BNT Desk: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में सहरसा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अजीत अमर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में बड़ा एक्शन लिया गया है। EOU ने उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद शुक्रवार सुबह चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। जांच टीम दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, निवेश और अन्य संपत्तियों से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ केस
आर्थिक अपराध इकाई की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी के सत्यापन के बाद अजीत अमर के खिलाफ 6 अगस्त 2026 को आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-17/26 दर्ज किया गया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आय से अधिक संपत्ति के पर्याप्त आधार मिले हैं।
62.20 लाख रुपये अधिक संपत्ति का आरोप
EOU की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अजीत अमर ने अपनी ज्ञात आय से 62 लाख 20 हजार 550 रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है। जांच एजेंसी के अनुसार यह उनकी वैध आय की तुलना में करीब 72.35 प्रतिशत अधिक है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद प्रथम दृष्टया आय से अधिक संपत्ति का मामला बनता है। इसके बाद विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
शुक्रवार सुबह डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में कई टीमों ने एक साथ चार स्थानों पर छापेमारी शुरू की। जिन जगहों पर तलाशी ली जा रही है, उनमें शामिल हैं—
- सिवान जिले के दरौंधा थाना क्षेत्र के रैनी गांव स्थित पैतृक एवं निजी मकान।
- सहरसा के नया बाजार स्थित किराये का आवास।
- सहरसा स्थित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी का कार्यालय।
- छपरा के गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास।
जांच एजेंसी का उद्देश्य इन स्थानों से संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, नकदी, आभूषण, बैंक रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाना है।
विशेष न्यायालय से मिली थी अनुमति
EOU ने बताया कि यह कार्रवाई विशेष न्यायालय निगरानी, उत्तर बिहार, मुजफ्फरपुर से तलाशी वारंट मिलने के बाद की जा रही है। न्यायालय की अनुमति के बाद अलग-अलग टीमों का गठन कर विभिन्न जिलों में एक साथ छापेमारी शुरू की गई। जांच के दौरान अधिकारी चल-अचल संपत्ति, बैंक खातों, निवेश, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग में बढ़ी हलचल
अजीत अमर वर्तमान में सहरसा में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) के पद पर कार्यरत हैं। उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और छापेमारी की कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार जांच टीम कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। हालांकि, अब तक किसी नकदी, आभूषण या अन्य संपत्ति की बरामदगी को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
तलाशी पूरी होने के बाद आएगी पूरी तस्वीर
आर्थिक अपराध इकाई ने कहा है कि फिलहाल तलाशी अभियान जारी है। छापेमारी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जांच के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ है और आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ेगी। यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति से जुड़े अतिरिक्त साक्ष्य मिलते हैं, तो मामले का दायरा और बढ़ाया जा सकता है। साथ ही संपत्ति के स्रोत, निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन की भी विस्तार से जांच की जाएगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच EOU की यह कार्रवाई बिहार के प्रशासनिक तंत्र में एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। अब सभी की नजर तलाशी पूरी होने के बाद आने वाली विस्तृत जांच रिपोर्ट पर टिकी है।