पटना: ‘फोर्स बुलाकर खाली करवा लो बंगला…’ 10 सर्कुलर रोड का घर छोड़ने के नोटिस पर भड़कीं राबड़ी देवी

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार की राजनीति के सबसे बड़े केंद्र रहे ’10 सर्कुलर रोड’ बंगले को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान छिड़ गया है। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को पटना स्थित उनका ऐतिहासिक सरकारी आवास खाली करने का नया नोटिस थमाया गया है। भवन निर्माण विभाग के इस आदेश पर राबड़ी देवी ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो टूक जवाब दिया है। दिल्ली से पटना लौटने के बाद उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह किसी भी कीमत पर यह बंगला खुद से खाली नहीं करेंगी; सरकार चाहे तो फोर्स (पुलिस बल) बुलाकर इसे खाली करवा ले।

भवन निर्माण विभाग ने जारी किया तीसरा नोटिस

बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने शुक्रवार को एक आधिकारिक आदेश जारी कर राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का निर्देश दिया। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, राबड़ी देवी को भेजा गया यह तीसरा रिमाइंडर (नोटिस) है। इस नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 10 सर्कुलर रोड का यह सरकारी आवास अब बिहार के नए पशुपालन मंत्री नंदकिशोर राम के नाम पर आवंटित किया जा चुका है। इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री इस बंगले को जल्द से जल्द खाली करें ताकि नए मंत्री वहां शिफ्ट हो सकें।

राबड़ी देवी का दो टूक जवाब: ‘हम नहीं करेंगे खाली’

नोटिस की जानकारी मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सरकार के इस फैसले को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। राबड़ी देवी ने कहा, “हम किसी भी कीमत पर 10 सर्कुलर रोड वाला आवास खाली नहीं करेंगे। अगर सरकार को यह घर खाली ही कराना है, तो वह पुलिस और फोर्स भेज दे और हमें यहां से जबरन बाहर निकलवा दे, लेकिन हम खुद से यह बंगला नहीं छोड़ेंगे।” उनके इस बयान के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है।

39 हार्डिंग रोड का बंगला पहले ही हो चुका है आवंटित

भवन निर्माण विभाग के नियमों और दावों के अनुसार, राबड़ी देवी वर्तमान में बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में हैं। इस पद के प्रोटोकॉल के तहत नवंबर 2025 में ही उन्हें पटना के 39 हार्डिंग रोड पर स्थित एक नया सरकारी बंगला आवंटित किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि नियम के मुताबिक एक जन प्रतिनिधि को एक ही सरकारी आवास मिल सकता है। नया और बड़ा बंगला अलॉट होने के बावजूद राबड़ी देवी ने अब तक अपने पुराने आवास का कब्जा नहीं छोड़ा है।

2005 से इस बंगले में रह रहा है लालू परिवार

पटना का ’10 सर्कुलर रोड’ सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं है, बल्कि पिछले दो दशकों से यह राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और लालू प्रसाद यादव के परिवार की राजनीति का मुख्य ठिकाना रहा है। साल 2005 में जब राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री पद का कार्यकाल समाप्त हुआ था, तब से लेकर आज तक (पिछले करीब 21 वर्षों से) लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और उनका पूरा परिवार इसी बंगले में निवास कर रहा है। राजद के तमाम बड़े फैसले, बैठकें और प्रेस कॉन्फ्रेंस इसी आवास से संचालित होती रही हैं, जिसके कारण इस बंगले से लालू परिवार का गहरा भावनात्मक जुड़ाव है।

महीने भर पहले भी भेजा गया था अल्टीमेटम

यह पहला मौका नहीं है जब सरकार ने इस बंगले को खाली कराने की कोशिश की हो। इससे ठीक एक महीने पहले भी भवन निर्माण विभाग द्वारा राबड़ी देवी को एक कड़ा नोटिस भेजा गया था। उस समय भी अधिकारियों ने लिखित रूप में सूचित किया था कि नेता प्रतिपक्ष के लिए निर्धारित 39 हार्डिंग रोड का आवास पूरी तरह तैयार है, इसलिए 10 सर्कुलर रोड को खाली करना कानूनी और प्रशासनिक रूप से आवश्यक है। विभाग का कहना है कि पिछले छह महीनों से आरजेडी सुप्रीमो के परिवार से लगातार नए घर में शिफ्ट होने का आग्रह किया जा रहा है, लेकिन हर बार बात टलती रही।

चरणबद्ध तरीके से सामान हटाने की चर्चा

भले ही राबड़ी देवी ने सार्वजनिक तौर पर कड़ा रुख अख्तियार किया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से 10 सर्कुलर रोड वाले बंगले से धीरे-धीरे सामान हटाने की प्रक्रिया भी चल रही है। घर के कुछ जरूरी सामान को चरणबद्ध तरीके से परिवार के अन्य करीबियों के आवासों या नए आवंटित बंगले में शिफ्ट किया जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक और कानूनी तौर पर अभी भी इस बंगले पर लालू परिवार का पूरा नियंत्रण है और इसे पूरी तरह खाली नहीं किया गया है। अब देखना यह होगा कि राबड़ी देवी के इस ‘फोर्स बुला लो’ वाले बयान के बाद नीतीश सरकार का अगला प्रशासनिक कदम क्या होता है।

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