BNT Desk: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड अंतर्गत परसौनी नाथ पंचायत पहुंचे। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी ‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण रहा। शिविर में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने न केवल आम जनता की शिकायतों और समस्याओं को बेहद करीब से सुना, बल्कि विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का व्यापक निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनहित के कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए।
288.16 करोड़ रुपये की 109 विकास योजनाओं की बड़ी सौगात
मुजफ्फरपुर वासियों के लिए यह दिन विकास के लिहाज से एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस भव्य अवसर पर जिले को 288.16 करोड़ रुपये की कुल 109 विकास योजनाओं का ऐतिहासिक तोहफा दिया। उन्होंने रिमोट कंट्रोल के जरिए इन विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
इन योजनाओं के पूरा होने से मुजफ्फरपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर कायाकल्प होगा, जिससे स्थानीय निवासियों का जीवन स्तर बेहतर होगा।
जनता को भरोसा और लापरवाह अधिकारियों को सीधी चेतावनी
सहयोग शिविर में मौजूद भारी जनसैलाब को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनता को सरकार के प्रति आश्वस्त किया। उन्होंने कहा, “यह सरकार जनता के आशीर्वाद और भारी समर्थन से बनी है। इसलिए, आम लोगों की समस्याओं का त्वरित और स्थाई समाधान करना हमारी सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है।”
मंच से अधिकारियों को बेहद सख्त और सीधा संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जनता को परेशान करने वाले दिन अब चले गए हैं। अगर सहयोग शिविर में आई किसी भी शिकायत का निवारण तय समय सीमा यानी 30 दिनों के भीतर नहीं किया गया, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित विभाग के अधिकारी को जिम्मेदार माना जाएगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ न सिर्फ दंडात्मक कार्रवाई होगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) भी किया जाएगा।”
पहले ही दिन मिले थे रिकॉर्ड 8 हजार से अधिक आवेदन
बिहार सरकार की ओर से इस विशेष ‘सहयोग शिविर’ अभियान की शुरुआत 19 मई से की गई है। मुजफ्फरपुर जिले में इस अभियान को लेकर जनता के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है। आंकड़े गवाह हैं कि शिविर के पहले ही दिन प्रशासन को रिकॉर्ड 8,008 आवेदन प्राप्त हुए थे।
मंगलवार को आयोजित शिविर में भी हजारों की संख्या में लोग अपनी-अपनी फरियाद और समस्याएं लेकर पहुंचे। सरकार और जिला प्रशासन का दावा है कि तकनीकी रूप से सक्षम इस शिविर में लोगों की शिकायतों का मौके पर ही डिजिटल पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) किया जा रहा है और बिना किसी देरी के समाधान की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जा रही है।
एक ही मंच पर समाधान: अब दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति
इस सहयोग शिविर की सबसे बड़ी और अनोखी खासियत यह है कि यहाँ शासन के सभी प्रमुख अलग-अलग विभागों के आला अधिकारी एक ही छत के नीचे, एक ही मंच पर मौजूद रहते हैं। सरकार की इस अनूठी पहल से आम जनता को बहुत बड़ी राहत मिली है, क्योंकि अब उन्हें अपनी छोटी-छोटी शिकायतों के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों और बाबुओं के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
शिविर में जैसे ही कोई आवेदक अपना आवेदन जमा करता है, काउंटर पर तैनात कर्मी उसे संबंधित विभाग के नोडल अधिकारी तक तुरंत फॉरवर्ड कर देते हैं, जिससे फाइलें अटकने की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
इन प्रमुख जन-समस्याओं का हो रहा है ऑन-द-स्पॉट निपटारा
सहयोग शिविर मुख्य रूप से उन बुनियादी समस्याओं को लक्षित कर रहा है जिससे आम नागरिक रोज़ाना जूझते हैं। शिविर में मुख्य रूप से निम्नलिखित मामलों पर आवेदन लिए जा रहे हैं और उनका निपटारा किया जा रहा है:
-
राजस्व एवं भूमि सुधार: जमीन विवाद, जमीन का दाखिल-खारिज (Mutation), भूमि का सीमांकन और नापी।
-
लोक कल्याणकारी योजनाएं: नए राशन कार्ड बनवाना या सुधार, वृद्धावस्था व अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के तहत रोजगार।
-
दस्तावेजीकरण: जाति, आय, निवास और आचरण प्रमाण पत्र से जुड़ी अड़चनें।
-
बुनियादी सुविधाएं: बिजली के गलत बिल, पानी की किल्लत, जर्जर सड़कें, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी स्थानीय शिकायतें।
सुरक्षा के रहे अभूतपूर्व इंतजाम, रूट डायवर्जन लागू
मुख्यमंत्री के वीआईपी मूवमेंट और कार्यक्रम में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन और पुलिस बल द्वारा सुरक्षा के व्यापक और कड़े बंदोबस्त किए गए थे। कार्यक्रम स्थल (परसौनी नाथ पंचायत) और उसके आसपास के तमाम संवेदनशील क्षेत्रों में भारी संख्या में दंडाधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी। आम जनता को आवागमन में कोई असुविधा न हो और सुरक्षा भी चाक-चौबंद रहे, इसके लिए प्रशासन द्वारा कई प्रमुख मार्गों पर अस्थाई रूट डायवर्जन लागू किया गया था।
हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को लगेंगे शिविर
बिहार सरकार ने इस व्यवस्था को स्थाई और जवाबदेह बनाने के लिए एक बड़ा नीतिगत निर्णय लिया है। नए नियम के मुताबिक, अब हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सरकार के सभी मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे और ‘सहयोग शिविर’ लगाएंगे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अंत में स्पष्ट किया कि यह पूरी मुहिम केवल कागजी खानापूर्ति या आवेदन इकट्ठा करने तक सीमित नहीं रहने वाली है। मुख्यालय स्तर से हर एक शिकायत का बाकायदा फॉलो-अप (अनुश्रवण) किया जाएगा ताकि तय समय सीमा के भीतर पीड़ित नागरिक को शत-प्रतिशत न्याय और राहत मिल सके।
टैग्स (Tags): , Samrat Choudhary Warning to Officers, Bihar Hindi News, मुजफ्फरपुर समाचार, सम्राट चौधरी सहयोग शिविर, बिहार विकास योजनाएं.