बिहार: डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने दी देशवासियों को बकरीद की बधाई, SIR मुद्दे पर विपक्ष की अफवाहों को किया बेनकाब

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BNT Desk: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने देश और प्रदेशवासियों को बकरीद (ईद-उल-अजहा) के पवित्र अवसर पर दिली मुबारकबाद पेश की है। पटना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस त्योहार की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने इस धार्मिक मौके पर भी राजनीति करने और शिक्षा सुधार से जुड़े ‘SIR’ (स्टूडेंट एनरोलमेंट रिव्यू) मुद्दे पर समाज में भ्रम फैलाने के लिए विपक्ष को आड़े हाथों लिया।

त्याग, समर्पण और आंतरिक बुराइयों को छोड़ने का पर्व

उपमुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि बकरीद का यह पावन त्योहार हमें समाज में त्याग, बलिदान और समर्पण की भावना सिखाता है। उन्होंने कहा:

“बकरीद केवल एक पारंपरिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर की बुराइयों, अहंकार और स्वार्थ को छोड़ने का एक पवित्र माध्यम है। यह पर्व हमें गरीबों, मजलूमों की मदद करने और समाज में आपसी एकता व भाईचारे के साथ रहने की प्रेरणा देता है।”

उन्होंने कामना की कि यह त्योहार बिहार के हर नागरिक के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लेकर आए।

SIR मुद्दे पर विपक्ष ने फैलाई गलत अफवाह

धार्मिक शुभकामनाओं के बाद विजय चौधरी ने बिहार की वर्तमान राजनीति के सबसे चर्चित विषय—सरकारी स्कूलों से बच्चों के नाम काटे जाने (SIR) के मुद्दे पर विपक्ष पर सीधा हमला बोला। उन्होंने बेहद आक्रामक लहजे में कहा कि पिछले कुछ समय से विपक्ष ने इस प्रशासनिक और सुधारात्मक प्रक्रिया को सांप्रदायिक रंग देने की घटिया कोशिश की है। विपक्ष द्वारा जानबूझकर राज्य के अल्पसंख्यक (मुस्लिम) समुदाय के बीच यह गलत अफवाह फैलाई गई कि सरकार किसी खास वर्ग को निशाना बनाकर उनके बच्चों के नाम स्कूलों से काट रही है।

कोर्ट के फैसले ने लगाया विपक्ष की दलीलों पर “ताला”

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब माननीय अदालत (कोर्ट) ने भी इस पूरे मामले पर अपनी मुहर लगा दी है, जिससे विपक्ष की झूठी और मनगढ़ंत दलीलों पर हमेशा के लिए “ताला लग गया” है। उन्होंने कहा कि जो लोग केवल राजनीति चमकाने के लिए अफवाहें फैला रहे थे, उन्हें अदालत के फैसले से करारा जवाब मिला है। शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जो कड़े कदम उठाए गए थे, उन्हें कानूनन सही पाया गया है।

“नाम कटने में हिंदू-मुसलमान सब शामिल, जाति-धर्म से कोई लेना-देना नहीं”

सच्चाई को उजागर करते हुए विजय चौधरी ने आंकड़ों का हवाला दिया और साफ किया कि सरकारी स्कूलों से केवल उन्हीं बच्चों के नाम हटाए गए हैं जो हफ्तों और महीनों से बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूल से लगातार गायब थे। उन्होंने कहा:

  • समान कार्रवाई: स्कूलों से नाम कटने की इस सूची में किसी एक समुदाय के नहीं, बल्कि हिंदू और मुसलमान दोनों ही धर्मों के बच्चे शामिल हैं।

  • कोई भेदभाव नहीं: इस पूरी विभागीय प्रक्रिया का किसी भी व्यक्ति की जाति, धर्म या संप्रदाय से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि बच्चों के भविष्य और शिक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर घिनौनी राजनीति करने से बाज आएं और सरकार के इस सुधारात्मक कदम में सहयोग करें।

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