मुजफ्फरपुर: बिहार से निकलेगा एक और वैभव; 14 साल के अयान का दोहरा शतक, टीम इंडिया में जाने का है सपना

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: कहते हैं कि ‘पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं’, यानी किसी व्यक्ति की असाधारण प्रतिभा और उसके सुनहरे भविष्य की झलक बचपन में ही मिलने लगती है। बिहार के समस्तीपुर के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने जिस तरह बहुत कम उम्र में भारतीय टीम में जगह बनाकर पूरी दुनिया को चौंकाया, ठीक उसी राह पर अब उनका एक बेहद करीबी दोस्त भी चल पड़ा है।

हम बात कर रहे हैं मुजफ्फरपुर के 14 वर्षीय उभरते हुए बल्लेबाज अयान राज की। अयान को बिहार क्रिकेट का अगला ‘रन मशीन’ कहा जा रहा है। मुजफ्फरपुर जिला क्रिकेट संघ (MDCA) द्वारा आयोजित जिला अंडर-16 क्रिकेट लीग में अयान की विस्फोटक बल्लेबाजी ने इन दिनों खेल प्रेमियों और क्रिकेट के बड़े-बड़े दिग्गजों व विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

महज 83 गेंदों पर ठोक दिए 210 रन, मैदान पर चौके-छक्कों की बारिश

अयान राज हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बने स्टार खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के बचपन के दोस्त हैं। अपने दोस्त की कामयाबी से प्रेरणा लेते हुए अयान ने जिला अंडर-16 क्रिकेट लीग के उद्घाटन (पहले) मुकाबले में ही एक धमाकेदार दोहरा शतक जड़कर इतिहास रच दिया।

संस्कृति क्लब की तरफ से खेलते हुए अयान राज ने विरोधी टीम के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने महज 83 गेंदों का सामना करते हुए 210 रनों की तूफानी पारी खेली। अपनी इस ऐतिहासिक पारी के दौरान अयान ने मैदान के चारों तरफ आकर्षक शॉट्स लगाए और कुल 35 चौके व 9 गगनचुंबी छक्के जड़े। उनकी इस बल्लेबाजी को देखकर मैदान पर मौजूद हर शख्स दंग रह गया।

अयान के दम पर संस्कृति क्लब ने बनाया 464 रनों का रिकॉर्ड स्कोर

14 साल के इस नन्हे उस्ताद की बदौलत संस्कृति क्लब ने निर्धारित 30 ओवरों के खेल में सिर्फ 4 विकेट खोकर 464 रनों का एक विशाल और रिकॉर्ड स्कोर खड़ा कर दिया। इस ऐतिहासिक और पहाड़ी जैसे स्कोर को बनाने में सबसे बड़ी और मुख्य भूमिका अयान की ही रही। इस मैच के बाद से ही पूरे मुजफ्फरपुर और बिहार के खेल जगत में अयान के नाम की चर्चा तेज हो गई है।

वैसे आपको बता दें कि अयान राज पहली बार सुर्खियों में नहीं आए हैं। इससे पहले भी वे जिला स्तर के क्रिकेट में अपनी धाकड़ बल्लेबाजी का लोहा मनवा चुके हैं। अपनी निरंतरता और रनों की भूख के दम पर अयान अब बिहार क्रिकेट के सबसे चमकते हुए सितारों में गिने जा रहे हैं।

पिछले साल 134 गेंदों में जड़ा था नाबाद ‘तिहरा शतक’

अयान राज के बल्ले से बड़ी पारियां निकलना कोई नई बात नहीं है। पिछले साल यानी 12 जून 2025 को एलएस कॉलेज के मैदान में आयोजित अंडर-14 जिला क्रिकेट लीग मैच में उन्होंने जो किया था, उसकी गूंज आज भी सुनाई देती है।

उस मुकाबले में संस्कृति क्रिकेट एकेडमी की ओर से खेलते हुए अयान ने 134 गेंदों में नाबाद 327 रनों की तिहरी शतकीय (Triple Century) पारी खेली थी। उस ऐतिहासिक मैच में उन्होंने 200 से भी ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे, जिसमें 22 छक्के और 40 चौके शामिल थे। इसी पारी के बाद अयान पहली बार बिहार के खेल प्रेमियों की नजरों में आए थे।

MDCA के बैटिंग लीडरबोर्ड पर टॉप पर हैं अयान

अयान की इस रिकॉर्ड तोड़ और बेमिसाल बल्लेबाजी का ही नतीजा है कि वे इस समय मुजफ्फरपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन (MDCA) के बैटिंग लीडरबोर्ड पर 36.74 अंकों के साथ शीर्ष (पहले स्थान) पर काबिज हैं। अयान को क्रिकेट का शौक बचपन से ही था। उन्होंने महज 3 साल की छोटी सी उम्र में पहली बार अपने हाथों में बल्ला थामा था।

सिर पर लगी थी गंभीर चोट, पर नहीं हारा हौसला

मुजफ्फरपुर शहर के सातपुरा नीम चौक मोहल्ले के रहने वाले अयान के पिता दिनेश कुमार ने अपने बेटे के संघर्ष के बारे में बात करते हुए एक पुराना किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि जब अयान सिर्फ तीन साल के थे, तब खेलते समय उनके सिर पर अचानक क्रिकेट का बल्ला लग गया था।

चोट काफी गंभीर थी, लेकिन इस हादसे के बाद भी नन्हे अयान का हौसला जरा भी कम नहीं हुआ। अस्पताल से ठीक होकर वापस आते ही उन्होंने फिर से मैदान का रुख किया। अयान दाएं हाथ के एक बेहतरीन बल्लेबाज होने के साथ-साथ शानदार ऑफ-स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं, जो उन्हें एक परफेक्ट ऑलराउंडर बनाता है।

“टीम इंडिया और आईपीएल खेलना है मेरा असली सपना” — अयान राज

अयान राज ने फोन पर मीडिया से बातचीत करते हुए अपने दिल की बात साझा की। उन्होंने बताया कि उनका अंतिम लक्ष्य और सबसे बड़ा सपना भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम (Team India) के लिए खेलना और नीली जर्सी पहनना है। इसके साथ ही वे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी अपना जलवा बिखेरना चाहते हैं।

“अभी मैं जिला स्तर पर खेल रहा हूं, लेकिन मेरा सपना देश के लिए खेलना है। इसके लिए मैं रोज़ाना कड़ी मेहनत कर रहा हूं और आगे भी पूरी लगन से अभ्यास जारी रखूंगा। मैं अपने खेल से बिहार और पूरे देश का नाम दुनिया भर में रोशन करना चाहता हूं।”

अयान राज, युवा क्रिकेटर

अयान अपनी इस सफलता का श्रेय अपने कोच की कड़ी मेहनत को देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बचपन के दोस्त वैभव सूर्यवंशी की सफलता उन्हें हर दिन मैदान पर और ज्यादा पसीना बहाने का जुनून देती है। अयान के पिता दिनेश कुमार और उनके कोच भी दिन-रात उनके सपने को पूरा करने में जुटे हुए हैं।

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