‘बाढ़ को लेकर पूरा तंत्र अलर्ट, मदरसों के साथ संस्कृत स्कूलों की भी हो रही जांच’— सहयोग शिविर में बोले डिप्टी सीएम विजय चौधरी

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BNT Desk: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे ‘सहयोग शिविर’ को लेकर एक बड़ा और सकारात्मक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से पूरे राज्य के लिए बेहद खुशी की बात है कि इन सहयोग शिविरों के माध्यम से आम जनता की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित निपटारा हो रहा है। लोगों को अब अपने छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं।

डिप्टी सीएम ने शिविर की सफलता का जिक्र करते हुए कहा, “आज शिविर के दौरान कई लोगों को उनके जरूरी सरकारी प्रमाण पत्र भी सौंपे गए हैं। हमारे पास जैसे ही आवेदकों के आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, विभाग द्वारा उनका तत्काल निष्पादन (ऑन द स्पॉट निपटारा) किया जा रहा है ताकि लोगों का काम बिना किसी देरी के पूरा हो सके।”

नीतीश कुमार की ‘जनता दरबार’ परंपरा को आगे बढ़ा रही वर्तमान सरकार

विजय चौधरी ने इस व्यवस्था की पृष्ठभूमि की सराहना करते हुए इसके इतिहास को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं के सीधे और त्वरित समाधान की यह पारदर्शी व्यवस्था सबसे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के रूप में शुरू की थी। नीतीश कुमार की इसी सोच का नतीजा है कि आज शासन तंत्र सीधे जनता के द्वार पर खड़ा है।

उन्होंने आगे कहा, “वर्तमान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। सरकार बदलने के बाद भी जनता की सेवा का यह सिलसिला टूटा नहीं है, बल्कि और मजबूत हुआ है, जिससे आम लोगों को बहुत बड़ी राहत मिल रही है।”

विधान परिषद (MLC) चुनाव और सीटों के तालमेल पर सस्पेंस

आगामी बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर जब पत्रकारों ने एनडीए के भीतर सीटों के बंटवारे और जेडीयू की रणनीति पर सवाल पूछा, तो उपमुख्यमंत्री ने बहुत ही नपा-तुला जवाब दिया। उन्होंने सीटों की संख्या को लेकर सस्पेंस बरकरार रखा।

विजय चौधरी ने कहा, “चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर रणनीतियां बन रही हैं। समय आने पर मीडिया और जनता को पूरी आधिकारिक जानकारी दे दी जाएगी कि हमारी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, एनडीए के घटक दलों के बीच क्या फॉर्मूला होगा और हमारे उम्मीदवार कौन होंगे। अभी इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा।”

मदरसा और संस्कृत विद्यालयों की जांच पर सरकार का रुख साफ

बिहार में मदरसों की जांच के लिए शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए पत्र पर मचे राजनीतिक घमासान पर डिप्टी सीएम ने सरकार का पक्ष बेहद मजबूती से रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस जांच को किसी विशेष धर्म या समुदाय के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए क्योंकि सरकार का इरादा पूरी तरह प्रशासनिक सुधार का है।

उन्होंने दोटूक लहजे में कहा, “राज्य में किसी भी शैक्षणिक संस्थान की जांच कराना कहीं से भी गलत नहीं है। विपक्ष इस पर बेवजह राजनीति कर रहा है। सच्चाई यह है कि केवल मदरसों की ही नहीं, बल्कि राज्य के संस्कृत विद्यालयों की भी समान रूप से जांच की जा रही है। इस रूटीन जांच से संस्थानों की वास्तविक स्थिति और व्यवस्था सामने आती है, जिससे शिक्षा के स्तर को सुधारने में मदद मिलेगी।”

मानसून और संभावित बाढ़ को लेकर पूरा तंत्र ‘अलर्ट मोड’ पर

बिहार में मानसून के आगमन और उसके बाद पैदा होने वाली संभावित बाढ़ की गंभीर स्थिति को लेकर भी उपमुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की तैयारियों की समीक्षात्मक जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश की जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

विजय चौधरी ने कहा, “बाढ़ की आशंका को देखते हुए जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों ने अपनी पूरी तैयारी समय से पहले ही मुस्तैद कर ली है। हमारा पूरा प्रशासनिक और राहत तंत्र इस समय ‘अलर्ट मोड’ में है। तटबंधों की निगरानी और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।”

नेपाल की बारिश और बिहार की भौगोलिक चुनौती

बाढ़ के मुख्य कारणों पर बात करते हुए डिप्टी सीएम ने बिहार की भौगोलिक मजबूरियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “यह बात किसी से छिपी नहीं है कि यदि हमारे पड़ोसी देश नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश होती है, तो उसका सीधा असर बिहार में नदियों के जलस्तर बढ़ने और बाढ़ के रूप में देखने को मिलता है। यह बिहार की भौगोलिक स्थिति से जुड़ी एक प्राकृतिक और बेहद संवेदनशील चुनौती है, जिससे हम हर साल डटकर मुकाबला करते हैं और इस बार भी हमारी तैयारी पुख्ता है।”

राबड़ी आवास विवाद: ‘राजद अध्यक्ष के बयानों से परेशान होने की जरूरत नहीं’

अंत में, पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी बंगले को लेकर चल रहे सियासी घमासान और बयानबाजी पर भी विजय चौधरी ने अपनी राय रखी। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं के बयानों को पूरी तरह गैर-जरूरी बताया।

डिप्टी सीएम ने कहा, “इस मामले में जो भी कानूनी स्थिति थी, उसे भवन निर्माण विभाग ने पहले ही पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है। सब कुछ नियमों के तहत हो रहा है। अब इस पर राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष (जगदानंद सिंह) या उनके अन्य नेता मीडिया में क्या बयान दे रहे हैं, उससे सरकार या जनता को परेशान होने की रत्ती भर भी आवश्यकता नहीं है। कानून अपना काम कर रहा है।”

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