वैभव सूर्यवंशी के बाद अब उनके 10 साल के भाई आशीर्वाद का धमाका: लोकल मैच में जड़ा करियर का पहला तूफानी शतक

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: भारतीय क्रिकेट जगत में बिहार के युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी के नाम का डंका तो पहले से ही बज रहा है, लेकिन अब उनके घर से एक और नया सुपर स्टार निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई, महज 10 साल के आशीर्वाद सूर्यवंशी ने घरेलू क्रिकेट के गलियारों में तहलका मचा दिया है। आशीर्वाद ने समस्तीपुर में खेले गए एक लोकल प्रैक्टिस मैच में अपने करियर का पहला शानदार शतक ठोक दिया है। इस नन्हे खिलाड़ी ने क्रिकेट अकादमी ताजपुर की ओर से खेलते हुए विरोधी टीम के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और अपनी क्लास दिखाई। इस पारी के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनकी बल्लेबाजी के चर्चे तेज हो गए हैं और लोग उन्हें बिहार क्रिकेट का अगला भविष्य बता रहे हैं।

87 गेंदों में 103 रनों की विस्फोटक पारी, मैदान के चारों तरफ लगाए शॉट्स

आशीर्वाद सूर्यवंशी ने इस प्रैक्टिस मैच में शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने अपनी उम्र से कहीं अधिक परिपक्वता दिखाते हुए मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट्स खेले।

आशीर्वाद की पारी के मुख्य आंकड़े:

  • कुल रन: 103 रन

  • गेंदे खेलीं: 87 गेंद

  • स्ट्राइक रेट: 118.39 का शानदार स्ट्राइक रेट

  • बाउंड्रीज: अपनी इस शतकीय पारी में उन्होंने 20 बेहतरीन चौके और 1 गगनचुंबी छक्का लगाया। यानी अपनी पारी के 86 रन उन्होंने सिर्फ चौकों-छक्कों की मदद से बाउंड्री में ही बटोर लिए।

आशीर्वाद की इस मैराथन और विस्फोटक पारी का अंत तब हुआ, जब उन्होंने गेंदबाज प्रशांत राज की एक गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वहां मौजूद फील्डर आयुष सिंह को एक आसान सा कैच थमा दिया। भले ही वह आउट हो गए, लेकिन पवेलियन लौटने से पहले उन्होंने अपनी टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था।

बड़े भाई उज्ज्वल ने शेयर किया स्कोरकार्ड, सोशल मीडिया पर मिली तारीफें

आशीर्वाद सूर्यवंशी राइट हैंड (दाएं हाथ) के बल्लेबाज हैं। उनके इस ऐतिहासिक पहले शतक की खुशी पूरे परिवार में साफ देखी जा सकती है। आशीर्वाद के सबसे बड़े भाई उज्ज्वल सूर्यवंशी ने इस उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए सोशल मीडिया पर उनके शतक का फोटो और आधिकारिक स्कोरकार्ड शेयर किया। स्कोरकार्ड के इंटरनेट पर आते ही क्रिकेट फैंस ने इस नन्हे खिलाड़ी की तारीफों के पुल बांधने शुरू कर दिए। क्रिकेट समीक्षकों का कहना है कि 10 साल की उम्र में 118 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 87 गेंदों तक क्रीज पर टिककर शतक बनाना कोई मामूली बात नहीं है।

“छोटे बेटे आशीर्वाद को भी आशीर्वाद दो”— भावुक हुए पिता संजीव सूर्यवंशी

बेटे की इस कामयाबी पर उनके पिता संजीव सूर्यवंशी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए बेहद भावुक अपील की। संजीव सूर्यवंशी ने लिखा:

“आशीर्वाद सूर्यवंशी ने आज प्रैक्टिस मैच में अपने करियर का पहला शतक बनाया है। यह हमारे पूरे परिवार के लिए एक गर्व का क्षण है। मैं आप सभी खेल प्रेमियों और शुभचिंतकों से अनुरोध करता हूं कि जिस तरह आपने वैभव को प्यार दिया, उसी तरह छोटे बेटे आशीर्वाद पर भी अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें।”

पिता का बड़ा सपना: “वैभव की तरह ही देश का नाम रोशन करेगा आशीर्वाद”

तीन भाइयों के इस परिवार में वैभव सूर्यवंशी मंझले भाई हैं, जो पहले ही अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर चुके हैं और टीम इंडिया के उभरते हुए सितारे माने जा रहे हैं। सबसे बड़े भाई उज्ज्वल सूर्यवंशी हैं और सबसे छोटे आशीर्वाद सूर्यवंशी हैं।

पिता संजीव ने आशीर्वाद के भविष्य की योजनाओं को लेकर बताया कि वह दोनों बेटों को देश का बेहतरीन क्रिकेटर बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “आशीर्वाद अभी बहुत छोटा है, लेकिन वह क्रिकेट की कड़े नियमों के साथ ट्रेनिंग ले रहा है। मेरा लक्ष्य है कि आने वाले दो सालों के भीतर कड़ी मेहनत और सही गाइडेंस के जरिए आशीर्वाद को भी वैभव की तरह ही एक बेहतरीन और आक्रामक अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेटर तैयार कर सकूं।”

बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी की तरह ही अटैकिंग क्रिकेट खेलते हैं आशीर्वाद

क्रिकेट कोच और स्थानीय जानकारों की मानें तो आशीर्वाद के खेलने का अंदाज काफी हद तक उनके बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी से मिलता-जुलता है। दोनों भाइयों की बल्लेबाजी शैली में एक बात बिल्कुल कॉमन है और वह है—’अटैकिंग अप्रोच’ (आक्रामक बल्लेबाजी)। आशीर्वाद क्रीज पर आते ही गेंदबाजों पर दबाव बनाना पसंद करते हैं और गैप ढूंढकर चौके निकालने में माहिर हैं। समस्तीपुर के स्थानीय मैदानों से शुरू हुआ आशीर्वाद का यह सफर यदि इसी रफ्तार से जारी रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब भारत की जर्सी में दोनों सूर्यवंशी भाई एक साथ मैदान पर विरोधी टीमों के छक्के छुड़ाते हुए नजर आएंगे।

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