पटना: दानापुर और बेली रोड के पंपों पर लगी ‘लिमिट’, खाली हाथ लौट रहे वाहन चालक

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BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना में इन दिनों पेट्रोल की किल्लत ने आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और ‘वर्क फ्रॉम होम’ को अपनाने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पटना के कई इलाकों में ईंधन का संकट गंभीर होता जा रहा है। विशेष रूप से दानापुर, बेली रोड और गोला रोड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और तेल की सीमित बिक्री ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

तेल की बिक्री पर लगी पाबंदी

राजधानी के कई इलाकों में पेट्रोल पंप संचालकों ने तेल की राशनिंग (सीमित बिक्री) शुरू कर दी है। इसका मुख्य कारण टैंकरों से होने वाली आपूर्ति में आई भारी कमी बताई जा रही है। पंपों को पूरी तरह ‘ड्राई’ (खाली) होने से बचाने के लिए संचालकों ने निम्नलिखित सीमाएं तय की हैं:

  • इंडियन ऑयल (बेली रोड): यहाँ बाइक सवारों को अधिकतम ₹300 और कार चालकों को ₹1500 तक का ही पेट्रोल दिया जा रहा है।

  • भारत पेट्रोलियम (गोला रोड): इस पंप पर बाइक के लिए ₹200 और कार के लिए मात्र ₹1000 की सीमा तय की गई है।

  • आरपीएस मोड़: यहाँ भी सीमित आपूर्ति के कारण भीड़ अनियंत्रित हो रही है।

‘पैनिक बाइंग’ से बिगड़ रहे हालात

आरपीएस मोड़ स्थित पेट्रोल पंप के प्रबंधक विनोद सिंह ने बताया कि आसपास के कई पंपों पर स्टॉक खत्म होने की वजह से उनके यहाँ अचानक भीड़ बढ़ गई है। उन्होंने कहा, “जितनी मांग है, उतनी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में अगर लोग घबराकर टंकी फुल कराने लगेंगे, तो जरूरतमंदों को तेल नहीं मिल पाएगा। इसीलिए लिमिट लगाई गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को ईंधन मिल सके”

विनोद सिंह के अनुसार, टैंकरों की सप्लाई पहले की तुलना में काफी धीमी हुई है, जिसका सीधा असर खुदरा बिक्री पर पड़ रहा है।

जनता की व्यथा

पेट्रोल पंपों पर घंटों कतार में खड़े लोगों का गुस्सा भी अब फूटने लगा है। बुलेट सवार सुधीर कुमार ने अपनी मजबूरी साझा करते हुए कहा कि वह ₹1000 का तेल लेने आए थे, लेकिन उन्हें सिर्फ ₹300 का पेट्रोल दिया गया। सुधीर ने कहा, “मैं सेल्स सेक्टर में हूँ और मुझे दिन भर फील्ड में रहना पड़ता है। पीएम मोदी वर्क फ्रॉम होम की बात कर रहे हैं, लेकिन हमारी कंपनियां जब तक नहीं मानेंगी, तब तक फील्ड में उतरे बिना काम नहीं चलेगा”

इसी तरह, स्कूटी में फुल टैंक कराने पहुँचे निर्भय दुबे ने बताया कि वह कई दिनों से टंकी फुल नहीं करा पा रहे हैं और बार-बार पेट्रोल पंप के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय कारणों का असर

पेट्रोल पंप मैनेजर अनीश कुमार ने इस संकट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने बताया कि उनके पंप पर शनिवार को तेल खत्म हो गया था और मंगलवार सुबह टैंकर पहुँचने के बाद सप्लाई बहाल हुई है। अनीश के अनुसार, “भारत पेट्रोलियम उत्पादों के लिए विदेशों पर निर्भर है। अंतरराष्ट्रीय हालात का असर सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। लोगों को घबराने के बजाय सहयोग करना चाहिए और निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना चाहिए”

सामान्य होने में लगेगा समय

फिलहाल पटना के पश्चिमी इलाकों में पेट्रोल की किल्लत बरकरार है। प्रशासन और तेल कंपनियों की ओर से आपूर्ति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन तब तक राजधानीवासियों को लंबी कतारों और सीमित तेल के बीच ही अपनी जरूरतें पूरी करनी होंगी।

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