बिहार: सम्राट चौधरी ने पास फ्लोर टेस्ट, कहा- ‘लालू जी के अत्याचार ने बनाया मुझे नेता’

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BNT Desk: बिहार की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने विधानसभा में अपना बहुमत (फ्लोर टेस्ट) साबित कर दिया है। विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) प्रेम कुमार ने घोषणा की कि नई सरकार ने ध्वनिमत से विश्वास मत प्राप्त कर लिया है। फ्लोर टेस्ट जीतने के बाद स्पीकर ने नई सरकार को बधाई दी, लेकिन इस प्रक्रिया से पहले सदन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के बीच जबरदस्त जुबानी जंग देखने को मिली।

तेजस्वी को करारा जवाब: ‘सत्ता किसी की बपौती नहीं’

बहुमत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव के आरोपों का बिंदुवार जवाब दिया। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा कि लोकतंत्र में जनता मालिक होती है और सत्ता किसी की निजी जागीर या ‘बपौती’ नहीं होती।

सम्राट चौधरी ने तेजस्वी के उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें अक्सर कहा जाता है कि नेताओं की एक ‘पाठशाला’ होती है। उन्होंने कहा, “कोई किसी की पाठशाला से पढ़कर राजनीति में नहीं आता, परिस्थितियां और संघर्ष इंसान को नेता बनाते हैं।”

अतीत के जख्म: ‘लालू यादव का अत्याचार और मेरा उदय’

सदन में अपने जीवन के संघर्षों को याद करते हुए सम्राट चौधरी भावुक भी हुए और आक्रामक भी। उन्होंने सीधा हमला करते हुए कहा:

“आज मैं जिस मुकाम पर हूँ, उसका श्रेय एक तरह से लालू प्रसाद यादव जी को भी जाता है। अगर लालू जी ने मेरे और मेरे परिवार पर अत्याचार नहीं किया होता, तो शायद आज मैं बिहार का मुख्यमंत्री नहीं होता।”

उन्होंने याद दिलाया कि किस तरह उनके परिवार को राजनीतिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके कारण उन्होंने संघर्ष का रास्ता चुना और आज बिहार के सर्वोच्च पद तक पहुँचे।

नीतीश कुमार का अटूट विश्वास

सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री और एनडीए के मार्गदर्शक नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्वीकार किया कि नीतीश कुमार की हमेशा से यह इच्छा थी कि सम्राट चौधरी बिहार का नेतृत्व करें। उन्होंने कहा, “नीतीश जी चाहते थे कि मैं मुख्यमंत्री बनूँ, इस बात से मैं इनकार नहीं करता। उनके मार्गदर्शन में ही हम बिहार को आगे ले जा रहे हैं।”

सुशासन के 20 साल: एनडीए का रिपोर्ट कार्ड

विपक्ष के आरोपों को नकारते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से बिहार में एनडीए की सरकार ने सुशासन (Good Governance) स्थापित करने का काम किया है। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा:

  • किसानों का हित: एनडीए सरकार ने हमेशा किसानों की आय और उनकी सुविधाओं को प्राथमिकता दी है।

  • महिला सशक्तिकरण: बिहार में महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आरक्षण और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।

  • समृद्ध बिहार: सम्राट चौधरी ने संकल्प दोहराया कि नीतीश कुमार का सपना बिहार को एक विकसित और समृद्ध राज्य बनाना है, और उनकी सरकार इसी लक्ष्य पर काम कर रही है।

विपक्ष की ‘पाठशाला’ पर तंज

चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव को आईना दिखाते हुए कहा कि राजनीति में एफिडेविट और हाफिडेविट की बातें करना या किसी को छोटा दिखाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि वह खुद अदालती लड़ाइयां लड़कर और जनता के बीच पसीना बहाकर यहाँ तक पहुँचे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए एकजुट है और विपक्ष का कोई भी ‘खेला’ अब सफल नहीं होने वाला है।

 विकास की नई राह

फ्लोर टेस्ट में मिली जीत के बाद अब सम्राट चौधरी सरकार के सामने बिहार के विकास की चुनौतियों को पूरा करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार नौकरियों, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने वाली है। सदन में उनकी बॉडी लैंग्वेज और भाषण ने यह साफ कर दिया कि आने वाले समय में वह विपक्ष के हर हमले का जवाब और भी मजबूती से देंगे।

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