BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर से गोलीबारी की गूंज से कांप उठी है। पटना जिले के खुशरूपुर थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव में गुरुवार को गिट्टी सप्लाई और उसके व्यापार को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहा पुराना विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दोनों तरफ से हुई इस लड़ाई में अचानक हथियार निकल आए और गोलियां चलने लगीं। इस भयंकर गोलीबारी में दो महिलाओं सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे गांव और आसपास के इलाके में डर और दहशत का माहौल बना हुआ है।
मामूली कहासुनी से शुरू हुआ खूनी खेल
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, दोनों गुटों के बीच गिट्टी की सप्लाई और बिजनेस के वर्चस्व को लेकर काफी समय से मनमुटाव और तनाव चल रहा था। गुरुवार को इसी कारोबार से जुड़ी किसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआत में दोनों ओर से तीखी बहस और गाली-गलौज हुई, लेकिन देखते ही देखते गुस्सा इतना बढ़ गया कि मामला पूरी तरह हाथ से निकल गया। आरोप है कि बहस के दौरान ही एक पक्ष के कुछ लोगों ने अपने पास रखे अवैध हथियार निकाल लिए और सामने वाले पक्ष पर अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दिया।
गोलियों की आवाज से गूंजा गांव, घरों में दुबके लोग
अचानक हुई इस फायरिंग से चैनपुर गांव में भगदड़ मच गई। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनते ही रास्ते पर चल रहे लोग और आसपास मौजूद ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। लगातार हो रही हवाई और सीधी फायरिंग की वजह से लोग खौफ के मारे अपने-अपने घरों के दरवाजे बंद कर अंदर दुबक गए। कुछ ही मिनटों में पूरा हंसता-खेलता गांव एक पुलिस छावनी और सन्नाटे वाले इलाके में बदल गया।
पेट और पैर में लगी गोली, घायलों में एक मासूम बच्ची भी शामिल
इस हिंसक झड़प और गोलीबारी की चपेट में आने से तीन लोग बुरी तरह जख्मी हुए हैं:
-
दीपक कुमार (26 वर्ष): रविंद्र प्रसाद के पुत्र दीपक कुमार इस गोलीबारी में सबसे ज्यादा गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनके पेट में गोली लगी है, जिससे अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
-
सोना देवी (50 वर्ष): घर के पास मौजूद सोना देवी के पैर में गोली या उसके छर्रे लगे हैं, जिससे वे लहूलुहान हो गईं।
-
नेहा कुमारी (12 वर्ष): इस पूरे विवाद से अनजान 12 साल की मासूम बच्ची नेहा कुमारी भी इस गोलीबारी का शिकार हो गई। उसके भी पैर में गोली लगी है।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और रोते-बिलखते परिजनों की मदद से तीनों घायलों को इलाज के लिए पास के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है।
मौके पर पहुंची पुलिस, फतुहा डीएसपी ने दी जानकारी
जैसे ही खुशरूपुर थाने को गांव में गोलीबारी की सूचना मिली, पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया। भारी संख्या में पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी सूचित किया गया।
फतुहा के डीएसपी-2 ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि मामला गिट्टी सप्लाई और बालू-गिट्टी के कारोबार से जुड़े पुराने विवाद का है। इसी बात को लेकर गुरुवार को झगड़ा बढ़ा और गोलीबारी हुई, जिसमें तीन ग्रामीणों को गोली लगी है।
घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी जांच टीम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अपराधियों को पकड़ने के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। पुलिस की एक विशेष जांच टीम (FSL या टेक्निकल सेल) घटनास्थल पर पहुंचकर कारतूस के खोखे और अन्य सबूत इकट्ठा कर रही है। पुलिस गांव के चश्मदीदों और पीड़ित परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि पहली गोली किस तरफ से चलाई गई थी और इस पूरी वारदात में कुल कितने अपराधी शामिल थे।
गांव में पुलिस बल तैनात, शांति बनाए रखने की अपील
चैनपुर गांव में अभी भी माहौल बेहद तनावपूर्ण है। दो पक्षों का आपसी विवाद दोबारा न भड़के और कोई नई अप्रिय घटना (हिंसा) न हो, इसके लिए पूरे गांव में अतिरिक्त पुलिस बल और जवानों की तैनाती कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और वरिष्ठ अधिकारी ग्रामीणों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अगर व्यापारिक या जमीनी विवादों को समय रहते कानूनी रूप से न सुलझाया जाए, तो वे कभी भी बड़ी तबाही का कारण बन सकते हैं।