पश्चिमी चम्पारण: आधी रात को अस्पताल पहुंचे मंत्री; नरक जैसे शौचालय और ₹2 की जगह ₹5 की वसूली देख भड़के; PHC प्रभारी और मैनेजर नपेंगे

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BNT Desk: बिहार में सरकारी स्वास्थ्य दावों की जमीनी हकीकत की एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। जिला अंतर्गत रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में शुक्रवार की रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बिहार सरकार के डेयरी एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सह स्थानीय विधायक ने बिना किसी पूर्व सूचना के आधी रात को अस्पताल का औचक निरीक्षण कर दिया।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल के भीतर जो नजारा था, उसे देखकर मंत्री महोदय का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। वार्डों में पसरी भयानक गंदगी, नरक बन चुके शौचालय, बदबूदार बेडशीट और ओपीडी की पर्ची के नाम पर हो रही खुली अवैध वसूली को देखकर मंत्री ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों की जमकर क्लास लगाई। इस पूरे हाई-वोल्टेज औचक निरीक्षण का वीडियो अब सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है।

अस्पताल परिसर में मिला कचरे और गंदगी का अंबार

मंत्री ने जैसे ही अपनी टीम के साथ अस्पताल के भीतर प्रवेश किया, वैसे ही स्वास्थ्य विभाग की बदहाली की पोल खुल गई। अस्पताल के मुख्य गलियारों, वार्डों और ओपीडी परिसर के आसपास कचरे का ढेर लगा हुआ था। नियमित सफाई न होने के कारण चारों तरफ धूल और गंदगी जमी हुई थी, जिससे पूरी सफाई व्यवस्था चरमराई नजर आई। मंत्री ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एक सरकारी अस्पताल में मरीज अपनी बीमारी का इलाज कराने और राहत की उम्मीद लेकर आता है, लेकिन यहां का दूषित माहौल तो स्वस्थ व्यक्ति को भी गंभीर रूप से बीमार कर दे। उन्होंने ठेकेदारों और सफाई विंग को चौबीस घंटे के भीतर व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम दिया।

मरीजों के बेड पर बिछी थीं महीनों पुरानी गंदी चादरें

वार्डों का निरीक्षण करते समय जब मंत्री मरीजों के पास पहुंचे, तो बिस्तरों की हालत देखकर वे दंग रह गए। मरीजों के बेड पर बिछी हुई चादरें (Bedsheets) बेहद गंदी, दाग-धब्बों से भरी और लंबे समय से बिना धुली हुई प्रतीत हो रही थीं। संक्रमण फैलने के इस सीधे खतरे पर मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को स्वच्छ वातावरण और साफ-सुथरा बिस्तर देना किसी भी अस्पताल प्रबंधन की बुनियादी जिम्मेदारी है। इस तरह की घोर लापरवाही मरीजों की जान को जोखिम में डालने जैसी है, जिसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

नरक बने शौचालयों को देख भड़के मंत्री, अधिकारियों को डांटा

अस्पताल की दुर्दशा का सबसे घिनौना रूप तब सामने आया, जब मंत्री खुद शौचालयों (Toilets) की स्थिति जांचने पहुंचे। वहां फैली अत्यधिक गंदगी, पानी की कमी और भयंकर दुर्गंध के कारण वहां एक मिनट भी खड़ा रहना नामुमकिन था। शौचालयों का यह नरक जैसा रूप देखकर मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को डांटते हुए कहा कि आम इंसान तो दूर, बीमार मरीज और उनके लाचार परिजन इस बदतर स्थिति में इन शौचालयों का उपयोग करने को मजबूर हैं। यह मानवीय संवेदनाओं के साथ क्रूर मजाक है। उन्होंने तुरंत ब्लीचिंग पाउडर छिड़कने और सफाई कर्मियों की ड्यूटी तय करने का आदेश दिया।

₹2 की सरकारी पर्ची के नाम पर ₹5 की अवैध वसूली का भंडाफोड़

निरीक्षण के दौरान केवल गंदगी ही नहीं, बल्कि अस्पताल के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार का भी एक बड़ा खुलासा हुआ। जब मंत्री ने वहां इलाज कराने आए गरीब मरीजों और स्थानीय ग्रामीणों से सीधे बातचीत की, तो लोगों ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। मरीजों ने शिकायत की कि अस्पताल की ओपीडी (OPD) में सरकार द्वारा निर्धारित ₹2 की पर्ची काटने के एवज में वहां के कर्मचारी जबरन ₹5 वसूल रहे हैं। मंत्री ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार गरीबों को मुफ्त और सस्ता इलाज देने के लिए करोड़ों खर्च कर रही है, लेकिन यहां गरीबों की जेब काटी जा रही है। यह अवैध वसूली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी और इसमें शामिल कर्मियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।

PHC प्रभारी और मैनेजर को सस्पेंड करने की लिखित अनुशंसा

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) रामनगर में मिली इस भारी अव्यवस्था, घोर प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के बाद मंत्री ने मौके पर ही कड़ा फैसला लिया। उन्होंने इस पूरी बदहाली के लिए सीधे तौर पर पीएचसी प्रभारी डॉ. डी.एस. आर्या और वहां के हॉस्पिटल मैनेजर को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया। मंत्री ने शनिवार की सुबह ही जिला पदाधिकारी (DM) और सिविल सर्जन को एक आधिकारिक और कड़ा पत्र भेजा है, जिसमें दोनों जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कड़ी विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई (निलंबन) करने की लिखित अनुशंसा की गई है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे जिला स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

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