सुल्तानगंज: शहीद अधिकारी कृष्ण भूषण कुमार को राजकीय सम्मान और परिजनों को 25 लाख की सहायता, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

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BNT Desk: बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में हुई हृदयविदारक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की दिनदहाड़े हत्या पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत अधिकारी के साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन करते हुए उनके परिवार के लिए बड़े राहत उपायों की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री की संवेदना और आर्थिक सहायता का ऐलान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना को बिहार प्रशासन के लिए एक बड़ी क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि कृष्ण भूषण कुमार एक बेहद ईमानदार और जांबाज अधिकारी थे, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है।

  • 25 लाख की सहायता: मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

  • राजकीय सम्मान: दिवंगत अधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि शहीद अधिकारी का सम्मान हर हाल में सर्वोपरि रहेगा।

क्या थी पूरी घटना?

मंगलवार को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब हथियारबंद अपराधियों ने कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार को निशाना बनाया। अपराधियों ने कार्यालय के भीतर ही उन पर गोलियां बरसा दीं, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।

अधिकारी का परिचय: कृष्ण भूषण कुमार बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के 59वें बैच के होनहार अधिकारी थे। उनके सहयोगियों के बीच वे अपनी कार्यकुशलता और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे।

सभापति राजकुमार गुड्डू की हालत गंभीर

इस हमले में केवल कार्यपालक पदाधिकारी ही नहीं, बल्कि नगर परिषद के सभापति राजकुमार गुड्डू भी बुरी तरह घायल हुए हैं। अपराधियों ने उन पर भी ताबड़तोड़ फायरिंग की।

  • इलाज: सभापति को तुरंत पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

  • मेडिकल अपडेट: मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रविशंकर के अनुसार, सभापति को पेट और सिर में गोली लगी है। उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और वे वर्तमान में न्यूरो ICU में जीवन और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर बिहार पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई। भागलपुर पुलिस ने घेराबंदी कर अपराधियों की तलाश शुरू की। मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

बिहार नगर सेवा संघ की चेतावनी

इस जघन्य हत्याकांड के बाद बिहार के प्रशासनिक महकमे में जबरदस्त आक्रोश है। बिहार नगर सेवा संघ ने इस घटना के विरोध में मोर्चा खोल दिया है।

  • हड़ताल की धमकी: संघ के महासचिव अरविंद कुमार सिंह ने साफ कर दिया है कि अगर सुरक्षा और न्याय को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पूरे राज्य के नगर निकायों के अधिकारी और कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

  • अधिकारियों को पत्र: संघ ने मुख्यमंत्री, गृह विभाग, डीजीपी (DGP), मानवाधिकार आयोग और लोकायुक्त को औपचारिक पत्र लिखकर अपनी मांगें सौंपी हैं। उन्होंने सरकार को सख्त कदम उठाने के लिए 48 घंटे की मोहलत दी है।

प्रशासन और सुरक्षा पर उठते सवाल

दिनदहाड़े सरकारी कार्यालय में घुसकर एक क्लास-2 अधिकारी की हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, सम्राट सरकार ने आर्थिक मदद और राजकीय सम्मान का ऐलान कर घावों पर मरहम लगाने की कोशिश की है, लेकिन नगर सेवा संघ की नाराजगी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में क्या नया सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करती है। फिलहाल, पूरा सुल्तानगंज और प्रशासनिक अमला गमगीन है।

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