BNT Desk:बिहार की राजधानी पटना के चर्चित कोचिंग हब में हुआ विवाद अब एक बेहद आक्रामक कानूनी और जुबानी जंग में बदल चुका है। खान सर की कोचिंग ‘ग्लोबल स्टडीज’ पर हुए हमले और तोड़फोड़ के मामले में गिरफ्तार किए गए ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ के डायरेक्टर रोशन आनंद ने अब इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। पुलिस हिरासत से कोर्ट ले जाए जाने के दौरान रोशन आनंद ने मीडिया के सामने एक बहुत बड़ा और सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने खुद पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इस पूरी घटना को अपने खिलाफ एक सोची-समझी साजिश करार दिया है और इसका सीधा आरोप खुद खान सर पर मढ़ दिया है।
‘मुझे और मेरी कोचिंग को बदनाम करने की कोशिश’
हथकड़ी पहने और पुलिस के घेरे में कोर्ट की तरफ बढ़ते हुए रोशन आनंद के तेवर बेहद तल्ख नजर आए। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला उन्हें और उनके बढ़ते कोचिंग संस्थान ‘ज्ञान बिंदु’ को पूरी तरह से बदनाम और बर्बाद करने के लिए बुना गया है। उन्होंने कहा कि उनके संस्थान की लोकप्रियता से परेशान होकर कुछ लोग उन्हें रास्ते से हटाना चाहते हैं, और यह पूरी कार्रवाई उसी रंजिश का हिस्सा है।
‘मुझे फंसाने की स्क्रिप्ट खुद खान सर ने लिखी’
रोशन आनंद ने मीडिया के कैमरों के सामने सीधे तौर पर खान सर का नाम लेते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
“यह पूरा मामला और कुछ नहीं, बल्कि खान सर की रची हुई एक गहरी साजिश है। मुझे इस केस में जबरन फंसाने और ज्ञान बिंदु कोचिंग को बाजार से पूरी तरह खत्म करने के लिए पर्दे के पीछे एक बड़ी योजना (प्लानिंग) तैयार की गई थी। जिस तरह से रातों-रात मेरे खिलाफ कहानियां बनाई गईं और पुलिस को आगे किया गया, उससे साफ है कि निशाने पर मैं और मेरा संस्थान था।”
गोलीबारी के झूठे दावे पर उठाए गंभीर सवाल
अपने बयान में रोशन आनंद ने खान सर के शुरुआती बयानों को ही अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह हमला सच था, तो शुरुआत में गोलीबारी की झूठी कहानी क्यों रची गई? रोशन आनंद ने कहा कि घटना वाली रात किसी भी तरह की कोई गोलीबारी या फायरिंग नहीं हुई थी। इसके बावजूद माहौल को सनसनीखेज बनाने और पुलिस पर दबाव डालने के लिए 10 से 12 राउंड गोली चलने की अफवाह खुद खान सर की तरफ से फैलाई गई, जो कि पूरी तरह से बेबुनियाद और असत्य है।
खान सर के यू-टर्न पर भी कसा तंज
रोशन आनंद ने इस बात पर भी जोर दिया कि खान सर बाद में अपने ही बयान से पूरी तरह पलट गए। गौरतलब है कि घटना के तुरंत बाद खान सर ने मीडिया के सामने दावा किया था कि हमलावरों ने दहशत फैलाने के लिए ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। लेकिन जब पुलिस ने मौके से खोखे बरामद नहीं किए और एफआईआर (FIR) दर्ज होने की बात आई, तो खान सर ने यू-टर्न ले लिया और कहा कि “जैसा मुझे गार्ड ने बताया, मैंने वही मीडिया के सामने बोल दिया।” रोशन आनंद ने कहा कि यह यू-टर्न ही साबित करता है कि पूरी कहानी मनगढ़ंत थी।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई गिरफ्तारी?
आपको बता दें कि यह पूरा हाई-प्रोफाइल विवाद मंगलवार की रात को शुरू हुआ था, जब पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित खान सर की कोचिंग ‘ग्लोबल स्टडीज’ के दफ्तर में कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर हंगामा, मारपीट और तोड़फोड़ की थी। घटना की कुछ वीडियो क्लिप और सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुए, जिसमें कुछ युवक कोचिंग के बाहर लगे बड़े-बड़े पोस्टरों को फाड़ते और वहां मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों (गार्ड्स) को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटते नजर आ रहे थे।
इस हिंसक झड़प में मुख्य गार्ड का सिर फट गया था। खान सर की शिकायत और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर पटना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ‘ज्ञान बिंदु कोचिंग’ के संचालक रोशन आनंद और उनके दो मुख्य सहयोगियों—अभिषेक और गौरव को हिरासत में लिया था।
अब न्यायिक हिरासत (जेल) भेजने की तैयारी में पुलिस
दीघा और कदमकुआं थाने की पुलिस ने तीनों आरोपियों से बंद कमरे में कई घंटों तक सघन पूछताछ की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों से इस हमले के पीछे की मुख्य वजह, पुरानी व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता (Business Rivalry) और हमले के समय मौजूद अन्य लड़कों की पहचान को लेकर सवाल-जवाब किए गए। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अब पुलिस इन तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत (Jail) में भेजने की पूरी कानूनी तैयारी कर चुकी है।
पुलिस की निष्पक्ष जांच पर टिकी सबकी नजरें
इस पूरे मामले पर पटना पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि वे किसी के बयानों या आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि पूरी तरह से वैज्ञानिक और तकनीकी सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रहे हैं। घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है ताकि तोड़फोड़ करने वाले बाहरी लड़कों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही इस पूरे ‘कोचिंग वॉर’ की असली सच्चाई और इसके पीछे के मास्टरमाइंड का चेहरा साफ हो पाएगा। फिलहाल इस भारी विवाद के चलते पटना के छात्र संगठन और शिक्षा जगत के लोग बेहद चिंतित हैं।