बिहार: जनजातीय क्षेत्रों का बदलेगा नक्शा: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की मैराथन और हेलीपोर्ट निर्माण की बड़ी घोषणा

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BNT Desk: बिहार सरकार ने राज्य के जनजातीय (आदिवासी) क्षेत्रों के विकास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद आदिवासी बहुल इलाकों के लिए कई बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की घोषणा की। सरकार की इस नई योजना के तहत बिहार के जनजातीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की मैराथन दौड़ का आयोजन किया जाएगा, साथ ही वाल्मीकिनगर और कैमूर जैसे खूबसूरत प्राकृतिक क्षेत्रों में आधुनिक हेलीपोर्ट का निर्माण कराया जाएगा।

पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर चमकेंगे वाल्मीकिनगर और कैमूर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार का वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण) और कैमूर का इलाका अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। इन क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन बेहतर कनेक्टिविटी न होने के कारण विदेशी और समृद्ध पर्यटक यहां तक आसानी से नहीं पहुंच पाते।

हेलीपोर्ट की सौगात: सरकार वाल्मीकिनगर और कैमूर में अत्याधुनिक हेलीपोर्ट का निर्माण करेगी। इससे देश-विदेश के पर्यटक सीधे हवाई मार्ग (हेलीकॉप्टर) के जरिए इन पर्यटन स्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।

जनजातीय क्षेत्रों में होगा मैराथन का आयोजन

आदिवासी युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने और इन क्षेत्रों की संस्कृति को दुनिया के सामने लाने के लिए सरकार ने जनजातीय इलाकों में ‘विशेष मैराथन’ आयोजित करने का फैसला किया है। इस मैराथन में देश भर के धावक हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री का मानना है कि ऐसे आयोजनों से इन सुदूर इलाकों में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और आदिवासी युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का एक बड़ा मंच मिलेगा।

शिक्षा और छात्रवृत्ति से होगा आदिवासी समाज का सशक्तिकरण

बुनियादी ढांचे और पर्यटन के विकास के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के बच्चों की शिक्षा पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए विशेष छात्रवृत्ति (Scholarship) योजनाओं का दायरा बढ़ाने जा रही है।

  • आधुनिक विद्यालय: जनजातीय बहुल प्रखंडों में आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय विद्यालयों का निर्माण तेज किया जाएगा।

  • आर्थिक मदद: उच्च शिक्षा और तकनीकी कोर्सेज की पढ़ाई करने वाले आदिवासी युवाओं को सरकार सीधे बैंक खातों में आर्थिक सहायता भेजेगी।

 

सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र पर काम कर रही है। लंबे समय से उपेक्षित रहे जनजातीय समाज को उनका हक दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। इन क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाने, शुद्ध पेयजल पहुंचाने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अलग से बजट आवंटित किया जा रहा है। सरकार की इस चौतरफा पहल से निश्चित रूप से बिहार के आदिवासी समाज के जीवन स्तर में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

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