BNT Desk: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा में धांधली के मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को बड़ा खुलासा हुआ है। मुंबई स्थित भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) से गिरफ्तार तकनीकी कर्मी रोशन कुमार पर सिर्फ AEDO परीक्षा में गड़बड़ी कराने का आरोप नहीं है, बल्कि जांच में उसके तार बिहार और झारखंड की कई प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मिले हैं। EOU की जांच में अब तक करीब आधा दर्जन परीक्षाओं में पैसे लेकर अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने के साक्ष्य मिले हैं। इनमें NEET-UG 2023, केंद्रीय चयन पर्षद की रेडियो ऑपरेटर परीक्षा, मद्य निषेध परीक्षा, बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) की अमीन भर्ती परीक्षा और झारखंड CGL परीक्षा शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, रोशन कुमार पिछले करीब चार से पांच वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में सेटिंग के जरिए अभ्यर्थियों को पास कराने का काम कर रहा था। उसके संपर्क बिहार के अलावा दूसरे राज्यों में भी बताए जा रहे हैं
रोशन के साथ सहयोगी आकाश कुमार भी गिरफ्तार
इस मामले में EOU ने रोशन कुमार के सहयोगी आकाश कुमार को भी गिरफ्तार किया है। रोशन की उम्र 22 वर्ष है और वह नालंदा जिले के नूरसराय का रहने वाला है। वहीं 25 वर्षीय आकाश कुमार नालंदा के सोहसराय का निवासी है। पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। रोशन कुमार की दिसंबर 2024 में BARC में नियुक्ति हुई थी और फिलहाल वह प्रशिक्षण ले रहा था। जांच एजेंसी अब दोनों आरोपितों से मिली जानकारी के आधार पर बायोमेट्रिक स्टाफ, परीक्षा केंद्रों, अभ्यर्थियों और साल्वर गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
NEET-UG 2023 में स्कॉलर बैठाकर कराया पास
EOU के अनुसार, रोशन और आकाश ने वर्ष 2023 की NEET-UG परीक्षा में एक अभ्यर्थी की जगह स्कॉलर बैठाकर उसे परीक्षा पास कराने में मदद की थी। इस अभ्यर्थी की पहचान और पूरे मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि अमीन भर्ती परीक्षा के दौरान दोनों आरोपितों ने दो अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई थी। इन दोनों मामलों में प्रति अभ्यर्थी 3.5 लाख रुपये बकाया थे। बकाया रकम वसूलने के लिए आरोपितों ने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर दोनों अभ्यर्थियों के अपहरण की योजना भी बनाई थी। EOU को कई ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों में भी सेटिंग के प्रमाण मिले हैं।
रोशन ने खुद भी AEDO परीक्षा में की थी सेटिंग
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रोशन कुमार खुद BPSC AEDO परीक्षा में शामिल हुआ था। उसका परीक्षा केंद्र मोतिहारी में था। आरोप है कि उसने बायोमेट्रिक स्टाफ की मदद से परीक्षा में सेटिंग की थी। EOU के अनुसार, रोशन अपने गिरोह के साथ नालंदा के अलावा भागलपुर भी गया था। वहां परीक्षा केंद्र के अंदर ब्लूटूथ के जरिए अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने का प्रयास किया गया था। वहीं गिरफ्तार आकाश कुमार पर भी AEDO परीक्षा में चार से अधिक अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने का आरोप है। पूछताछ में बायोमेट्रिक कंपनियों के कर्मचारियों, परीक्षा केंद्रों और साल्वर गिरोह से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। इस मामले में अब तक कुल छह लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
25 लाख रुपये में तय हुआ था AEDO परीक्षा का सौदा
EOU के मुताबिक, AEDO परीक्षा में अभ्यर्थी श्वेता कुमारी को पास कराने के लिए रोशन कुमार और उसके सहयोगियों ने 25 लाख रुपये में सौदा तय किया था। जांच के अनुसार, परीक्षा में प्रवेश दिलाने के लिए फर्जी बायोमेट्रिक आईडी तैयार की गई थी। इसके बाद गिरोह के सदस्य चंदन और राहुल को नालंदा के परीक्षा केंद्र में प्रवेश कराया गया। आरोप है कि दोनों ने होलोग्राम वाली पर्ची के बीच छिपाकर आंसर-की कमरे में पहुंचाई। यह आंसर-की कमरा संख्या 25 में परीक्षा दे रही श्वेता कुमारी तक पहुंचाई गई थी। EOU अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
इन परीक्षाओं में भी धांधली के मिले प्रमाण
जांच एजेंसी को अब तक निम्न परीक्षाओं में धांधली के प्रमाण मिले हैं—
- NEET-UG 2023: स्कॉलर बैठाकर अभ्यर्थी को पास कराने का आरोप।
- BPSC AEDO परीक्षा: फर्जी बायोमेट्रिक और सेटिंग के जरिए धांधली।
- रेडियो ऑपरेटर परीक्षा: केंद्रीय चयन पर्षद की परीक्षा में सेटिंग के प्रमाण।
- मद्य निषेध परीक्षा: पैसे लेकर अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने का आरोप।
- अमीन भर्ती परीक्षा: दो अभ्यर्थियों को सेटिंग के जरिए पास कराने के साक्ष्य।
- झारखंड CGL परीक्षा: परीक्षा में धांधली से जुड़े प्रमाण जांच में मिले।
कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच जारी
EOU की जांच में सामने आए तथ्यों से संकेत मिलता है कि परीक्षा में धांधली कराने वाला यह नेटवर्क सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं था। इसके तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी अब गिरोह के अन्य सदस्यों, साल्वर, परीक्षा केंद्रों और बायोमेट्रिक एजेंसियों से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। AEDO परीक्षा में 25 लाख रुपये के सौदे से शुरू हुई जांच अब कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली तक पहुंच गई है। EOU इस पूरे नेटवर्क के जरिए हुई अन्य परीक्षाओं और अभ्यर्थियों की भी जानकारी जुटा रही है।