Ranji Trophy 2025-26 के फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने पहले दिन मजबूत शुरुआत की है। हुबली में खेले जा रहे खिताबी मुकाबले में टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनने के बाद टीम ने लंच तक 34 ओवर में 104/1 का स्कोर बना लिया। यावर हसन ने अर्धशतक पूरा कर टीम को स्थिरता दी, जबकि शुबमन पुंदिर उनके साथ क्रीज पर जमे हुए हैं।
शुरुआती झटका, फिर संभली पारी
कर्नाटक के तेज गेंदबाज Prasidh Krishna ने 11वें ओवर में ओपनर कामरान इकबाल को 6 रन पर आउट कर पहला झटका दिया। इकबाल ने 36 गेंदों का सामना किया, लेकिन रन गति तेज नहीं कर सके। इसके बाद हसन और पुंदिर ने पारी को संभाला और धीरे-धीरे साझेदारी मजबूत की।
लंच के बाद भी दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा। हसन ने अपना अर्धशतक पूरा करते हुए कर्नाटक के गेंदबाजों पर दबाव बनाया।
जे&के का ऐतिहासिक सफर
जम्मू-कश्मीर पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा है। टीम ने इस सीजन शानदार प्रदर्शन किया है। लीग चरण में मुंबई से 35 रन की हार के अलावा टीम लगभग हर मैच में मजबूत रही।
नॉकआउट में उन्होंने मध्य प्रदेश को 56 रन से हराया और सेमीफाइनल में बंगाल को 6 विकेट से मात दी। बंगाल के खिलाफ पहली पारी में पिछड़ने के बावजूद टीम ने वापसी कर मैच जीता।
कर्नाटक का अनुभव बनाम जे&के का जोश
कर्नाटक 14वीं बार रणजी फाइनल खेल रहा है और अनुभव में आगे है। हालांकि टीम पूरे सीजन में उतार-चढ़ाव से गुजरी है। सेमीफाइनल में उन्होंने बड़ा स्कोर खड़ा किया और नॉकआउट में मुंबई को 4 विकेट से हराया।
फाइनल में कर्नाटक की नजर जल्दी विकेट लेकर दबाव बनाने पर है। गेंदबाजों को नई गेंद से और असरदार प्रदर्शन करना होगा।
गेंदबाजों पर रहेगी नजर
जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज Auqib Nabi इस सीजन 9 मैचों में 55 विकेट ले चुके हैं और टीम की सबसे बड़ी ताकत माने जा रहे हैं। फाइनल में उनका प्रदर्शन निर्णायक हो सकता है।
पहले दिन का खेल अब रोमांचक मोड़ पर है। हसन और पुंदिर की साझेदारी कर्नाटक के लिए चुनौती बन रही है, जबकि कर्नाटक की कोशिश जल्द विकेट निकालकर मैच में वापसी करने की होगी।