BNT Desk: बिहार की राजनीति के सबसे बड़े केंद्र और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के सियासी गढ़ ’10 सर्कुलर रोड’ पर शनिवार को अचानक भारी हंगामा और अफरातफरी मच गई। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा सरकारी बंगला खाली न करने और सरकार को दी गई खुली चुनौती के बाद, सचिवालय एसडीपीओ (SDPO) अनु कुमारी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल राबड़ी आवास पहुंच गई है। पुलिस की इस बड़ी हलचल से पटना का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक, एसडीपीओ अनु कुमारी पुलिस टीम के साथ सीधे राबड़ी आवास के अंदर दाखिल हो चुकी हैं।
राबड़ी देवी की खुली चुनौती और पुलिस का एक्शन
इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे की शुरुआत तब हुई जब दिल्ली और गाजियाबाद के दौरे से पटना लौटते ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकारी नोटिस पर बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने मीडिया के सामने दो टूक कहा था कि वह किसी भी कीमत पर यह बंगला खाली नहीं करेंगी। राबड़ी देवी ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लेते हुए सीधे चुनौती दी थी कि “सम्राट चौधरी में हिम्मत है तो फोर्स भेजकर आवास खाली करवा लें।” इस कड़े बयान के कुछ ही घंटों बाद प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस बल उनके दरवाजे पर पहुंच गया।
भवन निर्माण विभाग ने जारी किया है तीसरा नोटिस
भवन निर्माण विभाग ने शुक्रवार को एक कड़ा आदेश जारी किया था, जिसे विभाग की तरफ से भेजा गया तीसरा और अंतिम नोटिस बताया जा रहा है। इस सरकारी नोटिस में साफ तौर पर लिखा है कि पटना स्थित ’10 सर्कुलर रोड’ का यह सरकारी बंगला अब बिहार सरकार के नए पशुपालन मंत्री नंदकिशोर राम के नाम पर आवंटित किया जा चुका है। इसलिए, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी इस आवास को जल्द से जल्द खाली कर दें, ताकि नए मंत्री वहां अपना कामकाज शुरू कर सकें।
39 हार्डिंग रोड का बंगला पहले ही हो चुका है अलॉट
भवन निर्माण विभाग के नियमों और दावों के मुताबिक, राबड़ी देवी वर्तमान में बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) के पद पर हैं। इस संवैधानिक पद के नियमों के तहत नवंबर 2025 में ही उन्हें पटना के ’39 हार्डिंग रोड’ पर एक नया और सर्वसुविधायुक्त सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि नया बंगला अलॉट होने के बावजूद उन्होंने पिछले छह महीनों से पुराने आवास का कब्जा नहीं छोड़ा है, जो कि सरकारी नियमों के खिलाफ है।
2005 से इस बंगले में रह रहा है लालू परिवार
पटना का ’10 सर्कुलर रोड’ सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीति का धुरंधर केंद्र रहा है। साल 2005 में जब राबड़ी देवी का मुख्यमंत्री कार्यकाल समाप्त हुआ था, तब से लेकर आज तक (पिछले करीब 21 वर्षों से) लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और उनका पूरा परिवार इसी बंगले में निवास कर रहा है। आरजेडी के तमाम बड़े नीतिगत फैसले और रणनीतियां इसी आवास से तय होती रही हैं, जिसके कारण लालू परिवार का इससे गहरा भावनात्मक और राजनीतिक जुड़ाव है।
एक महीने पहले भी दिया गया था अल्टीमेटम
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, राबड़ी देवी को यह आवास खाली करने का नोटिस करीब एक महीने पहले भी भेजा गया था। उस समय भी विभाग ने लिखित रूप में स्पष्ट कर दिया था कि नेता प्रतिपक्ष के लिए 39 हार्डिंग रोड का आवास पूरी तरह निर्धारित और तैयार है, इसलिए पुराने वीवीआईपी आवास को खाली करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। अधिकारियों का दावा है कि पिछले छह महीनों में कई बार मौखिक और लिखित अनुरोध किया गया कि लालू परिवार नए आवास में शिफ्ट हो जाए, लेकिन हर बार बात टलती रही।
सिंगापुर में हैं लालू यादव, पीछे से पटना में बढ़ा तनाव
इस पूरे प्रशासनिक और पुलिस एक्शन के बीच एक बड़ी बात यह है कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव इस समय पटना में मौजूद नहीं हैं। वे अपने रूटीन हेल्थ चेकअप (नियमित स्वास्थ्य जांच) के लिए सिंगापुर गए हुए हैं। लालू यादव की अनुपस्थिति में राबड़ी आवास पर इतनी भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती और सचिवालय एसडीपीओ का अंदर जाना बेहद संवेदनशील मोड़ ले चुका है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर पुलिस ने जबरन बंगला खाली कराने की कोशिश की, तो पटना की सड़कों पर राजद कार्यकर्ताओं का भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।