BNT Desk: बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने विधानसभा में अपना बहुमत (Floor Test) साबित कर दिया है। सदन में भारी हंगामे और तीखी नोक-झोंक के बीच ‘सम्राट सरकार’ ने ध्वनि मत से विश्वास मत जीत लिया। इस बड़ी राजनीतिक जीत के बाद आज सुबह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीधे 1 अणे मार्ग (सीएम आवास) पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मुलाकात कर भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की।
विधानसभा में सम्राट का ‘शक्ति प्रदर्शन’ और 26 मिनट का भाषण
बीते दिन बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बेहद गहमागहमी भरा रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन के पटल पर विश्वास मत का प्रस्ताव रखा। इसके बाद उन्होंने लगभग 26 मिनट का यादगार भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने न केवल अपनी सरकार के विकास का रोडमैप पेश किया, बल्कि विपक्ष, खासकर तेजस्वी यादव के हर हमले का कड़ा जवाब भी दिया।
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विकास का संकल्प: सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार अब ‘न्याय के साथ विकास’ की पटरी पर और तेजी से दौड़ेगा।
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पगड़ी पर पलटवार: तेजस्वी यादव ने सदन में सम्राट की पगड़ी पर तंज कसते हुए कहा था कि उन्हें अपनी पगड़ी विजय सिन्हा से बचाकर रखनी चाहिए। इस पर पलटवार करते हुए सम्राट ने स्पष्ट किया कि उनकी पगड़ी बिहार के सम्मान और संकल्प का प्रतीक है।
तेजस्वी को नसीहत: “व्यक्तिगत हमला न करें”
सदन में चर्चा के दौरान तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को लालू यादव की ‘पाठशाला’ से निकला हुआ नेता बताया था। सम्राट चौधरी ने इसका जवाब देते हुए कहा कि लालू यादव भी युवा मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन उन्होंने बिहार के विकास के बजाय उसे लूटने का काम किया।
सम्राट चौधरी का कड़ा बयान:
“लालू यादव ने मेरे परिवार पर अत्याचार किया। यदि उन्होंने वह जुल्म न किया होता, तो आज मैं मुख्यमंत्री नहीं बनता। हालांकि, बाद में उन्होंने सार्वजनिक माफी भी मांगी थी।”
उन्होंने तेजस्वी यादव को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत हमले करने से बचना चाहिए, अन्यथा उन्हें भी वैसे ही हमलों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।
नीतीश कुमार और ललन सिंह से शिष्टाचार मुलाकात
फ्लोर टेस्ट में जीत हासिल करने के अगले ही दिन सम्राट चौधरी का नीतीश कुमार से मिलना राज्य की सत्ता के समीकरणों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। वर्तमान में नीतीश कुमार 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में ही रह रहे हैं। इस मुलाकात के दौरान आगामी लक्ष्य 2026 (Goal 2026) और बिहार में चल रही बड़ी परियोजनाओं पर चर्चा हुई। साथ ही जेडीयू और बीजेपी के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
आज सीतामढ़ी दौरे पर मुख्यमंत्री: पुनौरा धाम में करेंगे पूजा
सत्ता की बागडोर संभालने और बहुमत साबित करने के बाद सम्राट चौधरी आज अपनी पहली बड़ी धार्मिक और आधिकारिक यात्रा पर निकल रहे हैं। वे माता सीता की जन्मस्थली पुनौरा धाम (सीतामढ़ी) जाएंगे।
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जानकी नवमी महोत्सव: मुख्यमंत्री यहाँ जानकी नवमी के पावन अवसर पर आयोजित ‘राजकीय जानकी नवमी महोत्सव’ का भव्य शुभारंभ करेंगे।
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विकास कार्यों का निरीक्षण: वे सिर्फ पूजा-अर्चना ही नहीं करेंगे, बल्कि पुनौरा धाम के आसपास चल रहे सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण भी करेंगे।
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सांस्कृतिक संदेश: उनके इस दौरे को बिहार की सांस्कृतिक विरासत को संजोने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के संकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
बिहार में ‘सम्राट युग’ की शुरुआत?
फ्लोर टेस्ट की जीत ने सम्राट चौधरी की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ कर दिया है। एक तरफ जहां वे सदन में विपक्ष को आक्रामक तरीके से जवाब दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नीतीश कुमार जैसे अनुभवी नेताओं का मार्गदर्शन लेकर वे प्रशासन को भी चुस्त-दुरुस्त करने में जुटे हैं। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि ‘सम्राट सरकार’ बिहार के विकास के लिए घोषित 2026 के लक्ष्यों को कितनी जल्दी धरातल पर उतार पाती है।