BNT Desk: बिहार की राजनीति में मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है। उन्होंने पटना स्थित राजभवन (लोक भवन) जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा। इस मौके पर उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे। इस्तीफा देने के तुरंत बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने 20 साल के सफर और बिहार के भविष्य को लेकर अपनी बात रखी।
2005 से 2026 तक का सफर: “हमने कानून का राज स्थापित किया”
नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट की शुरुआत पुरानी यादों से की। उन्होंने याद दिलाया कि 24 नवंबर 2005 को जब पहली बार बिहार में एनडीए (NDA) की सरकार बनी थी, तब से लेकर आज तक उन्होंने राज्य की सूरत बदलने के लिए लगातार काम किया।
उन्होंने लिखा कि पिछले दो दशकों में बिहार में ‘कानून का राज’ स्थापित करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के समाज के हर तबके—चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम हो, अगड़ी जाति हो, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित या महादलित हो—सबके विकास के लिए योजनाएं बनाईं।
विकास के हर क्षेत्र में नई क्रांति
नीतीश कुमार ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि बिहार ने हर क्षेत्र में प्रगति की है:
-
बुनियादी ढांचा: सड़क, बिजली और पानी की स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर आया।
-
शिक्षा और स्वास्थ्य: स्कूलों और अस्पतालों की हालत सुधारी गई ताकि आम आदमी को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
-
महिला और युवा: ‘साइकिल योजना’ से लेकर ‘आरक्षण’ तक, महिलाओं को सशक्त बनाया गया और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए गए।
-
कृषि: किसानों के लिए कृषि रोडमैप तैयार कर बिहार को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया गया।
‘7 निश्चय-3’ और बिहार का भविष्य
नीतीश कुमार ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि उनके जाने के बाद भी विकास का पहिया नहीं रुकेगा। उन्होंने आने वाले 5 वर्षों (2025-2030) के लिए ‘7 निश्चय-3’ का खाका तैयार किया है। उनका मानना है कि इस योजना के माध्यम से बिहार देश के टॉप राज्यों में शामिल हो जाएगा।
उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विशेष आभार व्यक्त किया। नीतीश ने कहा कि बिहार के विकास में केंद्र का पूरा सहयोग मिल रहा है और इसके लिए वे प्रधानमंत्री के ऋणी हैं।
क्यों दिया इस्तीफा? नीतीश ने खुद बताया कारण
अपने इस्तीफे के पीछे की वजह को स्पष्ट करते हुए नीतीश कुमार ने कहा, “हमने बिहार के लोगों की सेवा में अपना जीवन लगा दिया। मैंने बहुत पहले ही तय कर लिया था कि अब मुख्यमंत्री का पद छोड़ दूंगा। आज मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।”
उन्होंने नई बनने वाली सरकार को अपनी शुभकामनाएं दीं और भरोसा दिलाया कि वे बाहर रहकर भी नई सरकार का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनका लक्ष्य केवल एक ही है—बिहार की प्रगति।
बिहार की जनता को धन्यवाद
पोस्ट के अंत में उन्होंने बिहार की जनता का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें इतने वर्षों तक सेवा करने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि बिहार अब और तेजी से विकसित होगा और देश की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा। उनके इस संदेश ने यह साफ कर दिया कि भले ही वह कुर्सी छोड़ रहे हों, लेकिन बिहार के प्रति उनका प्रेम कभी कम नहीं होगा।
