर्मियों की क्षमता

वर्तमान में पटना स्थित 112 केंद्र में एक साथ 90 कर्मियों के आपातकालीन कॉल रिसीव करने की क्षमता बताई गई है। इसके अलावा राजीव नगर में 112 सेवा के लिए एक नया भवन तैयार किया जा रहा है। राजीव नगर स्थित नया केंद्र शुरू होने के बाद पटना में कॉल रिसीव करने की क्षमता बढ़कर 150 कर्मियों तक पहुंचने की बात कही गई है। इसके साथ गयाजी में समानांतर केंद्र शुरू होने से राज्य में 112 सेवा के कॉल प्रबंधन की कुल व्यवस्था को अतिरिक्त बैकअप मिलेगा।

 

तकनीकी खराबी के समय काम आएगा बैकअप सेंटर

गयाजी में समानांतर केंद्र बनाने का एक प्रमुख उद्देश्य 112 सेवा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करना है। अगर किसी तकनीकी खराबी, नेटवर्क की समस्या या किसी अन्य कारण से पटना स्थित मुख्य केंद्र पर कॉल रिसीव करने में परेशानी होती है, तो कॉल को गयाजी केंद्र की ओर स्थानांतरित किया जा सकेगा। इस व्यवस्था का फायदा यह होगा कि किसी एक केंद्र में तकनीकी समस्या आने की स्थिति में पूरी आपातकालीन कॉल सेवा प्रभावित होने की आशंका कम होगी। गयाजी केंद्र ऐसी परिस्थितियों में बैकअप के रूप में काम कर सकेगा।

 

कॉल की जानकारी के आधार पर भेजा जाएगा वाहन 112

गयाजी केंद्र में तैनात कर्मचारी आपातकालीन कॉल के दौरान घटना की जानकारी और संबंधित स्थान की सूचना दर्ज करेंगे। इसके बाद जरूरत के अनुसार संबंधित इलाके में वाहन 112 भेजने के लिए कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था में कॉल रिसीव करने वाले कर्मियों और मौके पर भेजे जाने वाले आपातकालीन वाहन के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होगा। केंद्र का उद्देश्य सूचना मिलने के बाद सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया को लगातार सक्रिय बनाए रखना है।

 

पटना केंद्र पर निर्भरता कम होगी

फिलहाल 112 सेवा के कॉल प्रबंधन में पटना स्थित केंद्र की अहम भूमिका है। गयाजी में दूसरा केंद्र शुरू होने के बाद इस व्यवस्था में एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा। इससे सामान्य दिनों में कॉल का एक हिस्सा गयाजी केंद्र संभाल सकेगा, जबकि तकनीकी समस्या या किसी अन्य व्यवधान की स्थिति में यह केंद्र वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में काम करेगा।

 

आपातकालीन सेवा के लिए मजबूत होगा नेटवर्क

गयाजी में समानांतर आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली केंद्र की स्थापना को बिहार में 112 सेवा के नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। केंद्र में 20 कर्मियों के बैठने की व्यवस्था होगी और हर चौथा कॉल यहां रिसीव किए जाने की योजना है। अक्टूबर से सेवा शुरू होने की संभावित योजना के बाद 112 सेवा के कॉल प्रबंधन में पटना के साथ गयाजी की भी भूमिका बढ़ जाएगी। वहीं राजीव नगर में प्रस्तावित नए केंद्र के शुरू होने के बाद पटना की कॉल रिसीव करने की क्षमता भी बढ़ेगी। इससे आपातकालीन कॉल के लिए बैकअप व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।

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