BNT Desk: बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के विकास का एक महत्वाकांक्षी खाका पेश किया है। उन्होंने न केवल औद्योगिक निवेश पर जोर दिया, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को लेकर भी सरकार की भविष्य की योजनाओं का खुलासा किया। सीएम ने साफ किया कि नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार अब ‘पिछड़ा’ नहीं, बल्कि ‘समृद्ध’ राज्य बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
निजी निवेश: 5 लाख करोड़ का महा-लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए निजी निवेश (Private Investment) को सबसे बड़ा हथियार बताया है। उन्होंने सदन में आंकड़े पेश करते हुए कहा:
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पिछला रिकॉर्ड: पिछले 2 वर्षों में बिहार में लगभग 1,36,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश धरातल पर उतारा गया है।
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अगला लक्ष्य: सरकार ने संकल्प लिया है कि अगले 1 साल के भीतर बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के उस बयान का स्वागत किया जिसमें उन्होंने अच्छे कार्यों में समर्थन देने की बात कही थी। सम्राट चौधरी ने कहा, “यह अच्छी बात है कि विपक्ष विकास के मुद्दे पर साथ है। हम भी देखेंगे कि उनका यह समर्थन जमीन पर कैसा रहता है।”
नीतीश कुमार: राजनीति और दिल के ध्रुव
नीतीश कुमार के नेतृत्व पर चर्चा करते हुए सम्राट चौधरी ने भावुक और कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार एक इच्छाशक्ति वाले नेता हैं। उन्हें न तो बिहार की राजनीति से कोई बेदखल कर सकता है और न ही लोगों के दिलों से। उन्होंने इस बात को फिर दोहराया कि नीतीश कुमार की ही इच्छा और आशीर्वाद से आज वह (सम्राट चौधरी) बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा कर रहे हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य: बुनियादी ढाँचे में बड़े बदलाव
सरकार का ध्यान अब युवाओं और आम नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं पर है:
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हर ब्लॉक में डिग्री कॉलेज: उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने घोषणा की है कि बिहार के सभी प्रखंडों (Blocks) में एक-एक डिग्री कॉलेज खोला जाएगा। अब तक 208 डिग्री कॉलेज बनाए जा चुके हैं, जिन्हें जल्द ही एक साथ शुरू कर दिया जाएगा।
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स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: सीएम ने कहा कि जिला अस्पतालों को इतना सक्षम बनाया जाएगा कि यदि किसी को गंभीर इलाज की जरूरत पड़े, तो उसे पटना या दिल्ली न भागना पड़े। मरीज दो-तीन दिन जिले में ही रहकर अपना पूरा इलाज करा सकेंगे।
कोसी का कायाकल्प और हवाई नेटवर्क
बिहार के भौगोलिक विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कोसी कभी ‘अभिशाप’ मानी जाती थी, अब वह अपनी नई परियोजनाओं के कारण ‘वरदान’ साबित हो रही है। इसके साथ ही बिहार में हवाई कनेक्टिविटी (Air Connectivity) को लेकर भी सरकार युद्धस्तर पर काम कर रही है:
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पूर्णिया एयरपोर्ट: पूर्णिया में हवाई सेवाएं शुरू हो चुकी हैं।
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दरभंगा एयरपोर्ट: यह पूरी तरह चालू है और उत्तर बिहार के लिए लाइफलाइन बना हुआ है।
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नई योजनाएं: किशनगंज, फारबिसगंज और सहरसा में भी एयरपोर्ट बनाने की योजना पर काम चल रहा है।
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वीरपुर एयरपोर्ट: इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
नए बिहार की उम्मीद
सम्राट चौधरी के इस संबोधन से स्पष्ट है कि एनडीए सरकार अब केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस ‘डेटा’ और ‘डिलीवरी’ पर ध्यान केंद्रित कर रही है। 5 लाख करोड़ का निवेश लक्ष्य और हर ब्लॉक में कॉलेज की योजना अगर सफल होती है, तो यह बिहार के युवाओं के लिए पलायन रोकने का सबसे बड़ा जरिया बनेगा। मुख्यमंत्री ने यह संदेश दे दिया है कि उनकी सरकार ‘सुशासन’ और ‘समृद्धि’ के ट्रैक पर मजबूती से आगे बढ़ रही है।