हाजीपुर नगर परिषद के अकाउंटेंट पर शिकंजा: आय से 208% अधिक संपत्ति मामले में EOU की बड़ी छापेमारी

BiharNewsAuthor
5 Min Read

BNT Desk: बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नीतीश सरकार का जीरो टॉलरेंस अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज यानी 11 जून 2026 की सुबह वैशाली जिले के हाजीपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। हाजीपुर नगर परिषद कार्यालय में तैनात लेखापाल (अकाउंटेंट) मनीष कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। मनीष कुमार के खिलाफ ज्ञात आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था, जिसके आलोक में आज सुबह से ही उनके ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। इस अचानक हुई कार्रवाई से नगर परिषद महकमे और स्थानीय प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

विशेष न्यायालय से वारंट लेकर 02 ठिकानों पर एक साथ तलाशी शुरू

मिली जानकारी के अनुसार, आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने इस कार्रवाई से पहले पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया। माननीय विशेष न्यायालय निगरानी (उत्तर बिहार, मुजफ्फरपुर) से विधिवत तलाशी अधिपत्र (सर्च वारंट) प्राप्त किया गया। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया।

आज सुबह टीमों ने मनीष कुमार के कुल दो अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दस्तक दी:

  1. बागमली स्थित निजी आवास: हाजीपुर के बागमली मोहल्ला स्थित मनीष कुमार के आलीशान घर पर टीम सुबह ही पहुंच गई और पूरे परिसर को घेरकर तलाशी शुरू कर दी।

  2. नगर परिषद कार्यालय स्थित आवास/कार्यालय: इसके साथ ही हाजीपुर नगर परिषद कार्यालय परिसर स्थित उनके आधिकारिक ठिकाने पर भी एक दूसरी टीम ने धावा बोला।

इस पूरी छापेमारी की कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध या सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी और जवान भी मौके पर मौजूद हैं।

कमाई से 208.57% ज्यादा संपत्ति

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मनीष कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद EOU द्वारा गुप्त रूप से इन शिकायतों का सत्यापन (Verification) कराया गया। जांच और सत्यापन के क्रम में जो आंकड़े सामने आए, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया।

  • दर्ज प्राथमिकी: इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई थाना में कांड संख्या–10/26 के तहत मनीष कुमार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

  • अवैध संपत्ति का आंकड़ा: प्राथमिक जांच में मनीष कुमार के पास कुल 2,02,31,500/- रुपये (दो करोड़ दो लाख इकतीस हजार पांच सौ रुपये) की आय से अधिक संपत्ति होने के पुख्ता और प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाए गए हैं।

  • प्रतिशत का गणित: यह कुल अवैध संपत्ति उनके वैध और ज्ञात आय के स्रोतों से लगभग 208.57 प्रतिशत अधिक है। यानी अकाउंटेंट साहब ने अपनी वास्तविक सैलरी और कमाई से दोगुनी से भी ज्यादा की संपत्ति अवैध तरीकों से खड़ी कर ली थी।

 

दस्तावेजों और लॉकरों को खंगाल रही है टीम, बड़े खुलासे की उम्मीद

फिलहाल हाजीपुर के बागमली स्थित आवास और कार्यालय दोनों ही जगहों पर EOU की छापेमारी की कार्यवाही लगातार जारी है। घर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, टीम मनीष कुमार और उनके परिजनों के नाम पर मौजूद बैंक खातों, फिक्स डिपॉजिट (FD), जमीन-मकान के कागजात और सोने-चांदी के जेवरातों की डिटेल्स खंगाल रही है।

अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि नगद राशि और कुल कितनी बेनामी संपत्ति का पता चला है। नगर परिषद के एक मामूली अकाउंटेंट के पास करोड़ों की काली कमाई का यह मामला सामने आने के बाद शहर में इसकी जमकर चर्चा हो रही है। इस कार्रवाई से अन्य भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी डर का माहौल है।

Share This Article