देश में आम लोगों की जेब पर महंगाई का बोझ एक बार फिर बढ़ने लगा है। अगर आपको पिछले कुछ दिनों में सब्जी, राशन, पेट्रोल, ऑटो-रिक्शा या सोना-चांदी खरीदने में पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़े हैं, तो इसकी वजह अब सरकारी आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रही है।
जून 2026 में देश की खुदरा महंगाई (Retail Inflation) बढ़कर 4.38 प्रतिशत पहुंच गई है, जो पिछले छह महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। मई 2026 में यह दर 3.93 प्रतिशत थी। सबसे बड़ी बात यह है कि देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 18 राज्यों में महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर दर्ज की गई है।
महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह क्या रही?
जून महीने में महंगाई बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी रही। इसके अलावा परिवहन सेवाएं महंगी हुईं, निजी वाहन चलाने का खर्च बढ़ा और सोना-चांदी की कीमतों में भी रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला।
महंगाई बढ़ने के प्रमुख कारण
- खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़े।
- ट्रांसपोर्ट सेवाएं महंगी हुईं।
- निजी वाहन चलाने का खर्च बढ़ा।
- सोना और चांदी की कीमतों में तेजी आई।
महीने-दर-महीने आधार पर भी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में 1.03 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो फरवरी 2025 के बाद सबसे बड़ी मासिक वृद्धि मानी जा रही है।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा महंगाई
जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार कई राज्यों में महंगाई दर 5 प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच गई।
- तेलंगाना – 6.36%
- आंध्र प्रदेश – 5.39%
- पुडुचेरी – 5.39%
- तमिलनाडु – 5% से अधिक
- ओडिशा – 5% से अधिक
- मध्य प्रदेश – 5% से अधिक
- अंडमान एवं निकोबार – 5% से अधिक
इनके अलावा कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, केरल, झारखंड, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में भी महंगाई RBI के 4 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर दर्ज की गई।
इन राज्यों में लोगों को मिली राहत
कुछ राज्यों में महंगाई अपेक्षाकृत कम रही।
- मिजोरम – 1.63%
- त्रिपुरा – 3% से कम
- अरुणाचल प्रदेश – 3% से कम
- मेघालय – 3% से कम
- नागालैंड – 3% से कम
- मणिपुर – 3% से कम
- दिल्ली – 3% से कम
रसोई से लेकर ज्वेलरी तक सब हुआ महंगा
जून महीने में फूड इंफ्लेशन बढ़कर 5.32 प्रतिशत हो गया, जबकि मई में यह 4.78 प्रतिशत था। इसका मतलब है कि सबसे ज्यादा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ा।
सबसे ज्यादा महंगे हुए सामान
- अदरक की कीमतों में तेज उछाल।
- टमाटर के दाम बढ़े।
- सोने के आभूषण लगभग 50.2 प्रतिशत महंगे हुए।
- चांदी के आभूषणों की कीमतों में 133 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- ट्रांसपोर्ट सेवाएं महंगी हुईं।
- निजी वाहन चलाने का खर्च भी बढ़ गया।
आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?
महंगाई बढ़ने का सीधा असर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ता है। अगर आमदनी नहीं बढ़ती और रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च लगातार बढ़ता है, तो परिवार का मासिक बजट बिगड़ना तय है। रसोई का खर्च, यात्रा, ईंधन और कीमती धातुओं की कीमतें बढ़ने से लोगों की बचत पर भी असर पड़ सकता है।
जून 2026 के आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि महंगाई अब सिर्फ खाने-पीने की चीजों तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवहन, ईंधन और ज्वेलरी जैसे क्षेत्रों में भी तेजी देखी जा रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में महंगाई पर काबू पाना भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार दोनों के लिए बड़ी चुनौती रहने वाली है।