बिहार: सम्राट चौधरी की दूसरी कैबिनेट बैठक में 63 बड़े प्रस्तावों पर मुहर, विकास की रफ्तार हुई तेज

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BNT Desk: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार पूरी गति के साथ काम कर रही है। बुधवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की दूसरी बैठक में विकास और सुशासन की दिशा में कई बड़े कदम उठाए गए। करीब 1 घंटे 15 मिनट तक चली इस मैराथन बैठक में कैबिनेट ने एक साथ 63 अहम एजेंडों पर अपनी स्वीकृति दे दी है।

यह बैठक इसलिए भी खास है क्योंकि महज एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी कैबिनेट मीटिंग थी, जिसमें सरकार ने पिछले बार के मुकाबले तीन गुना अधिक प्रस्तावों को मंजूरी देकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं।

63 एजेंडों पर मुहर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई। हालांकि, विस्तृत फैसलों की जानकारी आधिकारिक ब्रीफिंग में साझा की जा रही है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े प्रस्तावों का इसमें बोलबाला रहा।

मंत्रिपरिषद ने उन योजनाओं को प्राथमिकता दी है, जिनका सीधा लाभ आम जनता और युवाओं को मिल सके। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री, विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद रहे।

टाउनशिप योजना पर बड़ा अपडेट

कैबिनेट की बैठक में राज्य के शहरीकरण को व्यवस्थित करने के लिए एक दूरगामी फैसला लिया गया है। बिहार के 11 शहरों में ‘ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ विकसित करने की योजना को जमीन पर उतारने के लिए मंत्रिपरिषद ने इन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने पर रजामंदी दी है।

इन शहरों में लगेगी रोक:

  • पटना, सोनपुर, छपरा और मुजफ्फरपुर।

  • गया, दरभंगा, सीतामढ़ी और सहरसा।

  • पूर्णिया, भागलपुर और मुंगेर।

इस रोक का उद्देश्य टाउनशिप के लिए चिह्नित भूमि पर अवैध निर्माण और भू-माफियाओं के हस्तक्षेप को रोकना है, ताकि सरकार एक सुनियोजित और आधुनिक शहर बसा सके।

पहली बैठक की यादें

आज की 64 प्रस्तावों वाली बैठक से पहले, 22 अगस्त को सम्राट कैबिनेट की पहली औपचारिक बैठक हुई थी। उस बैठक में भी 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी।

  • हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर: सबसे प्रमुख फैसला सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर भव्य रूप देने का था। इसके लिए सरकार ने भारी-भरकम बजट भी आवंटित किया था।

  • महिला सुरक्षा: पहली बैठक में ही महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी और पेट्रोलिंग के लिए बाइक देने जैसे सुरक्षा संबंधी निर्णय लिए गए थे।

सम्राट चौधरी का कार्यकाल

बता दें कि इसी महीने 15 अप्रैल को बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली थी। उन्होंने नीतीश कुमार का स्थान लिया, जिसके बाद बिहार में एक नए राजनैतिक युग की शुरुआत हुई। वर्तमान में कैबिनेट का स्वरूप छोटा है, जिसमें मुख्यमंत्री के अलावा केवल दो उपमुख्यमंत्री शामिल हैं।

कैबिनेट विस्तार की तैयारी:

सरकार के कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अगले महीने (मई) की शुरुआत में कैबिनेट विस्तार होने की पूरी संभावना है। माना जा रहा है कि विस्तार के बाद कई नए चेहरों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे शासन व्यवस्था में और अधिक गति आएगी।

क्या कहते हैं ये फैसले?

एक घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक और 63 एजेंडों की मंजूरी यह दर्शाती है कि सम्राट सरकार ‘वेट एंड वॉच’ की नीति के बजाय सीधे ‘एक्शन’ में यकीन रख रही है। 11 शहरों में टाउनशिप और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे कदम बिहार की तस्वीर बदलने वाले साबित हो सकते हैं। अब जनता की नजरें इन फैसलों के जमीनी क्रियान्वयन (Execution) पर टिकी हैं।

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