BNT Desk: बिहार के रेल यात्रियों के लिए सफर अब और भी आरामदायक और अंतरराष्ट्रीय स्तर का होने जा रहा है। भारतीय रेलवे के दानापुर रेलमंडल ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने क्षेत्र के 15 प्रमुख स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का मास्टर प्लान तैयार किया है। इस योजना का मकसद यात्रियों को स्टेशनों पर होने वाली भीड़, अफरातफरी और प्लेटफॉर्म बदलने की दिक्कतों से पूरी तरह निजात दिलाना है।
इन शहरों के स्टेशनों की बदलेगी तस्वीर
रेलवे ने इस महत्वाकांक्षी पुनर्विकास योजना के लिए उन स्टेशनों को चुना है जहाँ यात्रियों का दबाव सबसे अधिक रहता है। कायाकल्प की इस सूची में निम्नलिखित स्टेशन शामिल हैं:
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पटना जंक्शन, दानापुर और राजेंद्रनगर टर्मिनल
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मोकामा, बिहटा और जहानाबाद
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बख्तियारपुर, आरा और अन्य महत्वपूर्ण स्टेशन।
इन स्टेशनों को ‘अमृत भारत’ जैसी योजनाओं के तर्ज पर स्मार्ट बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुख-सुविधाओं का अहसास होगा।
सीढ़ियों से मुक्ति: हर प्लेटफॉर्म पर मिलेगा एस्केलेटर
रेलवे स्टेशनों पर एक प्लेटफॉर्म से दूसरे पर जाने के लिए भारी सामान के साथ सीढ़ियां चढ़ना हमेशा से यात्रियों के लिए सिरदर्द रहा है। खासकर बुजुर्गों, दिव्यांगों और छोटे बच्चों वाली महिलाओं के लिए यह किसी चुनौती से कम नहीं होता।
दानापुर रेलमंडल की नई योजना के तहत:
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सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म को एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियों) के जरिए फुट ओवरब्रिज (FOB) से जोड़ा जाएगा।
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इससे यात्री बिना थके और बिना किसी शारीरिक परेशानी के अपने निर्धारित प्लेटफॉर्म तक पहुँच सकेंगे।
24 कोच वाली ट्रेनों के लिए तैयार होंगे लंबे प्लेटफॉर्म
अक्सर यात्रियों की यह शिकायत रहती है कि ट्रेन के लंबे होने के कारण कुछ कोच प्लेटफॉर्म से बाहर रह जाते हैं, जिससे उतरते समय गिरने का डर रहता है। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए:
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प्लेटफॉर्म की लंबाई को 24 कोच वाली एक्सप्रेस ट्रेनों के मानक के अनुसार बढ़ाया जाएगा।
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प्लेटफॉर्म की चौड़ाई में भी इजाफा किया जाएगा ताकि ट्रेन आने पर होने वाली भीड़ को आसानी से नियंत्रित किया जा सके। इससे प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को चलने-फिरने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी और भगदड़ जैसी स्थिति नहीं बनेगी।
हाईटेक वेटिंग एरिया और खान-पान की नई व्यवस्था
स्टेशनों पर ट्रेनों का इंतजार करना अब उबाऊ नहीं होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशनों पर विशाल वेटिंग हॉल बनाए जाएंगे।
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आधुनिक बेंच और शेल्टर: प्लेटफॉर्म पर बैठने के लिए अधिक बेंच और धूप-बारिश से बचने के लिए बेहतर शेल्टर लगाए जाएंगे।
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साफ-सुथरा खान-पान: स्टेशनों पर ब्रांडेड और हाइजीनिक फूड स्टॉल लगाए जाएंगे।
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वर्ल्ड क्लास टॉयलेट्स: सफाई पर विशेष ध्यान देते हुए अंतरराष्ट्रीय मानकों के स्वच्छ शौचालय बनाए जाएंगे।
हर प्लेटफॉर्म पर ‘हेल्पलाइन सेंटर’
यात्रियों की मदद के लिए रेलवे एक नई व्यवस्था शुरू कर रहा है। अब यात्रियों को जानकारी के लिए मुख्य पूछताछ केंद्र तक भागने की जरूरत नहीं होगी। हर प्लेटफॉर्म पर एक डेडिकेटेड हेल्पलाइन सेंटर होगा, जहाँ ट्रेन की लोकेशन, समय-सारिणी और टिकट से जुड़ी जानकारी तुरंत मिल जाएगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट
आधुनिकीकरण के इस दौर में सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। नए स्टेशनों के डिजाइन में:
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फायर सेफ्टी सिस्टम: आग से निपटने के लिए आधुनिक छिड़काव यंत्र (Sprinklers) और अलार्म लगाए जाएंगे।
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इमरजेंसी निकासी: किसी भी आपातकालीन स्थिति में भीड़ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बड़े और सुगम निकासी द्वार (Emergency Exits) बनाए जाएंगे।
बिहार में रेल सफर का नया सवेरा
दानापुर रेलमंडल की यह पहल बिहार के परिवहन क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति है। स्टेशनों पर एस्केलेटर, लंबे प्लेटफॉर्म और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के बाद रेल यात्रा न केवल आरामदायक होगी, बल्कि यह राज्य के विकास की नई तस्वीर भी पेश करेगी। जल्द ही इन कार्यों की टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके बाद निर्माण कार्य जमीन पर दिखने लगेगा।